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राष्ट्रीय राजमार्गों पर 52 लाख पौधे लगेंगे : गडकरी
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ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज पर एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान की शुरुआत
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17 हजार पौधे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर लगेंगे
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एक वर्ष में देशभर में 52 लाख पौधे लगाएगा। मंगलवार को जेवर में यमुना एक्सप्रेसवे को इंटरचेंज से जोड़ रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर आयोजित जनसभा में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान की शुरुआत करते हुए यह बात कही।
गडकरी ने जनसभा में कहा कि यह क्षेत्र अभी दिल्ली से दूर है तो आबोहवा अच्छी है। उन्होंने स्थानीय सांसद, विधायक, अधिकारियों और स्थानीय लोगों से कहा कि नोएडा एयरपोर्ट बनने के बाद वाहनों से यहां प्रदूषण बढ़ेगा। ऐसे में इस क्षेत्र को हरा-भरा बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। एनएचएआई ग्रीनफील्ड एक्स्प्रेसवे पर 17 हजार पौधे लगाएगा। पौधरोपण के दौरान उन्होंने यमुना एक्सप्रेसवे और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बीच बने इंटरचेंज का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस इंटरचेंज को पौधे लगाने के साथ-साथ खूबसूरत भी बनाएंगे ताकि यहां आने वाले यात्रियों को नोएडा की सुंदरता का अहसास हो सके। गडकरी ने कहा कि राजमार्ग बनाने के लिए अब तक एक लाख पेड़ों का प्रत्यारोपण किया गया है जिसमें से 85 प्रतिशत पेड़ों को बचा लिया गया है। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद डॉ. महेश शर्मा और जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष यादव, तीनों प्राधिकरणों के सीईओ व जिलाधिकारी मनीष वर्मा आदि मौजूद रहे।
अमेरिका को पीछे छोड़ देगी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री
गडकरी ने कहा कि जब वे मंत्री बने थे तो भारत ऑटोमोबाइल में 13वें नंबर पर था। आज हम जापान को छोड़कर 2200 लाख करोड़ रुपये की इंडस्ट्री बन गए हैं। अगले पांच साल में अमेरिका को पीछे छोड़कर पहले नंबर की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बनाने का लक्ष्य है।
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बांस के बनेंगे एक्सप्रेसवे के किनारे क्रैश बैरियर
गडकरी ने कहा कि जल्द ही एनएचएआई देशभर में बनने वाले एक्सप्रेसवे और अन्य राजमार्ग पर बांस से बने क्रैश बैरियर लगाएगा। बांस की खेती का चीन में करीब दो लाख करोड़ रुपये का कारोबार है। भारत में इसका उपयोग कई वस्तुओं में किया जा सकता है।
हर रोज बन रही 30 किमी सड़क : मल्होत्रा
केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि आजादी के बाद से वर्ष 2014 तक 90 हजार किलोमीटर सड़क का ही निर्माण हुआ जबकि पिछले 11 वर्षों में ही 60 हजार किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है। आज प्रतिदिन 30 किलोमीटर सड़क बन रही है जो 2014 से पहले 12 किलोमीटर ही होती थी। एक्सप्रेसवे के निर्माण में 650 करोड़ श्रम घंटे लोगों को रोजगार मिला है। अब एक्सप्रेसवे के दोनों ओर प्राकृतिक बैरियर के तौर पर बैंबू लगेंगे।
जितने पेड़ कटे उससे ज्यादा लगाए
केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में भी सड़क परिवहन मंत्रालय सड़कों का जाल बिछा रहा है। अटल टनल से लेकर लिपुलेख दर्रे से कैलाश मानसरोवर तक शानदार सड़कें बन चुकी हैं। पिछले अभियान एक पेड़ मां के नाम 1.0 के तहत 6 करोड़ पेड़ लगाए गए इस बार अभियान 2.0 के तहत उससे भी अधिक पेड़ लगेंगे। प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करते हुए अब तक जितने भी पेड़ कटे हैं उससे ज्यादा लगाए गए हैं।
