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Noida News: यूनिफाइड पॉलिसी में संशोधन की मंजूरी, सरल होगा छोटी वाणिज्यिक संपत्तियों का आवंटन

Sat, 03 Jan 2026 09:38 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jan 2026 09:38 PM IST
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Amendments to the Unified Policy have been approved, simplifying the allotment of small commercial properties.
नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक
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- सिटी लॉजिस्टिक प्लान को सलाहकार प्रस्तुतीकरण से चुनने की मंजूरी, किसानों के प्लॉट को लॉटरी के लिए समिति



माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। जिले के तीनों प्राधिकरण में संपत्तियों के आवंटन प्रक्रिया में एकरूपता के लिए फरवरी 2025 में आई यूनिफाइड पॉलिसी में पहले संशोधन के लिए शनिवार को नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने मंजूरी दी है। इस संशोधन से 800 वर्गमीटर प्लॉट व दुकानों जैसी छोटी वाणिज्यिक संपत्तियों के आवंटन की प्रक्रिया सरल होगी। इसके साथ ही नोएडा प्राधिकरण से आवंटित संपत्ति दादा-दादी, नाना-नानी से मिलने पर ट्रांसफर चार्ज नहीं देना होगा। ट्रांसफर चार्ज किसी भी संपत्ति की कीमत का 10 प्रतिशत प्राधिकरण में जमा होता है। यूनिफाइड पॉलिसी के इस बदलाव के दायरे में आवासीय छोड़कर अन्य संपत्तियां आएंगी।
लागू होने के बाद से ही पॉलिसी में शामिल कई नियमों की जटिलता सामने आ रही थी। गत वर्ष 3 अक्तूबर को हुई बोर्ड बैठक में प्राधिकरण ने यह विषय रखा था। बोर्ड ने अध्ययन के बाद प्रस्ताव मांगा था जिसको मंजूरी मिली है। आवंटन नियम सरल होने को लेकर प्राधिकरण की तरफ से बताया गया कि पॉलिसी में सभी वाणिज्यिक संपत्तियों के आवंटन को नियम एक कर दिए गए थे। ऐसे में छोटे प्लॉट जो 800 वर्गमीटर से भी कम हैं और दुकानें उनको लेने के लिए भी आवेदन में आयकर रिटर्न, पूंजी, लेनदेन का ब्यौरा अनिवार्य था। इस वजह से नए लोग जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं उनके लिए समस्या आ रही थी। इसको देखते हुए छोटे प्लॉट और दुकानों के आवंटन में यह बाध्यता हटाने का निर्णय लिया गया। संशोधन को प्रभावी कर प्राधिकरण जल्द ही दुकान व छोटे प्लॉट की योजना लाएगा। बोर्ड बैठक में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह शामिल हुए।
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एसीईओ की अगुवाई वाली समिति तलाशेगी पुराने सेक्टरों में फ्लैट रजिस्ट्री का हल

सेक्टर-21 व 25 जैसे पुराने सेक्टर जिनमें आवासीय समितियों ने फ्लैट बनाकर आवंटित किए हैं वहां बहुत से फ्लैटों की रजिस्ट्री फंसी हुई है। सैकड़ों ऐसे घर खरीदार हैं जिन्होंने रिसेल में फ्लैट खरीदा। पूर्व में फ्लैट सोसाइटी से खरीदने वाले के नाम ट्रांसफर करके कब्जा दे दिये जाता था। रजिस्ट्री का प्रावधान नहीं था। बाद में कोर्ट के आदेश से रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई। इसमें प्रथम आवंटियों ने और ऐसे खरीदारों ने जिन्होंने प्रथम आवंटी से खरीदा था, उन्होंने तो अपनी रजिस्ट्री करा ली। ऐसे खरीदार जिन्होंने दूसरे तीसरे व चौथे ट्रांसफर से फ्लैट खरीदा वह आज भी रजिस्ट्री नहीं करा सके हैं। इस समाधान के लिए बोर्ड ने एसीईओ की अगुवाई में समिति बनाए जाने की मंजूरी दी। समिति में प्राधिकरण से मुख्य विधि सलाहकार, वित्त नियंत्रक, ओएसडी, जीएम सिविल व नियोजन, प्रबंधक/सहायक प्रबंधक ग्रुप हाउसिंग व एआईजी स्टांप होंगे। समिति अपनी रिपोर्ट व सुझाव बोर्ड के सामने रखेगी।
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प्रस्तुतिकरण से चुना जाएगा लॉजिस्टिक प्लान का सलाहकार

प्राधिकरण को सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार कराना है। इसके लिए पूर्व में किए गए दो टेंडर सफल नहीं रहे। अब बोर्ड से यह मंजूरी ली गई है कि स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली व आईआईटी रुड़की से प्रस्तुतिकरण करवाकर सलाहकार का चयन किया जाए।




किसानों के प्लॉट को लॉटरी के लिए समिति

किसान कोटे के 644 प्लॉट का आवंटन नोएडा प्राधिकरण ने 2021 में किया था। इनमें से बचे हुए प्लॉट के लिए पात्र किसानों के बीच में लॉटरी कराए जाने का प्रस्ताव बोर्ड में प्राधिकरण ने रखा। बोर्ड ने इसके लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के एसीईओ की समिति बनाने के निर्देश दिए।




बिल्डरों के प्रस्ताव पर निर्णय की स्पष्टता नहीं

बोर्ड में बिल्डरों से जुड़े कई प्रस्ताव प्राधिकरण ने रखे थे। इनमें सेक्टर-119 में एल्डिको बिल्डर के समय वृद्धि शुल्क की वापसी, सेक्टर-100 क्लाउड 9 बिल्डर की जीरो पीरियड की मांग पर शासनादेश, सेक्टर-16 बी में मैक्स स्टेट लिमिटेड के भू-भाटक और निर्माण पूरा करने की तारीख (टी-डेट), सेक्टर-94 में सुपरटेक की सुपरनोवा परियोजना में एस्ट्रेलिस ऑफिस टाॅवर का अधिभोग प्रमाणपत्र जारी करने और त्रिपक्षीय रजिस्ट्री किए जाने से जुड़ा प्रस्ताव शामिल था। इन प्रस्ताव पर बोर्ड के निर्णय की जानकारी प्राधिकरण की तरफ से नहीं जारी की गई। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निर्णय को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है।
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