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पंचायत समिति भवन में चल रहा बीडीपीओ कार्यालय
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फिरोजपुर झिरका। फिरोजपुर झिरका खंड कार्यालय नगर के पंचायत समिति के भवन में चल रहा है। 48 गांवों के विकास की जिम्मेदारी इसमें काम करने वाले कर्मचारियों के कंधों पर हैं, लेकिन कर्मचारी पंचायत समिति के भवन में बैठकर काम निपटाने को मजबूर हैं। प्रदेश के अन्य सभी खंडों में आधुनिक भवन के साथ-साथ अतिथि भवन, पेयजल जैसी जरूरी सुविधाएं हैं। 1950 में फिरोजपुर झिरका को खंड बनाया गया था, वर्षों गुजर जाने के बाद भी भवन नहीं बनाए जाने से से जेई, एसडीओ, बीडीपीओ, पंचायत सचिव, क्लर्क, कम्यूटर ऑपरेटर परेशान हैं।
इसके अलावा कर्मचारियों की कमी की बात भी उठाई जाती रही है। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के कंधों पर क्लर्क के कार्य करने की जिम्मेदारी भी है। अन्य बीडीपीओ कार्यालय में बीडीओ से लेकर पंचायत सचिव के निवास की व्यवस्था है लेकिन फिरोजपुर झिरका में कर्मचारियों और अधिकारियों के पास सुविधाएं नहीं हैं। खंड के कई सरपंचों ने बीडीपीओ के लिए अलग से आधुनिक भवन बनाने की मांग उठाई है।
भवन की कमी को जल्दी ही पूरा किया जाएगा, बीडीपीओ कार्यालय में कर्मचारियों की कमी को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। विभाग के उच्चाधिकारियों के माध्यम से कर्मचारियों की कमी के बारे में सरकार को अवगत कराया जा चुका है। - राकेश मोर, जिला पंचायत विकास अधिकारी
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इसके अलावा कर्मचारियों की कमी की बात भी उठाई जाती रही है। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के कंधों पर क्लर्क के कार्य करने की जिम्मेदारी भी है। अन्य बीडीपीओ कार्यालय में बीडीओ से लेकर पंचायत सचिव के निवास की व्यवस्था है लेकिन फिरोजपुर झिरका में कर्मचारियों और अधिकारियों के पास सुविधाएं नहीं हैं। खंड के कई सरपंचों ने बीडीपीओ के लिए अलग से आधुनिक भवन बनाने की मांग उठाई है।
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भवन की कमी को जल्दी ही पूरा किया जाएगा, बीडीपीओ कार्यालय में कर्मचारियों की कमी को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। विभाग के उच्चाधिकारियों के माध्यम से कर्मचारियों की कमी के बारे में सरकार को अवगत कराया जा चुका है। - राकेश मोर, जिला पंचायत विकास अधिकारी
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