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Noida News: कार दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोपी गिरफ्तार
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फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने इनोवा दिलाने के नाम पर 31 लाख की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मो. आशु निवासी गाजियाबाद के रूप में हुई है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि अनिरुद्ध नागर ने अपने निजी उपयोग के लिए इनोवा कार खरीदने का निर्णय लिया था।
इसी दौरान उन्होंने ऑनलाइन लक्जरी सवारी (एएए सेल्स एंड सर्विसेज ग्रुप की एक इकाई) नामक वेबसाइट देखी। जिसमें 10–20 प्रतिशत डिस्काउंट पर गाड़ी उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। इसके बाद उनकी मुलाकात मोहम्मद आसिफ अली और मोहम्मद आरिफ से सेल्स किंग अल्फा फर्स्ट बीटा-2 में हुई थी। आसिफ ने खुद को एएए सेल्स एंड सर्विसेज ग्रुप का मालिक बताया और जल्दी गाड़ी दिलाने का आश्वासन दिया था। गाड़ी की कीमत 31.65 लाख रुपये दर्शाई गई थी। आरोपी के विश्वास में आकर पीड़ित ने कुल 25 लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर किए और 4 लाख रुपये नकद दिए थे। लंबे समय तक इंतजार करने के बावजूद गाड़ी न तो डिलीवर हुई और न ही पैसे वापस किए गए।
आरोपी ने जिस ग्रुप के नाम पर पैसे लिए गए थे। वह मो. आशु के नाम पर पंजीकृत मिली थी। ऑटो विंग्स टोयोटा से जानकारी लेने पर पता चला कि उनके द्वारा कोई ऐसी रसीद जारी ही नहीं की गई थी। आरोपी ने उनकी तरह ही अन्य लोगों से करोड़ों की ठगी की है।
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वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि आरोपी शातिर अपराधी है। यह धोखाधड़ी करके सस्ते दामों में लग्जरी गाड़ियां दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करके अवैध धन अर्जित करते हैं। आरोपी व इसके साथियों के खिलाफ दो मामले पंजीकृत है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने इनोवा दिलाने के नाम पर 31 लाख की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मो. आशु निवासी गाजियाबाद के रूप में हुई है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि अनिरुद्ध नागर ने अपने निजी उपयोग के लिए इनोवा कार खरीदने का निर्णय लिया था।
इसी दौरान उन्होंने ऑनलाइन लक्जरी सवारी (एएए सेल्स एंड सर्विसेज ग्रुप की एक इकाई) नामक वेबसाइट देखी। जिसमें 10–20 प्रतिशत डिस्काउंट पर गाड़ी उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। इसके बाद उनकी मुलाकात मोहम्मद आसिफ अली और मोहम्मद आरिफ से सेल्स किंग अल्फा फर्स्ट बीटा-2 में हुई थी। आसिफ ने खुद को एएए सेल्स एंड सर्विसेज ग्रुप का मालिक बताया और जल्दी गाड़ी दिलाने का आश्वासन दिया था। गाड़ी की कीमत 31.65 लाख रुपये दर्शाई गई थी। आरोपी के विश्वास में आकर पीड़ित ने कुल 25 लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर किए और 4 लाख रुपये नकद दिए थे। लंबे समय तक इंतजार करने के बावजूद गाड़ी न तो डिलीवर हुई और न ही पैसे वापस किए गए।
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आरोपी ने जिस ग्रुप के नाम पर पैसे लिए गए थे। वह मो. आशु के नाम पर पंजीकृत मिली थी। ऑटो विंग्स टोयोटा से जानकारी लेने पर पता चला कि उनके द्वारा कोई ऐसी रसीद जारी ही नहीं की गई थी। आरोपी ने उनकी तरह ही अन्य लोगों से करोड़ों की ठगी की है।
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वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि आरोपी शातिर अपराधी है। यह धोखाधड़ी करके सस्ते दामों में लग्जरी गाड़ियां दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करके अवैध धन अर्जित करते हैं। आरोपी व इसके साथियों के खिलाफ दो मामले पंजीकृत है।