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Noida News: सही सवाल और शुद्ध मन से हर सवाल का जवाब देता है टैरो
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टैरो की दुनिया: क्या कहते हैं कागज के पत्ते विषय पर हुई बात
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अमर उजाला माय ज्योतिष महाकुंभ के चौथे सत्र में टैरो की दुनिया: क्या कहते हैं कागज के पत्ते विषय पर टैरो कार्ड रीडर्स ने अपनी बात रखी। टैरो को कला, विज्ञान और थेरेपी का मेल बताते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि यह जीवन के रहस्य खोलता है। सही सवाल और शुद्ध मन से टैरो हर सवाल का जवाब देता है।
टैरो कार्ड रीडर डॉ. जासमी दोषी ने कहा कि टैरो कला और विज्ञान का अनोखा मेल है। टैरो कार्ड दुनिया में कहीं भी खोले जाएं उनका फल एक जैसा होता है। टैरो की विश्वसनीयता इसकी कला में है और यह हमेशा सही जवाब देता है। टैरो सीखने के लिए शुद्ध मन और सही गुरु जरूरी है। प्रशिक्षक 78 कार्ड की रीडिंग सिखा सकता है लेकिन भविष्यवाणी का हुनर खुद विकसित करना पड़ता है।
टैरो रीडिंग एक हीलिंग प्रक्रिया
ज्योतिषाचार्य डॉ. खुशी ने टैरो को प्रकृति और पंचतत्व से जोड़ा। उनके मुताबिक, टैरो हर सवाल का जवाब देता है। भले ही सवाल पूछा न जाए। रीडिंग के दौरान ऊर्जा का बैलेंस बनाना जरूरी है। युवा टैरो को खूब पसंद कर रहे हैं, क्योंकि यह प्रकृति के साथ चलता है। ज्योतिषाचार्य समायरा जय सिंघानी ने टैरो को साधना और थेरेपी बताया। उनके मुताबिक सही सवाल पूछने से टैरो सटीक जवाब देता है। टैरो रीडिंग एक हीलिंग प्रक्रिया है जो पारंपरिक थेरेपी से अलग है। हर रीडर की सलाह अलग होती है जो जीवन के रहस्य खोलती है। उन्होंने टैरो को और विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया।
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आत्मा की यात्रा के दर्शन कराता है टैरो
ज्योतिषाचार्य नीता भेदा ने कहा कि जीवन चार स्तंभों, ग्रह, संस्कार, कर्म और ज्ञान पर टिका है। टैरो ज्योतिष का एक हिस्सा है जो जीव की आत्मा की यात्रा को दर्शाता है। जन्म और मृत्यु से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। टैरो हर व्यक्ति को उसके कर्म और महत्व के आधार पर अलग-अलग उपाय सुझाता है। कर्मशील जीवन का अंत धर्म में होना चाहिए। इस सत्र में टैरो को न केवल भविष्यवाणी का माध्यम बताया गया बल्कि इसे जीवन को समझने और दिशा देने का जरिया भी कहा गया। टैरो की बढ़ती लोकप्रियता और इसके वैज्ञानिक व आध्यात्मिक पक्ष ने सभी का ध्यान खींचा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अमर उजाला माय ज्योतिष महाकुंभ के चौथे सत्र में टैरो की दुनिया: क्या कहते हैं कागज के पत्ते विषय पर टैरो कार्ड रीडर्स ने अपनी बात रखी। टैरो को कला, विज्ञान और थेरेपी का मेल बताते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि यह जीवन के रहस्य खोलता है। सही सवाल और शुद्ध मन से टैरो हर सवाल का जवाब देता है।
टैरो कार्ड रीडर डॉ. जासमी दोषी ने कहा कि टैरो कला और विज्ञान का अनोखा मेल है। टैरो कार्ड दुनिया में कहीं भी खोले जाएं उनका फल एक जैसा होता है। टैरो की विश्वसनीयता इसकी कला में है और यह हमेशा सही जवाब देता है। टैरो सीखने के लिए शुद्ध मन और सही गुरु जरूरी है। प्रशिक्षक 78 कार्ड की रीडिंग सिखा सकता है लेकिन भविष्यवाणी का हुनर खुद विकसित करना पड़ता है।
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टैरो रीडिंग एक हीलिंग प्रक्रिया
ज्योतिषाचार्य डॉ. खुशी ने टैरो को प्रकृति और पंचतत्व से जोड़ा। उनके मुताबिक, टैरो हर सवाल का जवाब देता है। भले ही सवाल पूछा न जाए। रीडिंग के दौरान ऊर्जा का बैलेंस बनाना जरूरी है। युवा टैरो को खूब पसंद कर रहे हैं, क्योंकि यह प्रकृति के साथ चलता है। ज्योतिषाचार्य समायरा जय सिंघानी ने टैरो को साधना और थेरेपी बताया। उनके मुताबिक सही सवाल पूछने से टैरो सटीक जवाब देता है। टैरो रीडिंग एक हीलिंग प्रक्रिया है जो पारंपरिक थेरेपी से अलग है। हर रीडर की सलाह अलग होती है जो जीवन के रहस्य खोलती है। उन्होंने टैरो को और विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया।
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आत्मा की यात्रा के दर्शन कराता है टैरो
ज्योतिषाचार्य नीता भेदा ने कहा कि जीवन चार स्तंभों, ग्रह, संस्कार, कर्म और ज्ञान पर टिका है। टैरो ज्योतिष का एक हिस्सा है जो जीव की आत्मा की यात्रा को दर्शाता है। जन्म और मृत्यु से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। टैरो हर व्यक्ति को उसके कर्म और महत्व के आधार पर अलग-अलग उपाय सुझाता है। कर्मशील जीवन का अंत धर्म में होना चाहिए। इस सत्र में टैरो को न केवल भविष्यवाणी का माध्यम बताया गया बल्कि इसे जीवन को समझने और दिशा देने का जरिया भी कहा गया। टैरो की बढ़ती लोकप्रियता और इसके वैज्ञानिक व आध्यात्मिक पक्ष ने सभी का ध्यान खींचा।