{"_id":"5c8552bcbdec2213fc304f62","slug":"61552241340-noida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेट्रो में बढ़ी चहलकदमी, यात्रियों को मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेट्रो में बढ़ी चहलकदमी, यात्रियों को मिली राहत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्लू-एक्वा लाइन मेट्रो में बढ़ी चहलकदमी, यात्रियों को मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सिटी सेंटर से इलेक्ट्रॉनिक सिटी के बीच ब्लू लाइन विस्तार मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। नए मेट्रो स्टेशनों पर अवकाश के दिन भी खासी चहलकदमी दिखाई दी। यात्रियों को ऑटोवालों की मनमानी से छुटकारा मिला तो ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली एक्वा लाइन को भी ऑक्सीजन मिल गई। सोमवार को नए स्टेशनों पर और ज्यादा भीड़ रहेगी। पेश है रिपोर्ट...
-----------
सिटी सेंटर से कम हुआ यात्रियों का दबाव
सिटी सेंटर से इलेक्ट्रॉनिक सिटी के बीच मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों की भीड़ डायवर्ट होने लगी है। पहले अंतिम स्टेशन सिटी सेंटर था। यात्रियों को यहां उतरकर ऑटो, बस और रिक्शा से आगे की दूरी तय करनी पड़ रही थी, लेकिन मेट्रो विस्तार होने के बाद सिटी सेंटर को यात्रियों के दबाव से राहत मिली है। इस स्टेशन से रोजाना 30 हजार से ज्यादा यात्री सफर करते हैं।
----------
ग्रेटर नोएडा मेट्रो को मिले यात्री
रविवार का अवकाश होने के बाद भी ब्लू लाइन से एक्वा लाइन बदलने वाले यात्रियों की खासी भीड़ दिखाई दी। एक्वा लाइन के सेक्टर-51 व ब्लू लाइन के सेक्टर-52 स्टेशन के बीच चलाए गए निशुल्क ई-रिक्शा भरकर चल रहे थे। इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो शुरू होने से पहले यात्रियों को मेट्रो बदलने के लिए लंबी दूरी नापनी पड़ रही थी।
विज्ञापन
----------
ऑटो वाले बदलेंगे रूट
सेक्टर-62 से सिटी सेंटर के बीच 500 से ज्यादा शेयरिंग ऑटो का संचालन किया जा रहा है। अब मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद ऑटो की सवारियों में कमी आना तय है। रविवार को इसका असर दिखाई दिया। ऐसे में ऑटो वालों ने मेट्रो स्टेशनों से औद्योगिक सेक्टर-63, 65 की ओर रुख करने की योजना बनाई है। दरअसल, इलेक्ट्रॉनिक सिटी से सिटी सेंटर के बीच ऑटो का किराया 20 रुपये है, जबकि मेट्रो का किराया साधारण दिन में 30 और अवकाश के दिन 20 रुपये है। स्मार्ट कार्ड से किराये में अतिरिक्त रियायत मिलती है। ऐसे में ऑटो से ज्यादा मेट्रो का विकल्प यात्री आजमाएंगे।
-----------
ये सुविधाएं मिले तो बने बात
- फुटओवर ब्रिज: इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन पर एफओबी का काम अधूरा है। सेक्टर-62 की ओर से मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाला हिस्सा अभी अधूरा है, जबकि ग्रीन बेल्ट और सेक्टर-63 से कनेक्टिविटी मिल गई है।
- पार्किंग अधूरी: इलेक्ट्रॉनिक सिटी नोएडा का अंतिम स्टेशन है। ऐसे में इस स्टेशन पर पार्किंग बेहद जरूरी है, लेकिन मेट्रो रेल सेवा शुरू होने के बाद भी पार्किंग शुरू नहीं हो पाई है। रविवार को काम जारी था।
------------
दो महीने में सोलर ई-रिक्शा की सुविधा
एक्वा और ब्लू लाइन को जोड़ने के लिए दो महीने में सोलर ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ई-रिक्शा उपलब्ध कराने वाली कंपनी के सीईओ राम गुप्ता ने बताया कि फिलहाल अस्थायी तौर पर साधारण ई-रिक्शा चलाए जा रहे हैं। सोलर ई-रिक्शा चलाने के बार-बार चार्जिंग प्वाइंट का सहारा नहीं लेना होगा। धूप में खड़े ई-रिक्शा की बैटरी स्वत: चार्ज हो जाएगी।
------------------
मुझे इंदिरापुरम जाना है। बल्लभगढ़ से मेट्रो में सवार हुआ और करीब सवा दो घंटे में गाजियाबाद बॉर्डर पर पहुंच गया है। सफर काफी आसान हुआ है।
- सुरेंद्र, यात्री
----
सिटी सेंटर से मॉडल टाउन आने के लिए 20 रुपये ऑटो में किराया देना पड़ रहा था। मेट्रो से 18 रुपये में ही सफर तय कर लिया। मेट्रो से आरामदायक और किफायती सफर मिला है।
- विवेक श्रीवास्तव, यात्री
-----
बुकिंग से चलने वाले ऑटो पर मेट्रो चलने का ज्यादा असर नहीं पड़ा है, लेकिन शेयरिंग ऑटो वाले इससे प्रभावित हुए हैं। रविवार को ऑटो खाली खड़े रहे। लोग मेट्रो में सवार हो रहे थे।
- मिथुन, ऑटो चालक
-----
जो ऑटो मॉडल टाउन और सेक्टर-62 व 63 से सिटी सेंटर की ओर जाते हैं। उन्हें मजबूरन अपना रूट बदलना पड़ेगा, क्योंकि अब मेट्रो पकड़ने के लिए कोई सिटी सेंटर क्यों जाएगा।
- शिव नारायण, ऑटो चालक
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सिटी सेंटर से इलेक्ट्रॉनिक सिटी के बीच ब्लू लाइन विस्तार मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। नए मेट्रो स्टेशनों पर अवकाश के दिन भी खासी चहलकदमी दिखाई दी। यात्रियों को ऑटोवालों की मनमानी से छुटकारा मिला तो ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली एक्वा लाइन को भी ऑक्सीजन मिल गई। सोमवार को नए स्टेशनों पर और ज्यादा भीड़ रहेगी। पेश है रिपोर्ट...
