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Noida News: दस्तावेजों का दुरुपयोग कर आठ करोड़ का फर्जी कारोबार दिखाने का आरोप
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फोटो
- जीएसटी नंबर और दस्तावेजों का दुरुपयोग कर आठ करोड़ का फर्जी कारोबार दिखाने का आरोप
- फर्म बंद कराने के लिए दिए दस्तावेजों से फर्जी जीएसटी कारोबार का दावा, कोर्ट के आदेश पर तीन नामजद समेत अन्य के खिलाफ केस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। फर्म बंद कराने के लिए सेल्स टैक्स अधिवक्ता को दिए गए दस्तावेज और जीएसटी नंबर का कथित तौर पर दुरुपयोग कर करीब आठ करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार दिखाने का मामला सामने आया है। पुलिस से शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होने पर महिला उद्यमी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को सेल्स टैक्स अधिवक्ता समेत तीन नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-50 स्थित आम्रपाली निवासी अनुराधा पोद्दार की फर्म मैसर्स जियोेटेक इंडिया वर्ष 2016 में शुरू हुई थी। कारोबार नहीं मिलने पर उन्होंने 2017 में फर्म बंद कराने के लिए आवेदन किया था। फर्म बंद कराने और टिन सरेंडर कराने की जिम्मेदारी उन्होंने तिलपता निवासी सेल्स टैक्स अधिवक्ता अतुल कुमार को दी थी। इसके लिए आठ हजार रुपये और फर्म से संबंधित मूल दस्तावेज दिए गए थे।
आरोप है कि अधिवक्ता ने टिन सरेंडर कराने और एफडीआर वापस दिलाने के बजाय दस्तावेजों का दुरुपयोग किया। शिकायत के मुताबिक, अतुल कुमार ने सूरजपुर निवासी मोहम्मद सैय्यद जे स्माईल और नीरज कुमार सिंह के साथ मिलकर महिला के टिन नंबर का इस्तेमाल किया। आरोप है कि आरोपियों ने अपनी फर्म का टिन सरेंडर करने के बजाय महिला के नंबर पर जीएसटी प्राप्त कर करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाया।
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वाणिज्य कर विभाग से जानकारी मिलने पर अनुराधा को अपने जीएसटी नंबर पर करीब आठ करोड़ रुपये का कारोबार और इतनी ही श्रेणी की कर देनदारी दर्ज होने का पता चला। आरोप है कि विभागीय रिकॉर्ड में उनका मोबाइल नंबर बदलकर आरोपियों का ई-मेल दर्ज किया गया। इसके अलावा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर महाराष्ट्र के मालेगांव स्थित एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाकर उसमें कारोबार का लेनदेन दिखाने और धनराशि के गबन का भी आरोप है। जानकारी मांगने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
प्रॉपर्टी डीलर के नंबर पर सात कंपनियां पंजीकृत
दादरी निवासी प्रॉपर्टी डीलर मुकुल भाटी के मोबाइल नंबर का कथित तौर पर दुरुपयोग कर अलग-अलग राज्यों में सात कंपनियां जीएसटी और आयकर विभाग में पंजीकृत कराने का मामला भी सामने आया है। पीड़ित के मोबाइल पर लगातार जीएसटी रिटर्न और नोटिस के संदेश आने पर उसने सीए से जांच कराई। तब महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में उसके नंबर से सात कंपनियां पंजीकृत मिलीं।
इनमें कलर पैलेट प्राइवेट लिमिटेड नाम से चार कंपनियां, ऑर्किड कॉर्पोरेट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हंसा दत्त जोशी और हेवन अहेड वॉयेज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। मुकुल के मुताबिक, उसने 2021 में मदर डेयरी बूथ के लिए जीएसटी पंजीकरण कराया था, जिसे 2023 में बंद करा दिया गया। उस दौरान उसने एक व्यक्ति को आधार-पैन समेत दस्तावेज और कुछ हस्ताक्षरित कागज दिए थे। उसे आशंका है कि इन्हीं का दुरुपयोग कर कंपनियां पंजीकृत की गईं। पीड़ित ने दादरी थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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- जीएसटी नंबर और दस्तावेजों का दुरुपयोग कर आठ करोड़ का फर्जी कारोबार दिखाने का आरोप
