बाटा को लगा बट्टा: कैरी बैग के नाम वसूले छह रुपये, अब कंपनी देगी ग्राहक को 10 हजार
आयोग ने कैरी बैग के वसूले छह रुपये नौ फीसदी ब्याज समेत तीस दिन भी अदा करने का आदेश कंपनी को दिया है। मानसिक क्षतिपूर्ति के दस हजार रुपये और एक हजार रुपये वाद व्यय भी देने के आदेश दिया है।
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बाटा कंपनी के गुरूग्राम के आऊटलेट पर ग्राहक से छह रुपये लेना भारी पड़ा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने छह रुपये ब्याज समेत 30 दिन में लौटाने व दस हजार रुपये जुर्माना और एक हजार रुपये वाद व्यय देने के आदेश दिया है।
नोएडा के सेक्टर-141 निवासी राजवीर सिंह ने बाटा इंडिया लिमिटेड के गुरूग्राम के आउटलेट से 18 मई 2019 को 4927 रुपये के जूते व चप्पलें खरीदे थें। आउटलेट से उन्हें दो कैरी बैग के तीन-तीन रुपये के अनुसार से छह रुपये वसूल लिए। मुफ्त में बैग देने को लेकर उपभोक्ता फोरम चंडीगढ़ के आदेश का हवाला दिया गया। जिस पर उसने आदेश को गलत करार देते हुए बैग के छह रुपये वसूल किए।
कंपनी के आउटलेट पर अनुचित व्यापार व्यवहार करने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग गौतमबुद्धनगर में केस दायर किया। सुनवाई के दौरान आउटलेट की ओर से अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शिकायत गलत है। सभी ग्राहकों को अपने स्टोर में लिखित नोटिस चस्पा कर सूचित किया था कि कैरी बैग की खरीद वैकल्पिक आवश्यक अनिवार्य नहीं है।
सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ग्राहक की सहमति पर ही उसको कैरी बैग का मूल्य लिया जाता है। मामले में ग्राहक के मना करने पर भी उसके पैसा वसूल किया गया। जो सेवा में कमी है।
आयोग ने कैरी बैग के वसूले छह रुपये नौ फीसदी ब्याज समेत तीस दिन भी अदा करने का आदेश कंपनी को दिया है। मानसिक क्षतिपूर्ति के दस हजार रुपये और एक हजार रुपये वाद व्यय भी देने के आदेश दिया है।