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72 टीमें बनाएंगी जिले को मलेरिया मुक्त
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आशा वर्करों को जानकारी देते डॉ बिमलेश तिवारी
- फोटो : Mewat
पुन्हाना (यूनुस अल्वी)। नूंह जिले को प्रदेश में मलेरिया बीमारी को अतिसंवेदनशील सूची में शामिल किए जाने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 6 से 21 अप्रैल तक महाअभियान चलाया जाएगा। इसके लिए 72 टीमों का गठन किया गया है। जो तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के 62 गांवों के 26,695 घरों की एक लाख 85 हजार 754 जनसंख्या को मलेरिया मुक्त करेंगे।
जिला महामारी रोग विशेषज्ञ अधिकारी बिमलेश तिवारी ने शनिवार को नूंह खंड की पीएचसी उजीना, सूड़ाका व बाई में आशा वर्कर व अन्य कर्मचारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी को अभियान के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। पांच अप्रैल को सभी 75 एमपीएचडब्ल्यू, 16 सुपरवाइजर और मेडिकल ऑफिसर के साथ राज्य के हेल्थ डिप्टी डायरेक्टर राकेश सैनी बैठक लेकर तैयारियों का जायजा लेंगे। विमलेश तिवारी ने बताया कि रैपिड डायनोस्टिक टेस्ट किट के जरिये मौके पर ही लोगों की मलेरिया की जांच की जाएगी। इस किट से मात्र 15 मिनट में ही रिपोर्ट आ जाएगी। मरीज को आशा वर्कर की निगरानी में गांव में ही इलाज दिया जाएगा। प्रत्येक टीम एक दिन में कम से कम 40 से 45 घरों की जांच करेगी।
सक्षम युवा भी करेंगे सहयोग
जांच टीम के साथ-साथ सक्षम युवाओं के दो-दो सदस्य शामिल होंगे। जो गांव की गंदी नालियों में दवा का छिड़काव करेंगे व कूलर, पानी की टंकी आदि की सफाई कराने का काम करेंगे।
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पीएचसी इंचार्ज नियुक्त किया
अभियान में कोई लापरवाही न हो इसके लिए सिविल सर्जन ने उजीना पीएसची का इंचार्ज जिला महामारी रोग विशेषज्ञ अधिकारी बिमलेश तिवारी, बाई पीएसची का इंचार्ज जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अजिंद्र यादव और सुड़ाका पीएसची का इंचार्ज डॉ. जितेंद्र कुमार को नियुक्त किया है। सीएसची नूंह के एसएमओ को ओवरऑल इंचार्ज बनाया गया है।
मस्जिद-मंदिर से लोगों को जागरूक किया जाएगा
महाअभियान से पहले और अभियान के दौरान गांव के लोगों को मस्जिद और मंदिर में लगे लाउड स्पीकरों के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। वहीं गांव के सरपंच के सहयोग से गांवों में फॉगिंग कराई जाएगी।
2015 से 2021 तक जिले में मलेरिया की स्थिति
वर्ष कुल मलेरिया मामला मौत
2015 6638 तीन
2016 5075 ---
2017 3645 ---
2018 1968 ---
2019 942 ---
2020 024 ---
2021 अभी तक जिले में एक भी मामला नहीं मिला
सोर्स जिला स्वास्थ्य विभाग नूंह
पीएचसी का माइक्रो प्लान
पीएचस गांव घर जनसंख्या समय टीम
उजीना 22 11682 74515 14 दिन 28
सुडाका 16 6169 40883 8 दिन 21
बाई 24 8844 70356 10 दिन 23
टोटल 62 26695 185754 16 दिन 72
मंगलवार से 62 गांवों में 26695 घरों की एक लाख 85 हजार 754 आबादी की जांच करने के लिए 72 टीमें गठित की गई हैं। टीमों की निगरानी के लिए 16 सुपरवाइजर और अन्य अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मेवात क्षेत्र मलेरिया मामले में प्रदेश में सबसे अतिसंवेदनशीन जिला घोषित है। इस बार नूंह जिले में मलेरिया मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। - बिमलेश तिवारी, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ अधिकारी
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जिला महामारी रोग विशेषज्ञ अधिकारी बिमलेश तिवारी ने शनिवार को नूंह खंड की पीएचसी उजीना, सूड़ाका व बाई में आशा वर्कर व अन्य कर्मचारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी को अभियान के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। पांच अप्रैल को सभी 75 एमपीएचडब्ल्यू, 16 सुपरवाइजर और मेडिकल ऑफिसर के साथ राज्य के हेल्थ डिप्टी डायरेक्टर राकेश सैनी बैठक लेकर तैयारियों का जायजा लेंगे। विमलेश तिवारी ने बताया कि रैपिड डायनोस्टिक टेस्ट किट के जरिये मौके पर ही लोगों की मलेरिया की जांच की जाएगी। इस किट से मात्र 15 मिनट में ही रिपोर्ट आ जाएगी। मरीज को आशा वर्कर की निगरानी में गांव में ही इलाज दिया जाएगा। प्रत्येक टीम एक दिन में कम से कम 40 से 45 घरों की जांच करेगी।
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सक्षम युवा भी करेंगे सहयोग
जांच टीम के साथ-साथ सक्षम युवाओं के दो-दो सदस्य शामिल होंगे। जो गांव की गंदी नालियों में दवा का छिड़काव करेंगे व कूलर, पानी की टंकी आदि की सफाई कराने का काम करेंगे।
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पीएचसी इंचार्ज नियुक्त किया
अभियान में कोई लापरवाही न हो इसके लिए सिविल सर्जन ने उजीना पीएसची का इंचार्ज जिला महामारी रोग विशेषज्ञ अधिकारी बिमलेश तिवारी, बाई पीएसची का इंचार्ज जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अजिंद्र यादव और सुड़ाका पीएसची का इंचार्ज डॉ. जितेंद्र कुमार को नियुक्त किया है। सीएसची नूंह के एसएमओ को ओवरऑल इंचार्ज बनाया गया है।
मस्जिद-मंदिर से लोगों को जागरूक किया जाएगा
महाअभियान से पहले और अभियान के दौरान गांव के लोगों को मस्जिद और मंदिर में लगे लाउड स्पीकरों के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। वहीं गांव के सरपंच के सहयोग से गांवों में फॉगिंग कराई जाएगी।
2015 से 2021 तक जिले में मलेरिया की स्थिति
वर्ष कुल मलेरिया मामला मौत
2015 6638 तीन
2016 5075 ---
2017 3645 ---
2018 1968 ---
2019 942 ---
2020 024 ---
2021 अभी तक जिले में एक भी मामला नहीं मिला
सोर्स जिला स्वास्थ्य विभाग नूंह
पीएचसी का माइक्रो प्लान
पीएचस गांव घर जनसंख्या समय टीम
उजीना 22 11682 74515 14 दिन 28
सुडाका 16 6169 40883 8 दिन 21
बाई 24 8844 70356 10 दिन 23
टोटल 62 26695 185754 16 दिन 72
मंगलवार से 62 गांवों में 26695 घरों की एक लाख 85 हजार 754 आबादी की जांच करने के लिए 72 टीमें गठित की गई हैं। टीमों की निगरानी के लिए 16 सुपरवाइजर और अन्य अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मेवात क्षेत्र मलेरिया मामले में प्रदेश में सबसे अतिसंवेदनशीन जिला घोषित है। इस बार नूंह जिले में मलेरिया मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। - बिमलेश तिवारी, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ अधिकारी