- फर्म बंद कराने के लिए दिए दस्तावेजों से फर्जी जीएसटी कारोबार का दावा, कोर्ट के आदेश पर तीन नामजद समेत अन्य के खिलाफ केस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। फर्म बंद कराने के लिए सेल्स टैक्स अधिवक्ता को दिए गए दस्तावेज और जीएसटी नंबर का कथित तौर पर दुरुपयोग कर करीब आठ करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार दिखाने का मामला सामने आया है। पुलिस से शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होने पर महिला उद्यमी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को सेल्स टैक्स अधिवक्ता समेत तीन नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-50 स्थित आम्रपाली निवासी अनुराधा पोद्दार की फर्म मैसर्स जियोेटेक इंडिया वर्ष 2016 में शुरू हुई थी। कारोबार नहीं मिलने पर उन्होंने 2017 में फर्म बंद कराने के लिए आवेदन किया था। फर्म बंद कराने और टिन सरेंडर कराने की जिम्मेदारी उन्होंने तिलपता निवासी सेल्स टैक्स अधिवक्ता अतुल कुमार को दी थी। इसके लिए आठ हजार रुपये और फर्म से संबंधित मूल दस्तावेज दिए गए थे।
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आरोप है कि अधिवक्ता ने टिन सरेंडर कराने और एफडीआर वापस दिलाने के बजाय दस्तावेजों का दुरुपयोग किया। शिकायत के मुताबिक, अतुल कुमार ने सूरजपुर निवासी मोहम्मद सैय्यद जे स्माईल और नीरज कुमार सिंह के साथ मिलकर महिला के टिन नंबर का इस्तेमाल किया। आरोप है कि आरोपियों ने अपनी फर्म का टिन सरेंडर करने के बजाय महिला के नंबर पर जीएसटी प्राप्त कर करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाया।
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वाणिज्य कर विभाग से जानकारी मिलने पर अनुराधा को अपने जीएसटी नंबर पर करीब आठ करोड़ रुपये का कारोबार और इतनी ही श्रेणी की कर देनदारी दर्ज होने का पता चला। आरोप है कि विभागीय रिकॉर्ड में उनका मोबाइल नंबर बदलकर आरोपियों का ई-मेल दर्ज किया गया। इसके अलावा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर महाराष्ट्र के मालेगांव स्थित एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाकर उसमें कारोबार का लेनदेन दिखाने और धनराशि के गबन का भी आरोप है। जानकारी मांगने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
प्रॉपर्टी डीलर के नंबर पर सात कंपनियां पंजीकृत
दादरी निवासी प्रॉपर्टी डीलर मुकुल भाटी के मोबाइल नंबर का कथित तौर पर दुरुपयोग कर अलग-अलग राज्यों में सात कंपनियां जीएसटी और आयकर विभाग में पंजीकृत कराने का मामला भी सामने आया है। पीड़ित के मोबाइल पर लगातार जीएसटी रिटर्न और नोटिस के संदेश आने पर उसने सीए से जांच कराई। तब महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में उसके नंबर से सात कंपनियां पंजीकृत मिलीं।
इनमें कलर पैलेट प्राइवेट लिमिटेड नाम से चार कंपनियां, ऑर्किड कॉर्पोरेट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हंसा दत्त जोशी और हेवन अहेड वॉयेज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। मुकुल के मुताबिक, उसने 2021 में मदर डेयरी बूथ के लिए जीएसटी पंजीकरण कराया था, जिसे 2023 में बंद करा दिया गया। उस दौरान उसने एक व्यक्ति को आधार-पैन समेत दस्तावेज और कुछ हस्ताक्षरित कागज दिए थे। उसे आशंका है कि इन्हीं का दुरुपयोग कर कंपनियां पंजीकृत की गईं। पीड़ित ने दादरी थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।