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Noida News: विरोध के बीच विद्यार्थियों की डिजिटल अटेंडेंस की कवायद तेज
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मथुरा। परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति अब पूरी तरह डिजिटल माध्यम से दर्ज की जाएगी। इसके लिए बीएसए ने जिले के सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों को प्रतिदिन विद्यार्थियों की उपस्थिति का ब्योरा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने स्पष्ट किया है कि अब विद्यालयों में पारंपरिक रजिस्टर के साथ-साथ डिजिटल अटेंडेंस भी अनिवार्य होगी। साथ ही जूनियर कक्षाओं की बालिकाओं की उपस्थिति दर्ज करते समय फोटो के साथ ऑनलाइन हाजिरी लगानी होगी। इस व्यवस्था से विद्यार्थियों की नियमितता पर निगरानी आसान होगी और फर्जी हाजिरी की शिकायतों पर अंकुश लगेगा। इसके साथ ही उपस्थिति का आंकड़ा सीधे राज्य स्तर पर देखा जा सकेगा। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के प्रधानाचार्यों को इसकी जानकारी दें और प्रत्येक विद्यालय में यह प्रक्रिया समय पर लागू हो।
शिक्षकों का विरोध
वहीं दूसरी ओर शासन के इस फरमान को लेकर शिक्षक गुटों में विरोध के स्वर फूट रहे हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव यादव का कहना है कि पिछले साल अधिकारियों और शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के साथ आपसी सहमति बनी थी। इस पर कमेटी की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। एक बार फिर से फरमान सुनाया है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेंद्र सारस्वत का कहना है कि अधिकारियों ने अगर जबरिया आदेश थोपा तो विभाग के 35 एप जो उनके मोबाइल में अपलोड से सभी को अनस्टॉल करके विरोध होगा। संवाद
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बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने स्पष्ट किया है कि अब विद्यालयों में पारंपरिक रजिस्टर के साथ-साथ डिजिटल अटेंडेंस भी अनिवार्य होगी। साथ ही जूनियर कक्षाओं की बालिकाओं की उपस्थिति दर्ज करते समय फोटो के साथ ऑनलाइन हाजिरी लगानी होगी। इस व्यवस्था से विद्यार्थियों की नियमितता पर निगरानी आसान होगी और फर्जी हाजिरी की शिकायतों पर अंकुश लगेगा। इसके साथ ही उपस्थिति का आंकड़ा सीधे राज्य स्तर पर देखा जा सकेगा। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के प्रधानाचार्यों को इसकी जानकारी दें और प्रत्येक विद्यालय में यह प्रक्रिया समय पर लागू हो।
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शिक्षकों का विरोध
वहीं दूसरी ओर शासन के इस फरमान को लेकर शिक्षक गुटों में विरोध के स्वर फूट रहे हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव यादव का कहना है कि पिछले साल अधिकारियों और शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के साथ आपसी सहमति बनी थी। इस पर कमेटी की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। एक बार फिर से फरमान सुनाया है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेंद्र सारस्वत का कहना है कि अधिकारियों ने अगर जबरिया आदेश थोपा तो विभाग के 35 एप जो उनके मोबाइल में अपलोड से सभी को अनस्टॉल करके विरोध होगा। संवाद
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