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Noida News: अकाली दल दिल्ली ने चार सूत्री मांगें रखीं
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नई दिल्ली। अकाली दल दिल्ली ने सभी राजनीतिक पार्टियों के सामने चार सूत्री मांगें रखीं हैं। अकाली दल दिल्ली के प्रधान परमजीत सिंह सरना और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने संयुक्त रूप से कहा कि बंदी सिखों को छोड़ने, किसानों के हित की बात करने, धार्मिक मामले में जो पार्टी हस्तक्षेप नहीं करने की बात करेगी दिल्ली के सिख उन्हें ही वोट करेंगे। सरना व जीके ने सिखों से अपील की कि आम चुनावों के दौरान किसानी, युवा और पंजाब राज्य के अच्छे-बुरे का विचार कर ही राजनीतिक पार्टी को वोट करें। दिल्ली के सिख समुदाय विवेक का उपयोग करें। नफरत रहित समाज और देश की तरक्की कराने वाली सरकार को ही चुनें। ब्यूरो
ये मांगें रखीं
- तीस साल से जेल में बंद रहने वाले बंदी सिखों को इंसाफ देने का वादा करें। नई सरकार बनने पर न्याय के साथ रिहा किया जाए।
- किसान देश की रीढ़ हैं। किसानों को किसी भी लालच के बिना हर जगह उनकी उपज बेचने की इजाजत देने की गारंटी मिले।
- सिखों को श्री ननकाना साहिब के दर्शन के लिए वीजा मिलने में सहुलियत मिले।
- सिखों के धार्मिक मामलों में केंद्र व राज्य सरकारों दखल न करें।
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दिल्ली में करीब 12 लाख सिख वोटर हैं। इनमें पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में सबसे अधिक सिख हैं। सिखों के साथ पंजाबी वोटरों को जोड़ दें तो संख्या 40 लाख के करीब है।
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नवनीत शरण
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ये मांगें रखीं
- तीस साल से जेल में बंद रहने वाले बंदी सिखों को इंसाफ देने का वादा करें। नई सरकार बनने पर न्याय के साथ रिहा किया जाए।
- किसान देश की रीढ़ हैं। किसानों को किसी भी लालच के बिना हर जगह उनकी उपज बेचने की इजाजत देने की गारंटी मिले।
- सिखों को श्री ननकाना साहिब के दर्शन के लिए वीजा मिलने में सहुलियत मिले।
- सिखों के धार्मिक मामलों में केंद्र व राज्य सरकारों दखल न करें।
दिल्ली में करीब 12 लाख सिख वोटर हैं। इनमें पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में सबसे अधिक सिख हैं। सिखों के साथ पंजाबी वोटरों को जोड़ दें तो संख्या 40 लाख के करीब है।
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नवनीत शरण