{"_id":"6637bc37a1b7c730f6034f80","slug":"35-huts-reduced-to-ashes-bus-jeep-also-burnt-two-burnt-grnoida-news-c-23-1-noi1091-30989-2024-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: आग से 35 झुग्गियां राख, बस-जीप भी जली, दो झुलसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: आग से 35 झुग्गियां राख, बस-जीप भी जली, दो झुलसे
विज्ञापन
फोटो:-- -- -- -- -- -- -- -- -
आग से 35 झुग्गियां राख, बस-जीप भी जली, दो झुलसे
-इकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र के सुथ्याना गांव की घटना, दमकल विभाग की 10 गाड़ियों ने करीब तीन घंटे में पाया काबू
-हो सकता था बड़ा हादसा, झुग्गियों के साथ-साथ आसपास बने है गोदाम
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। इकोटेक-तीन कोतवाली क्षेत्र के सुथ्याना गांव में रविवार को करीब 35 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। जबकि दो लोग झुलस गए हैं। आग एक झुग्गी के पास पड़े कबाड़ में लगी थी। थोड़ी ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। सूचना पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल विभाग ने 25 झुग्गियां जलने का दावा किया है। अफसरों का कहना है कि जलती बीड़ी कबाड़ में फेंकने से आग लगी।
सुथ्याना गांव में मां भगवती मंदिर के पीछे आंटी फार्म में भूखंड पर झुग्गियां बनी हैं। रविवार दोपहर करीब पौने एक बजे झुग्गी के पास पड़े कबाड़ में आग लग गई। आग की सूचना दमकल विभाग को दी गई। साथ ही आसपास के लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग बढ़ती चली गई। हवा के कारण एक के बाद एक झुग्गी आग की चपेट में आती चली गई। किसी तरह वहां से मजदूर परिवारों को बाहर निकाला गया। इस बीच बच्चे का हाथ झुलस गया। जबकि एक बस और जीप भी आग की चपेट में आ गई। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि एक युवक ने बस को निकालने की कोशिश की। आसपास के लोगों ने उसे बस से बाहर खींचा तो उसके पैर झुलस गए। वहीं, आग से जीप का सीएनजी सिलिंडर फट गया। साथ ही झुग्गियों में भी सिलिंडर फटे हैं। दमकल विभाग के अफसरों का कहना है कि 10 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। जिस परिसर में झुग्गियां बनी हैं, वहां पर कबाड़ के गोदाम भी बने हैं। विभाग का दावा है कि 18 कच्ची और सात पक्की झुग्गियां जली हैं। दो वाहन भी जले हैं।
चुनाव के कारण कम थी मजदूरों की संख्या
झुग्गियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि चुनाव के कारण ज्यादातर मजदूर अपने घर असम गए हैं। इस कारण संख्या कम थी, लेकिन अगर सभी लोग यहां होते तो हादसा हो सकता था। वहीं सामान और जरूरी कागजात जलने से मजदूरों के सामने जीवन यापन करने का खतरा खड़ा हो गया है। मदद के लिए ठेकेदार से बात की गई है।
विज्ञापन
आवासीय भवनों के बीच बने हैं कबाड़ गोदाम
सुथ्याना गांव में जिस जगह पर आग लगी थी, वहां पर कबाड़ के गोदाम भी बने हैं। आसपास के भूखंडों में भी कबाड़ भरा हुआ है। गोदामों के चारों तरफ आवासीय मकान बने हैं। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आवासीय मकान भी चपेट में आ सकते थे। घटना के बाद से आवासीय मकानों में रहने वाले लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि बार-बार मना करने के बाद भी गोदाम बनाकर कबाड़ एकत्रित किया जा रहा है। आग के धुएं से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
-- -- -- -- -- --
किसी ने बीड़ी पीकर फेंक दी थी। जो कूड़े के ढेर में जा गिरी। उसी से आग लगी है। कुछ देर में आग फैलती चली गई। 10 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक 25 झुग्गियां जल चुकी थीं। किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।
प्रदीप कुमार, सीएफओ गौतमबुद्ध नगर
विज्ञापन
आग से 35 झुग्गियां राख, बस-जीप भी जली, दो झुलसे
-इकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र के सुथ्याना गांव की घटना, दमकल विभाग की 10 गाड़ियों ने करीब तीन घंटे में पाया काबू
-हो सकता था बड़ा हादसा, झुग्गियों के साथ-साथ आसपास बने है गोदाम
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। इकोटेक-तीन कोतवाली क्षेत्र के सुथ्याना गांव में रविवार को करीब 35 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। जबकि दो लोग झुलस गए हैं। आग एक झुग्गी के पास पड़े कबाड़ में लगी थी। थोड़ी ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। सूचना पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल विभाग ने 25 झुग्गियां जलने का दावा किया है। अफसरों का कहना है कि जलती बीड़ी कबाड़ में फेंकने से आग लगी।
सुथ्याना गांव में मां भगवती मंदिर के पीछे आंटी फार्म में भूखंड पर झुग्गियां बनी हैं। रविवार दोपहर करीब पौने एक बजे झुग्गी के पास पड़े कबाड़ में आग लग गई। आग की सूचना दमकल विभाग को दी गई। साथ ही आसपास के लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग बढ़ती चली गई। हवा के कारण एक के बाद एक झुग्गी आग की चपेट में आती चली गई। किसी तरह वहां से मजदूर परिवारों को बाहर निकाला गया। इस बीच बच्चे का हाथ झुलस गया। जबकि एक बस और जीप भी आग की चपेट में आ गई। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि एक युवक ने बस को निकालने की कोशिश की। आसपास के लोगों ने उसे बस से बाहर खींचा तो उसके पैर झुलस गए। वहीं, आग से जीप का सीएनजी सिलिंडर फट गया। साथ ही झुग्गियों में भी सिलिंडर फटे हैं। दमकल विभाग के अफसरों का कहना है कि 10 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। जिस परिसर में झुग्गियां बनी हैं, वहां पर कबाड़ के गोदाम भी बने हैं। विभाग का दावा है कि 18 कच्ची और सात पक्की झुग्गियां जली हैं। दो वाहन भी जले हैं।
विज्ञापन
चुनाव के कारण कम थी मजदूरों की संख्या
झुग्गियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि चुनाव के कारण ज्यादातर मजदूर अपने घर असम गए हैं। इस कारण संख्या कम थी, लेकिन अगर सभी लोग यहां होते तो हादसा हो सकता था। वहीं सामान और जरूरी कागजात जलने से मजदूरों के सामने जीवन यापन करने का खतरा खड़ा हो गया है। मदद के लिए ठेकेदार से बात की गई है।
विज्ञापन
आवासीय भवनों के बीच बने हैं कबाड़ गोदाम
सुथ्याना गांव में जिस जगह पर आग लगी थी, वहां पर कबाड़ के गोदाम भी बने हैं। आसपास के भूखंडों में भी कबाड़ भरा हुआ है। गोदामों के चारों तरफ आवासीय मकान बने हैं। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आवासीय मकान भी चपेट में आ सकते थे। घटना के बाद से आवासीय मकानों में रहने वाले लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि बार-बार मना करने के बाद भी गोदाम बनाकर कबाड़ एकत्रित किया जा रहा है। आग के धुएं से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
किसी ने बीड़ी पीकर फेंक दी थी। जो कूड़े के ढेर में जा गिरी। उसी से आग लगी है। कुछ देर में आग फैलती चली गई। 10 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक 25 झुग्गियां जल चुकी थीं। किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।
प्रदीप कुमार, सीएफओ गौतमबुद्ध नगर