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निजी अस्पतालों में खाली कराए 200 बेड
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ग्रेटर नोएडा। ऑक्सीजन की किल्लत के बीच जिले के निजी अस्पतालों में मामूली रूप से संक्रमितों को भी बेड उपलब्ध कराने के मामले को जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने गंभीरता से लिया है। ऐसे अस्पतालों को चिह्नित कर करीब 200 बेड खाली कराए गए हैं। इन अस्पतालों के खिलाफ शनिवार को कार्रवाई होगी। वहीं, जिलाधिकारी ने कहा कि ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी करते पकड़े जाने पर रासुका के तहत कार्रवाई होगी।
जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार ने बताया जिलाधिकारी ने निजी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता को लेकर स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की। इसमें उन्होंने ऐसे अस्पतालों को चिह्नित कर बेड खाली कराने के लिए कहा जिन्होंने मामूली रूप से संक्रमितों को भी बेड मुहैया करा दिया, जिस कारण गंभीर मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। टीम ने जांच के उपरांत करीब 200 बेड विभिन्न अस्पतालों में खाली कराए। इसकी रिपोर्ट शनिवार को जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। इसके बाद इन अस्पतालों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने ऑक्सीजन किल्लत पर भी नियंत्रण रखने के लिए पुलिस विभाग के अधिकारियों समेत स्वास्थ्य विभाग को नजर रखने के लिए कहा है। बाजार में जहां भी कालाबाजारी की शिकायत मिलेगी वहां सख्ती से जांच करने व दोषियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पूरे दिन इलाज के बाद अस्पताल ने हाथ किए खड़े
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौड़ सिटी सोसाइटी निवासी संजीव कुमार की तबीयत अचानक शुक्रवार सुबह 11 बजे खराब हो गई। वह कार चलाकर फोर्टिस अस्पताल पहुंच गए। यहां जांच के बाद उन्हें संक्रमित पाया गया। पत्नी भी संक्रमित है, जिन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है। संजीव को फोर्टिस अस्पताल की इमरजेंसी में पूरे दिन इलाज करने के बाद डॉक्टरों ने रात करीब नौ बजे ऑक्सीजन न होने की वजह से अस्पताल से किसी अन्य में शिफ्ट होने के लिए कह दिया। उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा कर सीएमओ व जिलाधिकारी से मदद मांगी है। ब्यूरो
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जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार ने बताया जिलाधिकारी ने निजी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता को लेकर स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की। इसमें उन्होंने ऐसे अस्पतालों को चिह्नित कर बेड खाली कराने के लिए कहा जिन्होंने मामूली रूप से संक्रमितों को भी बेड मुहैया करा दिया, जिस कारण गंभीर मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। टीम ने जांच के उपरांत करीब 200 बेड विभिन्न अस्पतालों में खाली कराए। इसकी रिपोर्ट शनिवार को जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। इसके बाद इन अस्पतालों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने ऑक्सीजन किल्लत पर भी नियंत्रण रखने के लिए पुलिस विभाग के अधिकारियों समेत स्वास्थ्य विभाग को नजर रखने के लिए कहा है। बाजार में जहां भी कालाबाजारी की शिकायत मिलेगी वहां सख्ती से जांच करने व दोषियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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पूरे दिन इलाज के बाद अस्पताल ने हाथ किए खड़े
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौड़ सिटी सोसाइटी निवासी संजीव कुमार की तबीयत अचानक शुक्रवार सुबह 11 बजे खराब हो गई। वह कार चलाकर फोर्टिस अस्पताल पहुंच गए। यहां जांच के बाद उन्हें संक्रमित पाया गया। पत्नी भी संक्रमित है, जिन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है। संजीव को फोर्टिस अस्पताल की इमरजेंसी में पूरे दिन इलाज करने के बाद डॉक्टरों ने रात करीब नौ बजे ऑक्सीजन न होने की वजह से अस्पताल से किसी अन्य में शिफ्ट होने के लिए कह दिया। उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा कर सीएमओ व जिलाधिकारी से मदद मांगी है। ब्यूरो
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