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बसों का बदला रूट, महंगा और लंबा हुआ सफर
Updated Thu, 02 Aug 2018 10:45 PM IST
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हेडिंग: कांवड़ यात्रा: बसों का बदला रूट, महंगा और लंबा हुआ सफर
मेरठ, हरिद्वार व कोटद्वार रूट पर रोडवेज बस सेवा प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। नोएडा से मेरठ, हरिद्वार और कोटद्वार के बीच चलने वाली बसों का रास्ता बृहस्पतिवार से बदल दिया गया है। इन रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों को लंबी दूरी नापने के साथ-साथ किराया भी ज्यादा चुकाना पड़ रहा है। मेरठ रूट सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखकर एनएच-58 पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, बुधवार तक बसों की आवाजाही वाया मोहन नगर व मोदीनगर से हो रही थी, लेकिन शिव भक्तों की भीड़ बढ़ती देख बृहस्पतिवार से रोडवेज प्रबंधन ने बसों का रूट बदल दिया गया है। नोएडा से मेरठ के लिए चलने वाली बसों को अब वाया पिलखुवा, हापुड़ व खरखौदा होकर चलाया जा रहा है। रोडवेज प्रबंधन के मुताबिक नोएडा से मोहन नगर, गाजियाबाद, मोदीनगर और मुरादनगर नगर होकर मेरठ आवाजाही करने वाली बसों को वाया पिलखुवा, हापुड़ और खरखौदा चलाया जा रहा है। इससे दूरी 15 किलोमीटर बढ़ गई है। हरिद्वार व कोटद्वार जाने वाली बसें भी इसी रूट से भेजी जा रही हैं। यात्रियों को लंबी दूरी तय करने के साथ 42 रुपये तक अतिरिक्त किराये का बोझ झेलना पड़ रहा है। रोडवेज बसों से नोएडा-मेरठ के बीच रोजाना तकरीबन दस हजार यात्री सफर करते हैं। इन यात्रियों को लाने ले जाने के लिए नोएडा डिपो की करीब 20 बसें 90 से 100 चक्कर लगाती हैं। रूट डायवर्जन के चलते सफर लंबा होने से नौकरीपेशा दैनिक यात्रियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
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हेडिंग: कांवड़ यात्रा: बसों का बदला रूट, महंगा और लंबा हुआ सफर
मेरठ, हरिद्वार व कोटद्वार रूट पर रोडवेज बस सेवा प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। नोएडा से मेरठ, हरिद्वार और कोटद्वार के बीच चलने वाली बसों का रास्ता बृहस्पतिवार से बदल दिया गया है। इन रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों को लंबी दूरी नापने के साथ-साथ किराया भी ज्यादा चुकाना पड़ रहा है। मेरठ रूट सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखकर एनएच-58 पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, बुधवार तक बसों की आवाजाही वाया मोहन नगर व मोदीनगर से हो रही थी, लेकिन शिव भक्तों की भीड़ बढ़ती देख बृहस्पतिवार से रोडवेज प्रबंधन ने बसों का रूट बदल दिया गया है। नोएडा से मेरठ के लिए चलने वाली बसों को अब वाया पिलखुवा, हापुड़ व खरखौदा होकर चलाया जा रहा है। रोडवेज प्रबंधन के मुताबिक नोएडा से मोहन नगर, गाजियाबाद, मोदीनगर और मुरादनगर नगर होकर मेरठ आवाजाही करने वाली बसों को वाया पिलखुवा, हापुड़ और खरखौदा चलाया जा रहा है। इससे दूरी 15 किलोमीटर बढ़ गई है। हरिद्वार व कोटद्वार जाने वाली बसें भी इसी रूट से भेजी जा रही हैं। यात्रियों को लंबी दूरी तय करने के साथ 42 रुपये तक अतिरिक्त किराये का बोझ झेलना पड़ रहा है। रोडवेज बसों से नोएडा-मेरठ के बीच रोजाना तकरीबन दस हजार यात्री सफर करते हैं। इन यात्रियों को लाने ले जाने के लिए नोएडा डिपो की करीब 20 बसें 90 से 100 चक्कर लगाती हैं। रूट डायवर्जन के चलते सफर लंबा होने से नौकरीपेशा दैनिक यात्रियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
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