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विद्युत निगम के निदेशक पर जल्द हो सकती है कार्रवाई
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नोएडा। ग्रेटर नोएडा के एक बडे़ बिल्डर को दिए गए कनेक्शन का भार कम करने के नाम पर किए गए करीब 15 करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी निदेशक पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है। इस मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई है। निगम अधिकारियों की मानें तो फाइल पर हस्ताक्षर होने के बाद आरोपी निदेशक का बर्खास्त होना तय है।
वर्ष 2017-2018 में ग्रेटर नोएडा के गौड़ सुंदरम में आवासीय योजना के लिए गौड़संस रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड को कनेक्शन दिया गया था। कनेक्शन देने में अनियमितताएं बरती गई थीं। जब आला अधिकारियों के संज्ञान में मामला आया और निगम को 15 करोड़ रुपये की चपत लगाने की बात सामने आई तो दोबारा इसकी जांच कराई गई। मामले में आरोप पत्र भी दाखिल किया गया। प्रबंध निदेशक की ओर से पावर कारपोरेशन के चेयरमैन को जांच रिपोर्ट भेजी गई थी। उन्होंने यह फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दी है। अधिकारियों के मुताबिक मामले में आरोपी इंजीनियर इन दिनों निदेशक के पद पर कार्यरत है। रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले ही उनको यह जिम्मेदारी दी गई थी।
निगम के सूत्र बताते हैं कि यदि मामूली कार्रवाई की जाती तो चेयरमैन अपने स्तर से कर सकते थे। लेकिन उक्त अधिकारी को बर्खास्त करने की तैयारी है इसलिए उस फाइल पर मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर होने जरूरी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इसी सप्ताह निगम के 15 करोड़ के घोटाले के आरोपियों पर कार्रवाई हो सकती है।
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वर्ष 2017-2018 में ग्रेटर नोएडा के गौड़ सुंदरम में आवासीय योजना के लिए गौड़संस रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड को कनेक्शन दिया गया था। कनेक्शन देने में अनियमितताएं बरती गई थीं। जब आला अधिकारियों के संज्ञान में मामला आया और निगम को 15 करोड़ रुपये की चपत लगाने की बात सामने आई तो दोबारा इसकी जांच कराई गई। मामले में आरोप पत्र भी दाखिल किया गया। प्रबंध निदेशक की ओर से पावर कारपोरेशन के चेयरमैन को जांच रिपोर्ट भेजी गई थी। उन्होंने यह फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दी है। अधिकारियों के मुताबिक मामले में आरोपी इंजीनियर इन दिनों निदेशक के पद पर कार्यरत है। रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले ही उनको यह जिम्मेदारी दी गई थी।
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निगम के सूत्र बताते हैं कि यदि मामूली कार्रवाई की जाती तो चेयरमैन अपने स्तर से कर सकते थे। लेकिन उक्त अधिकारी को बर्खास्त करने की तैयारी है इसलिए उस फाइल पर मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर होने जरूरी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इसी सप्ताह निगम के 15 करोड़ के घोटाले के आरोपियों पर कार्रवाई हो सकती है।
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