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Noida News: युवती के पेट से छह किलो की गांठ निकालकर दिया जीवनदान
Sun, 14 Sep 2025 12:16 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sun, 14 Sep 2025 12:16 AM IST
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फोटो 28::::युवती के पेट से निकाली गई गांठ। विवि
इटावा। आयुर्विज्ञान विवि सैफई के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर युवती के पेट से छह किलो की गांठ निकालकर उसे नया जीवनदान दिया। युवती पूरी तरह स्वस्थ है।
सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष असिस्टेंट प्रोफेसर (डॉ.) कन्हैया लाल चौधरी ने बताया कि पीड़ित युवती दो वर्षों से पेट में गांठ, भूख न लगना, पेटदर्द, बार-बार पेशाब आना और अत्यधिक कमजोरी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही थी। निजी चिकित्सा केंद्रों में उपचार करवाने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं मिलने पर वह आयुर्विज्ञान विवि में दिखाने के लिए आई थी। जांचें करने पर पेट में गांठ होने की बात पता चली थी।
कुलपति और चिकित्सा अधीक्षक के निर्देश में सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने युवती का ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। टीम ने युवती का बुधवार को सफल ऑपरेशन किया। उसे तीन दिनों तक निगरानी में रखने के बाद शनिवार को उसे छुट्टी दे दी गई। कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह ने डॉक्टर्स एवं चिकित्सा टीम को बधाई देते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को निःशुल्क एवं उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा प्रदान करना है।
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इस प्रकार के जटिल ऑपरेशन अब सैफई में ही संभव हैं और इसके लिए मरीजों को लखनऊ या दिल्ली जैसे महानगरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि यह संपूर्ण उपचार विश्वविद्यालय की ओर से निशुल्क उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई की उच्च कोटि की चिकित्सा क्षमताओं और समर्पित चिकित्सा स्टाफ की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष असिस्टेंट प्रोफेसर (डॉ.) कन्हैया लाल चौधरी ने बताया कि पीड़ित युवती दो वर्षों से पेट में गांठ, भूख न लगना, पेटदर्द, बार-बार पेशाब आना और अत्यधिक कमजोरी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही थी। निजी चिकित्सा केंद्रों में उपचार करवाने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं मिलने पर वह आयुर्विज्ञान विवि में दिखाने के लिए आई थी। जांचें करने पर पेट में गांठ होने की बात पता चली थी।
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कुलपति और चिकित्सा अधीक्षक के निर्देश में सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने युवती का ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। टीम ने युवती का बुधवार को सफल ऑपरेशन किया। उसे तीन दिनों तक निगरानी में रखने के बाद शनिवार को उसे छुट्टी दे दी गई। कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह ने डॉक्टर्स एवं चिकित्सा टीम को बधाई देते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को निःशुल्क एवं उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा प्रदान करना है।
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इस प्रकार के जटिल ऑपरेशन अब सैफई में ही संभव हैं और इसके लिए मरीजों को लखनऊ या दिल्ली जैसे महानगरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि यह संपूर्ण उपचार विश्वविद्यालय की ओर से निशुल्क उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई की उच्च कोटि की चिकित्सा क्षमताओं और समर्पित चिकित्सा स्टाफ की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।