फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   आरडब्ल्यूए कोना---जोड़---

आरडब्ल्यूए कोना---जोड़---

Tue, 24 Jul 2018 12:56 AM IST
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
आरडब्ल्यूए कोना---जोड़---
फोटो.....
विज्ञापन

आरडब्लयूए कोना...

सेक्टर-34 अरावली अपार्टमेंट की
इमारत हादसों को दे रही दावत
- पिछले 20 साल से खाली पड़े हैं एमटीएनएल के अपार्टमेंट
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। शहर के सेक्टरों में ऐसी कई इमारतें हैं जो जर्जर हो चुकी हैं। इन्हें जल्द ही दुरुस्त कराने की आवश्यकता है। अगर उन्हें दुरुस्त नहीं किया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार शिकायत के बाद भी इस पर कोई काम नहीं हो रहा।
सेक्टर-34 में जर्जर इमारतें खड़ी हुई हैं। जिन्हें बने 25 साल से ऊपर हो चुके हैं। बी-3 अरावली अपार्टमेंट की बात करें तो यहां एमटीएनएल के 48 फ्लैट हैं, जो पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। बारिश के चलते यहां प्लास्टर भी गिरने लगा है। ऐसे में हादसा होना कोई बड़ी बात नहीं है। सेक्टर के लोगों का कहना है कि मार्च माह में केंद्रीय दूरसंचार मंत्री से मिलकर अपार्टमेंट के 48 फ्लैटों को दुरुस्त कराने की मांग की गई थी। साथ ही बकाया मेंटेनेंस दिलाने को कहा गया था, लेकिन अब तक यह जस के तस हैं। पिछले 20 साल से यहां कोई नहीं रह रहा है, जिससे अपराध भी बढ़ गए हैं। इमारत में लगे सरिये दिखाई देने लगे हैं। इमारत कभी भी गिर सकती है। अपार्टमेंट के सामने ही पार्क है। जहां बच्चे खेलने भी नहीं जा सकते। सेक्टर के लोगों ने यहां गाड़ियां खड़ी करना भी बंद कर दिया है। चूंकि यहां आए दिन प्लास्टर गिरता रहता है। पिछले दिनों यहां कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके लिए प्राधिकरण अधिकारी व एमटीएनएल के जीएम से बात की जा चुकी है। लेकिन वह पल्ला झाड़ लेते हैं। यही हाल सेक्टर-71, 75, 77, 78, 120, 121, 122 व अन्य सेक्टर में बनी इमारतों का है। जहां इमारत टूटी पड़ी हैं। यहां की कुछ इमारतों में लोग रह भी रहे हैं, जिनकी जान को खतरा भी हो सकता है। इसलिए इन्हें दुरुस्त कराना बहुत ही जरूरी है। अन्यथा ये किसी भी समय भरभरा कर गिर सकती हैं।
विज्ञापन

--------
जहां प्रधानमंत्री लोगों के रहने के लिए आवास योजना बना रहे हैं। वहीं हमारे सेक्टर में 48 फ्लैट जर्जर पड़े हुए हैं, जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। इससे सरकार को बहुत बड़ी वित्तीय हानि हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- धर्मेंद्र शर्मा, अध्यक्ष, सेक्टर-34 अरावली अपार्टमेंट बी-3
--------
352 फ्लैट में 249 से 297 तक यानि 48 फ्लैट महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) को आवंटित किए गए थे। लेकिन वर्ष 1998 से ये फ्लैट खाली पड़े हैं। अंदर से ये फ्लैट खोखले हो चुके हैं।
- प्रदीप सिंह, महासचिव, सेक्टर-34 अरावली अपार्टमेंट बी-3
---------

फोटो.....
अमर उजाला की खबर का असर
सेक्टर-27 व 46 की नालियों से निकाला कचरा
नोएडा। आरडब्ल्यूए कोना के माध्यम से अमर उजाला रोजाना सेक्टर की गतिविधियों पर खबर को प्रकाशित कर रहा है। सेक्टर की समस्याओं को देखते हुए 21 जुलाई के अंक में ‘सेक्टर-46 में बंद पड़ी हैं नालियां’ शीर्षक से खबर छपी थी। जिसका असर यह हुआ कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां का निरीक्षण किया। सेक्टर के अध्यक्ष टीसी गौड़ ने बताया कि समस्या को गंभीरता से लेते हुए नालियों की सफाई कराई गई। वहीं, 23 जुलाई के अंक में ‘बारिश से सड़कें जलमग्न, सेक्टर में भरा पानी’ शीर्षक से छपी खबर का तुरंत असर हुआ। सेक्टर-27 के अध्यक्ष राजीव गर्ग ने बताया कि सोमवार सुबह ही प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण के बाद सफाई कर्मचारियों ने यहां की नालियों में फंसे कचरे को निकाला, जिससे बंद हो रखी नालियां भी खुल गई।

-------
सेक्टरों में पानी की किल्लत
नोएडा। सेक्टर में रह रहे लोगों को आए दिन पानी की किल्लत हो रही है। यहां पानी निर्धारित समय के बाद आता है और समय से पहले चला जाता है। जिससे लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। कुछ सेक्टर में दूषित पानी आ रहा है तो कुछ सेक्टर में पानी का प्रेशर बहुत ही कम है। सेक्टर-82 मधुबन अपार्टमेंट के महासचिव सत्यप्रकाश शुक्ला ने बताया कि हर दूसरे दिन दूषित पानी आता है, जो किसी भी तरह से इस्तेमाल के लायक नहीं होता। जल विभाग को इसके लिए कदम उठाने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed