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एडवांस किराया देने के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर 98 हजार हड़पे

Mon, 05 Jul 2021 12:55 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jul 2021 12:55 AM IST
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98 thousand grabbed by sending QR code in the name of paying advance fare
ग्रेटर नोएडा। साइबर बदमाशों ने मकान आदि के लिए किरायेदार ढूंढ रहे लोगों से ठगी शुरू कर दी है। एनटीपीसी दादरी निवासी सीनियर इंजीनियर से एडवांस किराया भेजने के नाम 98 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। आरोपी ने खुद को सैनिक बताकर यह रकम उनके व उनकी पत्नी के व्हाट्स नंबर पर क्यूआर कोड का लिंक भेजकर सात बार में हड़पी। साइबर सेल की जांच के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है। साथ ही किरायेदार ढूंढ रहे मकान मालिकों को साइबर ठगों से सचेत रहने की सलाह दी है।
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मूलरूप से प्रयागराज निवासी पुष्कर श्रीवास्तव भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लि. (बीएचईएल) में सीनियर इंजीनियर हैं। वह एनटीपीसी दादरी परिसर में रहते हैं। पुष्कर ने बताया कि उन्हें प्रयागराज के मकान का हिस्सा किराये पर देना था। इसके लिए उन्होंने एक वेबसाइट पर विज्ञापन दिया था। 5 जून को उनके नंबर पर एक शख्स ने कॉल कर अपना नाम सचिन शर्मा बताया। आरोपी ने खुद को थल सेना का सिपाही बताकर प्रयागराज स्थानांतरण होकर आने की बात कही और मकान का हिस्सा किराये पर लेने की इच्छा जताई। उसने अपने आईकार्ड की फोटो और अन्य दस्तावेज की फोटो भी भेजी। बातचीत कर आरोपी किरायेदार बनने को तैयार हो गया और उसने किराये के एडवांस में रुपये भेजने के लिए पुष्कर श्रीवास्तव के मोबाइल पर एक क्यूआर कोड का लिंक भेजा।
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आरोपी ने पहले एक रुपया भेजा और फिर दोबारा लिंक भेजकर पहले 24 हजार और फिर पांच बार में कुल 88 हजार रुपये उनके खाते से निकाल लिए। आरोपी ने उनकी पत्नी के मोबाइल पर लिंक भेजकर 10 हजार रुपये निकाल लिए। पुष्कर ने बताया कि आरोपी ने पहली बार गलती से रुपया क्रेडिट की बजाय डेबिट होने और फिर वापस भेजने के नाम पर लिंक भेजा। फिर तकनीकी कमी बताकर दोबारा रुपये वापस करने का हवाला देकर लिंक भेजकर रुपये निकालता रहा।
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टूलेट नोटिस से भी नंबर लेकर कर सकते हैं कॉल
साइबर सेल प्रभारी बलजीत सिंह ने बताया कि ठगी से बचाव के लिए किसी भी अंजान नंबर से भेजे गए लिंक को क्लिक नहीं करें। साथ ही अगर कोई अनजान आदमी रुपये देने की बात कहे तो उसके झांसे में नहीं आए। किसी भी ऑनलाइन लेनदेन से पहले पड़ताल कर लेना बेहतर रहता है। आरोपी वेबसाइट से नंबर लेकर ही नहीं मकान के बाहर लगे टूलेट नोटिस या पंफलेट से भी नंबर लेकर ठगी कर सकते हैं।
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