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एनसीआर : नोएडा में गहराया एंटी रेबीज वैक्सीन का संकट, एक कंपनी ने बंद की आपूर्ति, जिला अस्पताल में मारामारी

Thu, 05 Oct 2023 06:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 05 Oct 2023 06:17 AM IST
सार

जहां सभी सीएचसी, पीएचसी पर स्टॉक खत्म होने से वैक्सीन लगनी बंद हो गई है, वहीं जिला अस्पताल में भीड़ बढ़ने की वजह से दो दिन का स्टॉक ही बचा है।

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Anti rabies vaccine crisis deepens in Noida
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विस्तार

अगर कुत्ता या बंदर काटे तो खुद ही एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने का इंतजाम कर लें। पूरे जनपद में एंटी रेबीज वैक्सीन का संकट खड़ा हो गया है। जहां सभी सीएचसी, पीएचसी पर स्टॉक खत्म होने से वैक्सीन लगनी बंद हो गई है, वहीं जिला अस्पताल में भीड़ बढ़ने की वजह से दो दिन का स्टॉक ही बचा है। वैक्सीन की आपूर्ति का हाल यह है कि दो कंपनियों में से एक ने वैक्सीन देने से मना कर दिया है। वहीं दूसरी कंपनी ने रविवार तक का समय आपूर्ति कराने के लिए मांगा है। 

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स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि करीब पांच दिन से यह संकट बना हुआ है। सीएचसी से 30 सितंबर को सीएमओ कार्यालय को इसकी सूचना भी दे दी गई। वहीं औषधि निगम के स्टोर से भी वैक्सीन की मांग की गई। इसके बाद भी सीएचसी पर बुधवार तक वैक्सीन नहीं पहुंच पाई। सबसे अधिक संकट सीएचसी भंगेल, सीएचसी दाड़ा, सीएचसी बिसरख, सीएचसी मामूरा पर बना हुआ है। 
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नेशनल रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम के प्रभारी डॉ. अमित कुमार शर्मा का कहना है कि हर महीने करीब 10 हजार डोज पूरे जनपद में लगाई जाती हैं। एक वॉयल से चार डोज दी जा सकती है। ऐसे में करीब 2500 वॉयल की जरूरत होती है। इसका करीब 10 फीसदी बफर स्टॉक में रहता है। आपूर्ति में दिक्कत आने पर बफर स्टॉक से आपूर्ति होती है। ऐसे में कंपनियों से संपर्क कर प्रयास किया जा रहा है कि रविवार तक आपूर्ति मिल जाए।
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सीएचसी पर कर दिया मना
राम सिंह बंदर के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए बुधवार को मामूरा सीएचसी पहुंचे थे। यहां डॉक्टर ने उनको देखने के बाद टिटनेस का इंजेक्शन तो लगवा दिया, लेकिन एंटी रेबीज लगवाने के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। संक्रमण के खतरे को देखते हुए वह दोपहर में एंटी रेबीज लगवाने जिला अस्पताल पहुंचे। उनकी तरह ही अदनान और पुनीत भी सीएचसी भंगेल से लौटकर एंटी वैक्सीन लगवाने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे।


जिला अस्पताल में एंटी रेबीज के लिए मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। जब तक हमारे पास स्टॉक है, मरीजों को वैक्सीन लगाते रहेंगे। वैक्सीन की मांग भी औषधि निगम से की गई है।
- डॉ. रेनू अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल

सभी सीएचसी प्रभारी सीधे एंटी रेबीज वैक्सीन की मांग भेज सकते हैं, यह उनकी ही जिम्मेदारी है। एंटी रेबीज के संकट पर मैं कुछ नहीं बता सकता हूं। 
- डॉ. सुनील कुमार शर्मा, सीएमओ

बढ़ रहे कुत्तों के काटने के मामले
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कुत्ते के काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में एंटी रेबीज की मांग बढ़ी हुई है। इसी सप्ताह नोएडा के सेक्टर-53 के पार्क में घूमने आए बच्चे काे कुत्ते ने काट लिया। नोएडा के ही सेक्टर-168 की द गोल्डन पाम सोसाइटी में युवक पर तीन लावारिस कुत्तों ने हमला कर दिया। केपटाउन सोसाइटी में भी कुत्ते द्वारा काटने की घटना सामने आई है। ग्रेटर नोएडा में भी सेक्टर-137 की पारस टियारा सोसाइटी में कुत्ते ने एक व्यक्ति को काट लिया।


कंपनी ने कहा, रविवार तक कर सकते हैं आपूर्ति 
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि वैक्सीन को लेकर आपूर्ति करने वाली दोनों कंपनियों से बात हुई है। टेंडर में तकनीकी पेच की वजह से इंडियन इम्युनोलॉजिकल्स ने वैक्सीन की आपूर्ति से मना कर दिया है। वहीं भारत सीरम ने रविवार तक का समय वैक्सीन देने के लिए मांगा है। यह आपूर्ति भी पहले औषधि निगम के स्टोर में आएगी। इसके बाद ही अस्पतालों में आपूर्ति हो सकेगी। हालांकि, रविवार तक भी वैक्सीन की दिक्कत खत्म हो जाएगी, इस पर भी अनिश्चितता बनी हुई है।

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