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Noida News: जांच रिपोर्ट के बाद खुलेगा बीडीएस विभाग
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- हास्टल में बीडीएस छात्रा की आत्महत्या का मामला, विवि परिसर के बाहर पुलिस बल तैनात
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय में बीडीएस छात्रा की आत्महत्या मामले में पुलिस ने हॉस्टल के वार्डन समेत बाकी प्रोफेसरों से पूछताछ की है। पुलिस में बीडीएस विभाग को सील कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही विभाग को खोलने की अनुमति दी जाएगी। वहीं विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति भी मामले की जांच कर रही है। परिसर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
अहम है कि आत्महत्या के बाद उपजे विवाद की वजह से विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले सोमवार और मंगलवार की परीक्षा और कार्यक्रम को स्थगित कर दी गई थी। विवि प्रबंधन की ओर से 23 जुलाई से कक्षाएं के फिर से शुरू होने और परीक्षाएं आयोजित किए जाने की बात कही गई है। गुरुग्राम निवासी छात्रा ज्योति शर्मा (21) ने शुक्रवार शाम छात्रावास में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। छात्रा ने सुसाइड नोट में सहायक और एसोसिएट प्रोफेसर पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था।
पुलिस को दी शिकायत में छात्रा के पिता रमेश जांगड़ा ने मामले में डेंटल साइंस विभाग के डीन प्रो. (डॉ.) एम. सिद्धार्थ, विभागाध्यक्ष (एचओडी) प्रो. डॉ. आशीष चौधरी, प्रो. डॉ. अनुराग, एसोसिएट प्रो. डॉ. महिंदर सिंह चौहान, सहायक प्रो. डॉ सुरभी, सहायक प्रो. डॉ. शैरी वशिष्ठ पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस ने मामले में शैरी वशिष्ठ और महिंदर सिंह चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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कार्रवाई की मांग करते अलग-अलग संगठनों ने किया प्रदर्शन
ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय में बीडीएस की छात्रा की आत्महत्या मामले में अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र संगठनों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंरा गया। ज्ञापन में विश्वविद्यालय के आरोपी प्रोफेसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर नॉलेज गेट पर प्रदर्शन की चेतावनी दी। वहीं सोमवार को नॉलेज पार्क-3 गोल चक्कर के पास होने वाला प्रदर्शन को छात्रों ने स्थगित कर दिया। अधिवक्ता पवन भाटी ने कहा छात्रा के पिता द्वारा विश्वविद्यालय जाकर माफी मांगने के बाद भी उत्पीड़न जारी रहा। इससे परेशान होकर, ज्योति ने आत्महत्या कर ली। सरकार को इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच करानी चाहिए। इस दौरान नीरज भाटी, विशाल नागर, सचिन भाटी, प्रिंस भाटी, मोहित भाटी, अमित, केके भाटी, रवि, नरेश, जयन्त भाटी, रोहित, सौरभ भाटी, कर्मवीर व दर्जनों कॉलेज के छात्र उपस्थित रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय में बीडीएस छात्रा की आत्महत्या मामले में पुलिस ने हॉस्टल के वार्डन समेत बाकी प्रोफेसरों से पूछताछ की है। पुलिस में बीडीएस विभाग को सील कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही विभाग को खोलने की अनुमति दी जाएगी। वहीं विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति भी मामले की जांच कर रही है। परिसर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
अहम है कि आत्महत्या के बाद उपजे विवाद की वजह से विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले सोमवार और मंगलवार की परीक्षा और कार्यक्रम को स्थगित कर दी गई थी। विवि प्रबंधन की ओर से 23 जुलाई से कक्षाएं के फिर से शुरू होने और परीक्षाएं आयोजित किए जाने की बात कही गई है। गुरुग्राम निवासी छात्रा ज्योति शर्मा (21) ने शुक्रवार शाम छात्रावास में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। छात्रा ने सुसाइड नोट में सहायक और एसोसिएट प्रोफेसर पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था।
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पुलिस को दी शिकायत में छात्रा के पिता रमेश जांगड़ा ने मामले में डेंटल साइंस विभाग के डीन प्रो. (डॉ.) एम. सिद्धार्थ, विभागाध्यक्ष (एचओडी) प्रो. डॉ. आशीष चौधरी, प्रो. डॉ. अनुराग, एसोसिएट प्रो. डॉ. महिंदर सिंह चौहान, सहायक प्रो. डॉ सुरभी, सहायक प्रो. डॉ. शैरी वशिष्ठ पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस ने मामले में शैरी वशिष्ठ और महिंदर सिंह चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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कार्रवाई की मांग करते अलग-अलग संगठनों ने किया प्रदर्शन
ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय में बीडीएस की छात्रा की आत्महत्या मामले में अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र संगठनों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंरा गया। ज्ञापन में विश्वविद्यालय के आरोपी प्रोफेसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर नॉलेज गेट पर प्रदर्शन की चेतावनी दी। वहीं सोमवार को नॉलेज पार्क-3 गोल चक्कर के पास होने वाला प्रदर्शन को छात्रों ने स्थगित कर दिया। अधिवक्ता पवन भाटी ने कहा छात्रा के पिता द्वारा विश्वविद्यालय जाकर माफी मांगने के बाद भी उत्पीड़न जारी रहा। इससे परेशान होकर, ज्योति ने आत्महत्या कर ली। सरकार को इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच करानी चाहिए। इस दौरान नीरज भाटी, विशाल नागर, सचिन भाटी, प्रिंस भाटी, मोहित भाटी, अमित, केके भाटी, रवि, नरेश, जयन्त भाटी, रोहित, सौरभ भाटी, कर्मवीर व दर्जनों कॉलेज के छात्र उपस्थित रहे।