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यूपीटीईटी
Updated Tue, 13 Nov 2018 05:55 AM IST
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एक ही सवाल में न उलझें अभ्यर्थी
यूपीटीईटी
18 नवंबर को होगी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा
नेगेटिव मार्किंग नहीं होने से मेरिट बन सकती है ऊंची
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 18 नवंबर को होगी। परीक्षा को कुछ ही दिन रह गए हैं, ऐसे में अभ्यर्थी तैयारी में जी-जान से लगे हुए हैं। नोएडा में भी परीक्षा के केंद्र बनाए गए हैं। इस बार प्रदेश सरकार ने काफी बड़ी संख्या में नियुक्तियां निकाली हैं, ऐसे में अभ्यर्थी की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। लेकिन कई बार अभ्यर्थी परीक्षा के दौरान नर्वस हो जाते हैं, जिससे आते हुए सवाल भी गलत कर सकते हैं। अभ्यर्थी आराम से परीक्षा दें, ताकि परिणाम बेहतर रहे। सोशल स्टडी के फैकल्टी हेमंत शर्मा ने बताया कि परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं है। इससे अभ्यर्थियों को फायदा मिल सकता है, हालांकि इससे मेरिट जरूरत ऊपर जा सकती है।
छात्र अंतिम समय में मॉक टेस्ट का सहारा ले सकते हैं। इससे बहुत हद तक साफ हो जाएगा कि आपकी कितनी तैयारी हो गई है। इससे यह भी पता चल जाएगा कि किस विषय में कमजोर हैं और कहां पर ध्यान देने की जरूरत है। इससे बहुत फायदा मिल सकता है। वहीं कई बार अभ्यर्थी एक ही सवाल में इतने उलझ जाते हैं कि दूसरे सवालों के लिए समय कम पड़ जाता है। ऐसे में आते हुए भी सवाल छूट जाते हैं। अगर कोई सवाल नहीं आता है तो उसको छोड़कर दूसरे सवाल में लग जाएं। एक सवाल को हल करने में ज्यादा समय बर्बाद न करें। ऐसा करने से पेपर छूटने की संभावना रहती है।
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रिविजन पर दें ध्यान
कई बार अभ्यर्थी सब कुछ पढ़ने के बाद रिविजन नहीं करते हैं। रिविजन की कमी की वजह से लगता है कि जैसे ये सवाल पढ़ा हुआ है, लेकिन उत्तर के विकल्पों में संदेह हो जाता है। इससे अच्छा है कि रिविजन को साथ से साथ करते रहें।
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अभ्यास से बढ़ाएं गति
परीक्षा के दौरान गति बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे में सवालों का अभ्यास करते रहना चाहिए, इससे परीक्षा में बहुत मदद मिलती है। इसके साथ ही बीते सालों के प्रश्न पत्र भी जरूर देख लें। इससे यह पता चलेगा कि किस तरह के सवाल अधिकतर पूछे जाते हैं। इसके साथ ही जो विषय कमजोर है, उस पर ध्यान दें।
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18 नवंबर को होगी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा
नेगेटिव मार्किंग नहीं होने से मेरिट बन सकती है ऊंची
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 18 नवंबर को होगी। परीक्षा को कुछ ही दिन रह गए हैं, ऐसे में अभ्यर्थी तैयारी में जी-जान से लगे हुए हैं। नोएडा में भी परीक्षा के केंद्र बनाए गए हैं। इस बार प्रदेश सरकार ने काफी बड़ी संख्या में नियुक्तियां निकाली हैं, ऐसे में अभ्यर्थी की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। लेकिन कई बार अभ्यर्थी परीक्षा के दौरान नर्वस हो जाते हैं, जिससे आते हुए सवाल भी गलत कर सकते हैं। अभ्यर्थी आराम से परीक्षा दें, ताकि परिणाम बेहतर रहे। सोशल स्टडी के फैकल्टी हेमंत शर्मा ने बताया कि परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं है। इससे अभ्यर्थियों को फायदा मिल सकता है, हालांकि इससे मेरिट जरूरत ऊपर जा सकती है।
छात्र अंतिम समय में मॉक टेस्ट का सहारा ले सकते हैं। इससे बहुत हद तक साफ हो जाएगा कि आपकी कितनी तैयारी हो गई है। इससे यह भी पता चल जाएगा कि किस विषय में कमजोर हैं और कहां पर ध्यान देने की जरूरत है। इससे बहुत फायदा मिल सकता है। वहीं कई बार अभ्यर्थी एक ही सवाल में इतने उलझ जाते हैं कि दूसरे सवालों के लिए समय कम पड़ जाता है। ऐसे में आते हुए भी सवाल छूट जाते हैं। अगर कोई सवाल नहीं आता है तो उसको छोड़कर दूसरे सवाल में लग जाएं। एक सवाल को हल करने में ज्यादा समय बर्बाद न करें। ऐसा करने से पेपर छूटने की संभावना रहती है।
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रिविजन पर दें ध्यान
कई बार अभ्यर्थी सब कुछ पढ़ने के बाद रिविजन नहीं करते हैं। रिविजन की कमी की वजह से लगता है कि जैसे ये सवाल पढ़ा हुआ है, लेकिन उत्तर के विकल्पों में संदेह हो जाता है। इससे अच्छा है कि रिविजन को साथ से साथ करते रहें।
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अभ्यास से बढ़ाएं गति
परीक्षा के दौरान गति बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे में सवालों का अभ्यास करते रहना चाहिए, इससे परीक्षा में बहुत मदद मिलती है। इसके साथ ही बीते सालों के प्रश्न पत्र भी जरूर देख लें। इससे यह पता चलेगा कि किस तरह के सवाल अधिकतर पूछे जाते हैं। इसके साथ ही जो विषय कमजोर है, उस पर ध्यान दें।