{"_id":"68c4409ff819594454087525","slug":"aiims-will-train-doctors-for-robotic-surgery-noida-news-c-340-1-del1011-104680-2025-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: रोबोटिक सर्जरी के लिए डॉक्टरों को प्रशिक्षित करेगा एम्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: रोबोटिक सर्जरी के लिए डॉक्टरों को प्रशिक्षित करेगा एम्स
विज्ञापन
-सर्जन को नहीं जाना पड़ेगा विदेश, द विंची सर्जिकल रोबोट से मिलेगा प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एम्स दिल्ली में सर्जन डॉक्टरों को दा विंची सर्जिकल रोबोट से सर्जरी का प्रशिक्षण मिलेगा। कौशल, ई-लर्निंग और टेलीमेडिसिन सुविधा (एसईटी) केंद्र में प्रशिक्षण सुविधा का एम्स निदेशक डॉ. एम.श्रीनिवास ने उद्घाटन किया। एक समझौता ज्ञापन के तहत एम्स को दा विंची सर्जिकल रोबोट मिला है। एम्स का दावा है कि एम्स अब देश का एकमात्र ऐसा संस्थान है जिसके पास केवल प्रशिक्षण के लिए दो सर्जिकल रोबोट हैं।
इस अवसर पर एम्स निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि इस प्रशिक्षण केंद्र के साथ एम्स दिल्ली शल्य चिकित्सा शिक्षा और नवाचार को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका को और मजबूत कर रहा है। भारत में रोबोटिक सहायता प्राप्त सर्जरी जैसी सटीकता संचालित तकनीकों की मांग बढ़ रही है। पहले सर्जनों को ऐसा प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए विदेश यात्रा और बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती थी। मगर, अब संस्थान के अंदर ही प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी। एम्स यूरोलॉजी विभाग प्रमुख और प्रोफेसर डॉ. अमलेश सेठ ने कहा रोबोटिक सर्जरी ने सटीकता, नियंत्रण और दृश्यता को बढ़ाकर सर्जरी करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।
एम्स यूरोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि इस रोबोट की मदद से बिना चीर-फाड़ के लैप्रोस्कोपी की मदद से सर्जरी का प्रशिक्षण दिया जाता है। एम्स में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा पहले से है। इसकी मदद से मरीजों की पेट और गर्दन की सर्जरी, यूरोलॉजी से जुड़ी सर्जरी, जनरल सर्जरी और ऑन्कोलॉजी संबंधी सर्जरी की जाती है। लेकिन पर्याप्त रोबोट न होने से डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। मगर, अब प्रशिक्षण के लिए अलग से रोबोट मिलने से बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। अब सर्जनों को प्रशिक्षण के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एम्स दिल्ली में सर्जन डॉक्टरों को दा विंची सर्जिकल रोबोट से सर्जरी का प्रशिक्षण मिलेगा। कौशल, ई-लर्निंग और टेलीमेडिसिन सुविधा (एसईटी) केंद्र में प्रशिक्षण सुविधा का एम्स निदेशक डॉ. एम.श्रीनिवास ने उद्घाटन किया। एक समझौता ज्ञापन के तहत एम्स को दा विंची सर्जिकल रोबोट मिला है। एम्स का दावा है कि एम्स अब देश का एकमात्र ऐसा संस्थान है जिसके पास केवल प्रशिक्षण के लिए दो सर्जिकल रोबोट हैं।
इस अवसर पर एम्स निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि इस प्रशिक्षण केंद्र के साथ एम्स दिल्ली शल्य चिकित्सा शिक्षा और नवाचार को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका को और मजबूत कर रहा है। भारत में रोबोटिक सहायता प्राप्त सर्जरी जैसी सटीकता संचालित तकनीकों की मांग बढ़ रही है। पहले सर्जनों को ऐसा प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए विदेश यात्रा और बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती थी। मगर, अब संस्थान के अंदर ही प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी। एम्स यूरोलॉजी विभाग प्रमुख और प्रोफेसर डॉ. अमलेश सेठ ने कहा रोबोटिक सर्जरी ने सटीकता, नियंत्रण और दृश्यता को बढ़ाकर सर्जरी करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।
विज्ञापन
एम्स यूरोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि इस रोबोट की मदद से बिना चीर-फाड़ के लैप्रोस्कोपी की मदद से सर्जरी का प्रशिक्षण दिया जाता है। एम्स में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा पहले से है। इसकी मदद से मरीजों की पेट और गर्दन की सर्जरी, यूरोलॉजी से जुड़ी सर्जरी, जनरल सर्जरी और ऑन्कोलॉजी संबंधी सर्जरी की जाती है। लेकिन पर्याप्त रोबोट न होने से डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। मगर, अब प्रशिक्षण के लिए अलग से रोबोट मिलने से बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। अब सर्जनों को प्रशिक्षण के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा।
विज्ञापन