फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   अब नहीं आएगी ग्रेनो में रिहायश की स्कीम

अब नहीं आएगी ग्रेनो में रिहायश की स्कीम

Tue, 01 Jan 2019 04:38 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jan 2019 04:38 AM IST
विज्ञापन
अब नहीं आएगी ग्रेनो में रिहायश की स्कीम
संशोधित
विज्ञापन

--
अब ग्रेनो प्राधिकरण नहीं लाएगा फ्लैटों की स्कीम
- लगातार फेल हो रहीं स्कीम के चलते लिया निर्णय
- सरकारी संस्थाएं घर बनाने को ग्रेनो में ले सकेंगी जमीन
- ग्रेनो प्राधिकरण के बोर्ड से लग चुकी है मुहर
अरविंद सिंह
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब कभी भी निर्मित भवनों (फ्लैट और घरों) की स्कीम नहीं लाएगा। लगातार फेल हो रही आवासीय स्कीम को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया जाएगा। हालांकि सरकारी संस्थाएं अपने स्टाफ क्वाटर के लिए प्राधिकरण से जमीन ले सकेंगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने हाल ही में सेक्टर ओमीक्रॉन वन और टू में निर्मित भवनों की स्कीम लांच की। करीब 1200 फ्लैट हैं। इस योजना के लिए खरीदार नहीं मिले। हाल ही में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से एनएमआरसी ने करीब 900 फ्लैट खरीद लिए। इससे करीब 400 करोड़ रुपये प्राधिकरण को मिल गए। साथ ही फ्लैट भी बिक गए, लेकिन बाकी के 300 फ्लैटों के लिए अब भी खरीदार नहीं आ रहे। इस योजना के तहत अब तक सिर्फ 11 आवेदन आए हैं। इससे पहले भी लेफ्ट आउट फ्लैटों की स्कीम आई थी, तब भी यही हश्र हुआ था। इसे देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने तय किया है कि अब वह न तो घर बनाएगा और न ही कोई और स्कीम आएगी। हालांकि प्राधिकरण ने यह भी फैसला किया है कि अगर कोई सरकारी संस्था ग्रेटर नोएडा में जमीन चाहती है और वह सोसायटी में पंजीकृत है तो उसे जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। अगर उनसे कोई करार हो जाता है कि उनको निर्मित भवन चाहिए तो उतने ही घर बनाकर दे दिए जाएंगे।
विज्ञापन


2021 तक और घर की जरूरत नहीं
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक ग्रेटर नोएडा में जितने घर बन रहे हैं उससे न सिर्फ वर्तमान समय में घर की जरूरत पूरी हो रही है, बल्कि 2021 तक और घर बनाने की जरूरत नहीं है। दरअसल, ग्रेटर नोएडा व ग्रेनो वेस्ट में ही 2012 तक तीन लाख से अधिक फ्लैटों के लिए जमीन बिल्डरों को आवंटित कर दी गई। कुछ प्रोजेक्ट बन गए हैं तो कुछ बन रहे हैं। कुछ प्रोजेक्ट फंसे हुए हैं। उनको पूरा कराने के लिए सरकारी मशीनरी प्रयासरत है। इनमें से कई प्रोेजेक्ट अगले दो से तीन साल में पूरे हो जाएंगे और खरीदार उनमें रहने आएंगे। इसलिए 2021 के बाद ही नए घरों की जरूरत होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



प्राधिकरण बोर्ड ने फैसला लिया है कि प्राधिकरण खुद घर बनाकर नहीं बेचेगा। जब जमीन उपलब्ध होगी तब प्लॉटों की स्कीम लाई जाएगी। वैसे भी ग्रेटर नोएडा में जरूरत से अधिक घर बन गए हैं। ऐसे में अब इसकी जरूरत नहीं दिख रही।
- नरेंद्र भूषण, सीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed