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खरीदारों को घर दिलाने के लिए 39 बिल्डरों को दी छूट
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ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण ने शनिवार को बोर्ड बैठक में कोरोना संक्रमण के कारण अपने प्रोजेक्ट पूरे नहीं कर पाए 39 बिल्डरों को छूट प्रदान की है। अब प्रोजेक्ट पूरा करने की समयावधि 30 जून से बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी गई है। बिल्डरों को विलंब शुल्क भी जमा नहीं करना पड़ेेगा। इससे घर का इंतजार कर रहे करीब 25 हजार से अधिक खरीदारों को फ्लैट मिलने की उम्मीद जगेगी।
ग्रेनो प्राधिकरण क्षेत्र में बड़ी संख्या में बिल्डर प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं। कोरोना संक्रमण के कारण प्रोजेक्ट निर्धारित समय में पूरे नहीं हो पाए। इससे इन प्रोजेक्टों में फ्लैट बुक कराने वाले खरीदारों का इंतजार लंबा हो गया है। वह लगातार निर्माण शुरू करने या पूरा करने की मांग कर रहे हैं। बिल्डर परियोजनाओं को पूर्ण करने और फ्लैट खरीदारों को राहत देने के लिए शासन के निर्देश पर प्राधिकरण ने अधूरे प्रोजेक्टों का निर्माण कार्य पूरा करने की समयसीमा जून तय की थी। बिना पेनाल्टी समय विस्तार दिया गया था। अब बोर्ड ने बिना पेनाल्टी के फिर इन प्रोजेक्टों का निर्माण कार्य पूरा करने की अवधि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2021 कर दी है।
अब नहीं फंसेगा निवेशकों का पैसा, एस्क्रो खाते में बैंक भी होंगे शामिल
बिल्डर ग्रुप हाउसिंग, वाणिज्यिक व आईटी प्रोजेक्ट की देय धनराशि की वसूली के लिए एस्क्रो खाता खोलने के नियम में बदलाव किया गया है। अब तक प्राधिकरण व आवंटी के बीच एस्क्रो खाता खोला जाता है। अब इसमें बैंकों को भी शामिल किया गया है। इससे बैंक अधिकारी बिल्डर के लेनदेन व प्रोजेक्ट के लेखाजोखा पर भी नजर रख सकेंगे। इससे प्राधिकरण का पैसा समय से मिलता रहेगा और निवेशकों का पैसा भी नहीं फंसेगा। इस पैसे से प्रोजेक्ट भी निर्धारित समय पर तैयार हो सकेंगे जिससे खरीदारों को तय समय पर अपना आशियाना मिलेगा। बोर्ड ने इस प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। एस्क्रो खाता खोलने का निर्णय सबसे पहले 2016 में लिया गया था।
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तीन एफओबी बनेंगे, सूरजपुर वेटलैंड होगा विकसित
शहर को जाम मुक्त करने और पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए परी चौक-सूरजपुर मार्ग पर तीन फुटओवर ब्रिज (एफओबी) बनाने के प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में मंजूरी मिल गई है। ये तीनों बिल्ड ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बीओटी) के आधार पर बनेंगे। तीनों एफओबी कैलाश अस्पताल, गामा शॉपिंग मॉल, कलेक्ट्रेट ऑफिस के सामने बनेंगे। इसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ ही लिफ्ट की सुविधा भी मिलेगी। इन्हें छह माह के भीतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें पांच करोड़ से अधिक रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सूरजपुर स्थित वेटलैंड में 1.70 करोड़ रुपये से दो प्रवेश द्वार व जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परियोजना पर लगभग 1.70 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
डाटा सेंटर का प्रस्ताव मंजूर
ग्रेटर नोएडा को डाटा सेंटर कैपिटल बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नियमावली 2021 को प्राधिकरण बोर्ड द्वारा अंगीकृत करने की अनुमति प्रदान कर दी गई है। इससे डाटा सेंटर क्षेत्र के बड़े निर्माण कर्ता आकर्षित हो सकेंगे और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न डाटा सेंटर शीघ्र ही स्थापित हो सकेंगे।
एमआरएफ के प्रस्ताव पर मुहर
स्वच्छता मुहिम को आगे बढ़ाते हुए सेक्टर ईकोटेक-12 में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम को चार साल के लिए 2000 वर्ग मीटर जमीन हस्तांतरित की जाएगी। इस परियोजना का पूरा खर्च एचडीएफसी बैंक वहन करेगा। इस एमआरएफ सेंटर से ग्रेटर नोएडा शहर से निकलने वाले सूखे कूड़ा का निस्तारण हो सकेगा।
कॉल सेंटर के लीज डीड की अवधि बढ़ाई
ग्रेनो प्राधिकरण की तरफ से बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग कॉल सेंटर के आवंटियों की सुविधा के लिए लीज डीड कराने की समयसीमा 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दी गई है।
पार्किंग, होटल, दफ्तर भी बनेंगे
मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब में सिर्फ यात्रियों के लिए परिवहन की ही सुविधा नहीं होगी, बल्कि कई और गतिविधियां भी होंगी। इसमें होटल भी बनेंगे। मीटिंग, कांफ्रेंस या बिजनेस के काम से आने वाले लोग इन होटलों में ठहर सकेंगे। ऑफिस के लिए भी जगह होगी। पर्याप्त पार्किंग की भी सुविधा होगी। मल्टीलेवल पार्किंग भी बनाई जा सकती है।
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ग्रेनो प्राधिकरण क्षेत्र में बड़ी संख्या में बिल्डर प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं। कोरोना संक्रमण के कारण प्रोजेक्ट निर्धारित समय में पूरे नहीं हो पाए। इससे इन प्रोजेक्टों में फ्लैट बुक कराने वाले खरीदारों का इंतजार लंबा हो गया है। वह लगातार निर्माण शुरू करने या पूरा करने की मांग कर रहे हैं। बिल्डर परियोजनाओं को पूर्ण करने और फ्लैट खरीदारों को राहत देने के लिए शासन के निर्देश पर प्राधिकरण ने अधूरे प्रोजेक्टों का निर्माण कार्य पूरा करने की समयसीमा जून तय की थी। बिना पेनाल्टी समय विस्तार दिया गया था। अब बोर्ड ने बिना पेनाल्टी के फिर इन प्रोजेक्टों का निर्माण कार्य पूरा करने की अवधि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2021 कर दी है।
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अब नहीं फंसेगा निवेशकों का पैसा, एस्क्रो खाते में बैंक भी होंगे शामिल
बिल्डर ग्रुप हाउसिंग, वाणिज्यिक व आईटी प्रोजेक्ट की देय धनराशि की वसूली के लिए एस्क्रो खाता खोलने के नियम में बदलाव किया गया है। अब तक प्राधिकरण व आवंटी के बीच एस्क्रो खाता खोला जाता है। अब इसमें बैंकों को भी शामिल किया गया है। इससे बैंक अधिकारी बिल्डर के लेनदेन व प्रोजेक्ट के लेखाजोखा पर भी नजर रख सकेंगे। इससे प्राधिकरण का पैसा समय से मिलता रहेगा और निवेशकों का पैसा भी नहीं फंसेगा। इस पैसे से प्रोजेक्ट भी निर्धारित समय पर तैयार हो सकेंगे जिससे खरीदारों को तय समय पर अपना आशियाना मिलेगा। बोर्ड ने इस प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। एस्क्रो खाता खोलने का निर्णय सबसे पहले 2016 में लिया गया था।
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तीन एफओबी बनेंगे, सूरजपुर वेटलैंड होगा विकसित
शहर को जाम मुक्त करने और पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए परी चौक-सूरजपुर मार्ग पर तीन फुटओवर ब्रिज (एफओबी) बनाने के प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में मंजूरी मिल गई है। ये तीनों बिल्ड ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बीओटी) के आधार पर बनेंगे। तीनों एफओबी कैलाश अस्पताल, गामा शॉपिंग मॉल, कलेक्ट्रेट ऑफिस के सामने बनेंगे। इसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ ही लिफ्ट की सुविधा भी मिलेगी। इन्हें छह माह के भीतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें पांच करोड़ से अधिक रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सूरजपुर स्थित वेटलैंड में 1.70 करोड़ रुपये से दो प्रवेश द्वार व जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परियोजना पर लगभग 1.70 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
डाटा सेंटर का प्रस्ताव मंजूर
ग्रेटर नोएडा को डाटा सेंटर कैपिटल बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नियमावली 2021 को प्राधिकरण बोर्ड द्वारा अंगीकृत करने की अनुमति प्रदान कर दी गई है। इससे डाटा सेंटर क्षेत्र के बड़े निर्माण कर्ता आकर्षित हो सकेंगे और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न डाटा सेंटर शीघ्र ही स्थापित हो सकेंगे।
एमआरएफ के प्रस्ताव पर मुहर
स्वच्छता मुहिम को आगे बढ़ाते हुए सेक्टर ईकोटेक-12 में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम को चार साल के लिए 2000 वर्ग मीटर जमीन हस्तांतरित की जाएगी। इस परियोजना का पूरा खर्च एचडीएफसी बैंक वहन करेगा। इस एमआरएफ सेंटर से ग्रेटर नोएडा शहर से निकलने वाले सूखे कूड़ा का निस्तारण हो सकेगा।
कॉल सेंटर के लीज डीड की अवधि बढ़ाई
ग्रेनो प्राधिकरण की तरफ से बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग कॉल सेंटर के आवंटियों की सुविधा के लिए लीज डीड कराने की समयसीमा 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दी गई है।
पार्किंग, होटल, दफ्तर भी बनेंगे
मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब में सिर्फ यात्रियों के लिए परिवहन की ही सुविधा नहीं होगी, बल्कि कई और गतिविधियां भी होंगी। इसमें होटल भी बनेंगे। मीटिंग, कांफ्रेंस या बिजनेस के काम से आने वाले लोग इन होटलों में ठहर सकेंगे। ऑफिस के लिए भी जगह होगी। पर्याप्त पार्किंग की भी सुविधा होगी। मल्टीलेवल पार्किंग भी बनाई जा सकती है।