{"_id":"691e0e5ff55559fd4e0f9092","slug":"anticipatory-bail-of-accused-of-fraudulently-embezzling-tax-money-rejected-na-news-c-5-1-drn1027-838511-2025-11-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: धोखाधड़ी कर रकम हड़पने के आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: धोखाधड़ी कर रकम हड़पने के आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज
विज्ञापन
लोन दिलाने के नाम पर 2.59 लाख रुपये हड़प लेने के मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने सुनवाई के बाद खारिज कर दी है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुक्रमपाल सिंह ने बताया कि नाजिम अली ने 12 अगस्त को लक्सर कोतवाली में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया था कि वह फैक्टरी कर्मचारी है। आरोपी विकास निवासी ग्राम ठोई मंगलौर ने उनसे फोन पर संपर्क कर स्वयं को फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताते हुए उनका लोन कराने की बात कही थी।
इसके लिए आरोपी ने उनसे अलग - अलग तारीखों में 2.59 लाख रुपये बैंक खातों में जमा कराए लेकिन इसके बाद उन्होंने उसका कोई लोन नहीं कराया। उसने अपने पैसे और दस्तावेज वापस मांगे तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस बीच आरोपी विकास कुमार की ओर से न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया था। आरोपी ने इसमें स्वयं को निर्दोष बताया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुक्रमपाल सिंह ने इसका विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि आरोपी प्राथमिकी में नामजद है। अपराध गंभीर प्रकृति का है। उन्होंने अग्रिम जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुक्रमपाल सिंह ने बताया कि नाजिम अली ने 12 अगस्त को लक्सर कोतवाली में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया था कि वह फैक्टरी कर्मचारी है। आरोपी विकास निवासी ग्राम ठोई मंगलौर ने उनसे फोन पर संपर्क कर स्वयं को फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताते हुए उनका लोन कराने की बात कही थी।
विज्ञापन
इसके लिए आरोपी ने उनसे अलग - अलग तारीखों में 2.59 लाख रुपये बैंक खातों में जमा कराए लेकिन इसके बाद उन्होंने उसका कोई लोन नहीं कराया। उसने अपने पैसे और दस्तावेज वापस मांगे तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस बीच आरोपी विकास कुमार की ओर से न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया था। आरोपी ने इसमें स्वयं को निर्दोष बताया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुक्रमपाल सिंह ने इसका विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि आरोपी प्राथमिकी में नामजद है। अपराध गंभीर प्रकृति का है। उन्होंने अग्रिम जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।