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वायु प्रदूषण बढ़ रहा
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नगीना। उच्चतम न्यायालय की फटकार के बाद दिल्ली एनसीआर में निरंतर बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कड़ा कदम उठाया है। राजधानी से सटे नूंह जिले में सभी क्रशर जोन व मिक्सचर प्लांट को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है। बुधवार से आदेश जिले में प्रभावी तरीके से लागू हो गए हैं। यदि इन आदेशों की कोई भी क्रशर मालिक व ठेकेदार अवहेलना करता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
नूंह जिला उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय नूंह ने आदेश जारी कर दिया है ताकि क्रशर मालिकों व मिक्सचर प्लांट चलाने वाले ठेकेदारों को जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि हमारा जिला दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल से बिल्कुल सटा हुआ है जहां वायु प्रदूषण की मात्रा तय मानकों से अधिक हो चुका है जो शरीर के लिए हानिकारक है। जिससे टीबी, अस्थमा और एलर्जी के मरीजों को सांस लेने में बड़ी तकलीफ महसूस हो रही है। शक्ति सिंह ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय एवं राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेशों की पालना करते हुए यह कदम उठाया गया है। जिलेवासियों से निवेदन है कि वे अपने आसपास पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि ज्वार और बाजरे की झुंडियों (जड़ों) को न जलाएं। कबाड़ इकट्ठा करने वाले दुकानदार भी ध्यान रखें कि वे टायर और कचरा व अन्य ऐसी सामग्री बिल्कुल ने जलाएं इससे वायु प्रदूषित होती है। वायु प्रदूषण स्वस्थ इंसानों के लिए भी नुकसानदेह है।
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नूंह जिला उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय नूंह ने आदेश जारी कर दिया है ताकि क्रशर मालिकों व मिक्सचर प्लांट चलाने वाले ठेकेदारों को जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि हमारा जिला दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल से बिल्कुल सटा हुआ है जहां वायु प्रदूषण की मात्रा तय मानकों से अधिक हो चुका है जो शरीर के लिए हानिकारक है। जिससे टीबी, अस्थमा और एलर्जी के मरीजों को सांस लेने में बड़ी तकलीफ महसूस हो रही है। शक्ति सिंह ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय एवं राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेशों की पालना करते हुए यह कदम उठाया गया है। जिलेवासियों से निवेदन है कि वे अपने आसपास पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि ज्वार और बाजरे की झुंडियों (जड़ों) को न जलाएं। कबाड़ इकट्ठा करने वाले दुकानदार भी ध्यान रखें कि वे टायर और कचरा व अन्य ऐसी सामग्री बिल्कुल ने जलाएं इससे वायु प्रदूषित होती है। वायु प्रदूषण स्वस्थ इंसानों के लिए भी नुकसानदेह है।
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