-----------
सिटी सेंटर से कम हुआ यात्रियों का दबाव
सिटी सेंटर से इलेक्ट्रॉनिक सिटी के बीच मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों की भीड़ डायवर्ट होने लगी है। पहले अंतिम स्टेशन सिटी सेंटर था। यात्रियों को यहां उतरकर ऑटो, बस और रिक्शा से आगे की दूरी तय करनी पड़ रही थी, लेकिन मेट्रो विस्तार होने के बाद सिटी सेंटर को यात्रियों के दबाव से राहत मिली है। इस स्टेशन से रोजाना 30 हजार से ज्यादा यात्री सफर करते हैं।
विज्ञापन
----------
ग्रेटर नोएडा मेट्रो को मिले यात्री
रविवार का अवकाश होने के बाद भी ब्लू लाइन से एक्वा लाइन बदलने वाले यात्रियों की खासी भीड़ दिखाई दी। एक्वा लाइन के सेक्टर-51 व ब्लू लाइन के सेक्टर-52 स्टेशन के बीच चलाए गए निशुल्क ई-रिक्शा भरकर चल रहे थे। इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो शुरू होने से पहले यात्रियों को मेट्रो बदलने के लिए लंबी दूरी नापनी पड़ रही थी।
विज्ञापन
----------
ऑटो वाले बदलेंगे रूट
सेक्टर-62 से सिटी सेंटर के बीच 500 से ज्यादा शेयरिंग ऑटो का संचालन किया जा रहा है। अब मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद ऑटो की सवारियों में कमी आना तय है। रविवार को इसका असर दिखाई दिया। ऐसे में ऑटो वालों ने मेट्रो स्टेशनों से औद्योगिक सेक्टर-63, 65 की ओर रुख करने की योजना बनाई है। दरअसल, इलेक्ट्रॉनिक सिटी से सिटी सेंटर के बीच ऑटो का किराया 20 रुपये है, जबकि मेट्रो का किराया साधारण दिन में 30 और अवकाश के दिन 20 रुपये है। स्मार्ट कार्ड से किराये में अतिरिक्त रियायत मिलती है। ऐसे में ऑटो से ज्यादा मेट्रो का विकल्प यात्री आजमाएंगे।
-----------
ये सुविधाएं मिले तो बने बात
- फुटओवर ब्रिज: इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन पर एफओबी का काम अधूरा है। सेक्टर-62 की ओर से मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाला हिस्सा अभी अधूरा है, जबकि ग्रीन बेल्ट और सेक्टर-63 से कनेक्टिविटी मिल गई है।
- पार्किंग अधूरी: इलेक्ट्रॉनिक सिटी नोएडा का अंतिम स्टेशन है। ऐसे में इस स्टेशन पर पार्किंग बेहद जरूरी है, लेकिन मेट्रो रेल सेवा शुरू होने के बाद भी पार्किंग शुरू नहीं हो पाई है। रविवार को काम जारी था।
------------
दो महीने में सोलर ई-रिक्शा की सुविधा
एक्वा और ब्लू लाइन को जोड़ने के लिए दो महीने में सोलर ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ई-रिक्शा उपलब्ध कराने वाली कंपनी के सीईओ राम गुप्ता ने बताया कि फिलहाल अस्थायी तौर पर साधारण ई-रिक्शा चलाए जा रहे हैं। सोलर ई-रिक्शा चलाने के बार-बार चार्जिंग प्वाइंट का सहारा नहीं लेना होगा। धूप में खड़े ई-रिक्शा की बैटरी स्वत: चार्ज हो जाएगी।
------------------
मुझे इंदिरापुरम जाना है। बल्लभगढ़ से मेट्रो में सवार हुआ और करीब सवा दो घंटे में गाजियाबाद बॉर्डर पर पहुंच गया है। सफर काफी आसान हुआ है।
- सुरेंद्र, यात्री
----
सिटी सेंटर से मॉडल टाउन आने के लिए 20 रुपये ऑटो में किराया देना पड़ रहा था। मेट्रो से 18 रुपये में ही सफर तय कर लिया। मेट्रो से आरामदायक और किफायती सफर मिला है।
- विवेक श्रीवास्तव, यात्री
-----
बुकिंग से चलने वाले ऑटो पर मेट्रो चलने का ज्यादा असर नहीं पड़ा है, लेकिन शेयरिंग ऑटो वाले इससे प्रभावित हुए हैं। रविवार को ऑटो खाली खड़े रहे। लोग मेट्रो में सवार हो रहे थे।
- मिथुन, ऑटो चालक
-----
जो ऑटो मॉडल टाउन और सेक्टर-62 व 63 से सिटी सेंटर की ओर जाते हैं। उन्हें मजबूरन अपना रूट बदलना पड़ेगा, क्योंकि अब मेट्रो पकड़ने के लिए कोई सिटी सेंटर क्यों जाएगा।
- शिव नारायण, ऑटो चालक