{"_id":"6932e8cf2eeee3faf409524c","slug":"agra-urban-centre-will-showcase-the-taj-brij-and-mughal-heritage-noida-news-c-23-1-lko1064-82236-2025-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: आगरा अर्बन सेंटर में दिखेगी ताज संग बृज और मुगलिया विरासत की झलक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: आगरा अर्बन सेंटर में दिखेगी ताज संग बृज और मुगलिया विरासत की झलक
विज्ञापन
-महायोजना के ड्राफ्ट को जीबीयू के स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर को परीक्षण के लिए भेजा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण-यीडा के आगरा अर्बन सेंटर में मुगलिया विरासत के साथ ताज और ब्रज की झलक दिखेगी। आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना के ड्राफ्ट को इसे सुनिश्चित करने के लिए जीबीयू का स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर परखेगा। यीडा ने महायोजना के ड्राफ्ट को जीबीयू की फैकल्टी को भेज दिया है।
प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि बाकी औद्योगिक शहरों की तरह आगरा अर्बन सेंटर न बन जाए। ऐसे में स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर से सहयोग मांगा गया है। करीब 30 हजार एकड़ में आगरा अर्बन सेंटर का विकास होना है। इसके लिए महायोजना तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। महायोजना को अंतिम रूप से देने से पहले सीईओ राकेश कुमार सिंह ने परीक्षण कराने का निर्देश दिया है। उनका कहना है कि यह परीक्षण इसलिए जरूरी है कि आगरा की संस्कृति और आर्किटेक्चर यहां प्रतिबिंबित हो पाए। महायोजना को मंजूरी मिलने के बाद संशोधन मुश्किल हो जाएगा। एसीईओ नागेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि जीबीयू से आए सुझावों को महायोजना में शामिल कराते हुए इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण-यीडा के आगरा अर्बन सेंटर में मुगलिया विरासत के साथ ताज और ब्रज की झलक दिखेगी। आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना के ड्राफ्ट को इसे सुनिश्चित करने के लिए जीबीयू का स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर परखेगा। यीडा ने महायोजना के ड्राफ्ट को जीबीयू की फैकल्टी को भेज दिया है।
प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि बाकी औद्योगिक शहरों की तरह आगरा अर्बन सेंटर न बन जाए। ऐसे में स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर से सहयोग मांगा गया है। करीब 30 हजार एकड़ में आगरा अर्बन सेंटर का विकास होना है। इसके लिए महायोजना तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। महायोजना को अंतिम रूप से देने से पहले सीईओ राकेश कुमार सिंह ने परीक्षण कराने का निर्देश दिया है। उनका कहना है कि यह परीक्षण इसलिए जरूरी है कि आगरा की संस्कृति और आर्किटेक्चर यहां प्रतिबिंबित हो पाए। महायोजना को मंजूरी मिलने के बाद संशोधन मुश्किल हो जाएगा। एसीईओ नागेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि जीबीयू से आए सुझावों को महायोजना में शामिल कराते हुए इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
विज्ञापन