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Noida News: दीक्षांत समारोह में 47 मेधावी छात्रों को मिला विशेष योग्यता पुरस्कार
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-आईएसटीडी के कार्यक्रम में 189 छात्रों को डिप्लोमा प्रमाण पत्र किए गए प्रदान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया स्थित फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के अधितम केंद्र में स्थित प्रज्ञा हॉल में रविवार को इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट (आईएसटीडी) का वार्षिक डिप्लोमा दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इसमें 189 छात्रों को डिप्लोमा प्रमाण पत्र दिए गए और 47 मेधावी छात्रों को विशेष योग्यता पुरस्कार दिए गए।
समारोह में श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक मुख्य अतिथि रहे। फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष डॉ बीबीएल मधुकर और डिप्लोमा बोर्ड के अध्यक्ष एलआरके कृष्णन सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए। आईएसटीडी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता चौहान ने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। मौके पर उपस्थित डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा करने वाले 73 और विशेष योग्यता पुरस्कार पाने वाले 27 मेधावी छात्रों ने मुख्य अतिथि के हाथों में अपने प्रमाण पत्र अर्जित किए।
प्रो मुरलीमनोहर पाठक ने छात्रों से कहा कि इन्होंने आईएसटीडी में जो ज्ञान अर्जित किया है, बाहर जाकर वह इसमें नए प्रयोग करेंगे, अपने आप को साबित करेंगे और संस्थान का नाम रोशन करेंगे। आईएसटीडी पिछले 54 साल से मेहनत और सफलता का पर्याय बनकर उभरा है। दीक्षांत समारोह में पहनी गई आगंतुकों की विशेष पोशाक पर बात करते हुए उन्होंने कहा, इस पोशाक को देखकर उन्हें ऐसा लगता है कि जैसे सभी अंग्रेज हों। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर बात की। उन्होंने कहा, नई शिक्षा नीति का मतलब आधुनिकता के साथ प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाना है।
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डॉ बीबीएल मधुकर ने कहा कि छात्रों को सफलता का जो प्रमाण मिला है, इसके लिए इन्हें जीवन भर अपने गुरुजनों की वंदना करनी चाहिए। आईएसटीडी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता चौहान ने बताया कि 15 मई से आईएसटीडी का अगला बैच शुरू हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट करीब 54 साल से युवा प्रोफेशनल्स को सीखने और विकास के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर रहा है। छात्रों को 18 महीने का पत्राचार और पीजी डिप्लोमा कोर्स कराया जाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया स्थित फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के अधितम केंद्र में स्थित प्रज्ञा हॉल में रविवार को इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट (आईएसटीडी) का वार्षिक डिप्लोमा दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इसमें 189 छात्रों को डिप्लोमा प्रमाण पत्र दिए गए और 47 मेधावी छात्रों को विशेष योग्यता पुरस्कार दिए गए।
समारोह में श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक मुख्य अतिथि रहे। फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष डॉ बीबीएल मधुकर और डिप्लोमा बोर्ड के अध्यक्ष एलआरके कृष्णन सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए। आईएसटीडी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता चौहान ने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। मौके पर उपस्थित डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा करने वाले 73 और विशेष योग्यता पुरस्कार पाने वाले 27 मेधावी छात्रों ने मुख्य अतिथि के हाथों में अपने प्रमाण पत्र अर्जित किए।
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प्रो मुरलीमनोहर पाठक ने छात्रों से कहा कि इन्होंने आईएसटीडी में जो ज्ञान अर्जित किया है, बाहर जाकर वह इसमें नए प्रयोग करेंगे, अपने आप को साबित करेंगे और संस्थान का नाम रोशन करेंगे। आईएसटीडी पिछले 54 साल से मेहनत और सफलता का पर्याय बनकर उभरा है। दीक्षांत समारोह में पहनी गई आगंतुकों की विशेष पोशाक पर बात करते हुए उन्होंने कहा, इस पोशाक को देखकर उन्हें ऐसा लगता है कि जैसे सभी अंग्रेज हों। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर बात की। उन्होंने कहा, नई शिक्षा नीति का मतलब आधुनिकता के साथ प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाना है।
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डॉ बीबीएल मधुकर ने कहा कि छात्रों को सफलता का जो प्रमाण मिला है, इसके लिए इन्हें जीवन भर अपने गुरुजनों की वंदना करनी चाहिए। आईएसटीडी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता चौहान ने बताया कि 15 मई से आईएसटीडी का अगला बैच शुरू हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट करीब 54 साल से युवा प्रोफेशनल्स को सीखने और विकास के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर रहा है। छात्रों को 18 महीने का पत्राचार और पीजी डिप्लोमा कोर्स कराया जाता है।