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17 हजार पौधे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर लगेंगे
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एक वर्ष में देशभर में 52 लाख पौधे लगाएगा। मंगलवार को जेवर में यमुना एक्सप्रेसवे को इंटरचेंज से जोड़ रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर आयोजित जनसभा में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान की शुरुआत करते हुए यह बात कही।
गडकरी ने जनसभा में कहा कि यह क्षेत्र अभी दिल्ली से दूर है तो आबोहवा अच्छी है। उन्होंने स्थानीय सांसद, विधायक, अधिकारियों और स्थानीय लोगों से कहा कि नोएडा एयरपोर्ट बनने के बाद वाहनों से यहां प्रदूषण बढ़ेगा। ऐसे में इस क्षेत्र को हरा-भरा बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। एनएचएआई ग्रीनफील्ड एक्स्प्रेसवे पर 17 हजार पौधे लगाएगा। पौधरोपण के दौरान उन्होंने यमुना एक्सप्रेसवे और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बीच बने इंटरचेंज का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस इंटरचेंज को पौधे लगाने के साथ-साथ खूबसूरत भी बनाएंगे ताकि यहां आने वाले यात्रियों को नोएडा की सुंदरता का अहसास हो सके। गडकरी ने कहा कि राजमार्ग बनाने के लिए अब तक एक लाख पेड़ों का प्रत्यारोपण किया गया है जिसमें से 85 प्रतिशत पेड़ों को बचा लिया गया है। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद डॉ. महेश शर्मा और जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष यादव, तीनों प्राधिकरणों के सीईओ व जिलाधिकारी मनीष वर्मा आदि मौजूद रहे।
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अमेरिका को पीछे छोड़ देगी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री
गडकरी ने कहा कि जब वे मंत्री बने थे तो भारत ऑटोमोबाइल में 13वें नंबर पर था। आज हम जापान को छोड़कर 2200 लाख करोड़ रुपये की इंडस्ट्री बन गए हैं। अगले पांच साल में अमेरिका को पीछे छोड़कर पहले नंबर की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बनाने का लक्ष्य है।
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बांस के बनेंगे एक्सप्रेसवे के किनारे क्रैश बैरियर
गडकरी ने कहा कि जल्द ही एनएचएआई देशभर में बनने वाले एक्सप्रेसवे और अन्य राजमार्ग पर बांस से बने क्रैश बैरियर लगाएगा। बांस की खेती का चीन में करीब दो लाख करोड़ रुपये का कारोबार है। भारत में इसका उपयोग कई वस्तुओं में किया जा सकता है।
हर रोज बन रही 30 किमी सड़क : मल्होत्रा
केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि आजादी के बाद से वर्ष 2014 तक 90 हजार किलोमीटर सड़क का ही निर्माण हुआ जबकि पिछले 11 वर्षों में ही 60 हजार किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है। आज प्रतिदिन 30 किलोमीटर सड़क बन रही है जो 2014 से पहले 12 किलोमीटर ही होती थी। एक्सप्रेसवे के निर्माण में 650 करोड़ श्रम घंटे लोगों को रोजगार मिला है। अब एक्सप्रेसवे के दोनों ओर प्राकृतिक बैरियर के तौर पर बैंबू लगेंगे।
जितने पेड़ कटे उससे ज्यादा लगाए
केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में भी सड़क परिवहन मंत्रालय सड़कों का जाल बिछा रहा है। अटल टनल से लेकर लिपुलेख दर्रे से कैलाश मानसरोवर तक शानदार सड़कें बन चुकी हैं। पिछले अभियान एक पेड़ मां के नाम 1.0 के तहत 6 करोड़ पेड़ लगाए गए इस बार अभियान 2.0 के तहत उससे भी अधिक पेड़ लगेंगे। प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करते हुए अब तक जितने भी पेड़ कटे हैं उससे ज्यादा लगाए गए हैं।