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जहां जो पार्टी मजबूत, वहां विपक्षी दल करें उसका समर्थन
Updated Wed, 12 Dec 2018 05:39 AM IST
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जहां जो पार्टी मजबूत, वहां विपक्षी दल करें समर्थन
- विपक्षी दलों के महागठबंधन के लिए आप का फार्मूला, पार्टी ने बताया इसे भाजपा को हराने की बेहतर रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विपक्षी दलों के साझा गठबंधन पर आम आदमी पार्टी (आप) ने नया फार्मूला दिया है। पार्टी की राय है कि जिस राज्य में जो विपक्षी दल मजबूत है, दूसरी पार्टियां उसे वहां समर्थन करें। पार्टी आगामी लोक सभा चुनाव में भाजपा को शिकस्त देने की बेहतर रणनीति बता रही है। हालांकि, जानकार बताते हैं कि अपने इस फार्मूले के सहारे आप संभावित महा गठबंधन में अपनी स्थिति मजबूत रखना चाहती है। पार्टी प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने बैठक के बाद बताया कि विधानसभा चुनाव परिणाम स्पष्ट तौर पर भाजपा के खिलाफ बनते देशव्यापी मूड का संकेत कर रहा है। अब जहां जो पार्टी मजबूत है, वहां वो पार्टी चुनाव लड़े। बाकी विपक्षी दल भाजपा को हराने के लिए उस पार्टी का समर्थन करें। मसलन, दिल्ली में आप मजबूत है तो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, आंध्र प्रदेश में तेलगू देशम पार्टी, तमिलनाडु में डीएमके जैसी पार्टियां। सभी पार्टियों को अपने-अपने राज्य में लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए कम कस लेना चाहिए। आप इसी कड़ी में 14 दिसंबर से मैदान में उतर रही है।
जानकार बताते हैं कि महागठबंधन के आकार लेने से पहले आप दिल्ली की सभी सीटों पर अपनी मजबूत दावेदारी सुनिश्चित करनी चाहती है। पार्टी आंकड़ों के साथ विपक्षी दलों को बताएगी कि आप का जनाधार दिल्ली में कितना मजबूत है। कांग्रेस से समझौता होने की हालत में इसके आधार पर सीटों का बंटवारा होगा। फिलहाल पार्टी की रणनीति खुद को पूरी तरह तैयार रखने की है।
राहुल मेहरा ने पहली बार माना कि कांग्रेस करे गठबंधन की अगुवाई
विपक्षी दलों की महागठबंधन के लिए बुलाई गई सोमवार की बैठक में शामिल होने के बाद पार्टी अभी आधिकारिक तौर पर दिल्ली में कांग्रेस के साथ समझौते की बात स्वीकार नहीं कर रही है, लेकिन विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद आप के वरिष्ठ नेता व दिल्ली सरकार के अधिवक्ता राहुल मेहरा ने पहली बार माना कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की अगुवाई करे। राहुल मेहरा ने ट्वीट किया कि अब राहुल गांधी को अब सुनिश्चित करना चाहिए कि कांग्रेस स्थानीय स्तर पर पूरे देश में राजनीतिक दलों से गठबंधन करे। इसमें अरविंद केजरीवाल व आम आदमी पार्टी भी शामिल हों। दिल्ली की सातों सीटों का जीतने का फार्मूला हमारे पास है। सीट का बंटवारा आसानी से किया जा सकता है।
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- विपक्षी दलों के महागठबंधन के लिए आप का फार्मूला, पार्टी ने बताया इसे भाजपा को हराने की बेहतर रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विपक्षी दलों के साझा गठबंधन पर आम आदमी पार्टी (आप) ने नया फार्मूला दिया है। पार्टी की राय है कि जिस राज्य में जो विपक्षी दल मजबूत है, दूसरी पार्टियां उसे वहां समर्थन करें। पार्टी आगामी लोक सभा चुनाव में भाजपा को शिकस्त देने की बेहतर रणनीति बता रही है। हालांकि, जानकार बताते हैं कि अपने इस फार्मूले के सहारे आप संभावित महा गठबंधन में अपनी स्थिति मजबूत रखना चाहती है। पार्टी प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने बैठक के बाद बताया कि विधानसभा चुनाव परिणाम स्पष्ट तौर पर भाजपा के खिलाफ बनते देशव्यापी मूड का संकेत कर रहा है। अब जहां जो पार्टी मजबूत है, वहां वो पार्टी चुनाव लड़े। बाकी विपक्षी दल भाजपा को हराने के लिए उस पार्टी का समर्थन करें। मसलन, दिल्ली में आप मजबूत है तो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, आंध्र प्रदेश में तेलगू देशम पार्टी, तमिलनाडु में डीएमके जैसी पार्टियां। सभी पार्टियों को अपने-अपने राज्य में लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए कम कस लेना चाहिए। आप इसी कड़ी में 14 दिसंबर से मैदान में उतर रही है।
जानकार बताते हैं कि महागठबंधन के आकार लेने से पहले आप दिल्ली की सभी सीटों पर अपनी मजबूत दावेदारी सुनिश्चित करनी चाहती है। पार्टी आंकड़ों के साथ विपक्षी दलों को बताएगी कि आप का जनाधार दिल्ली में कितना मजबूत है। कांग्रेस से समझौता होने की हालत में इसके आधार पर सीटों का बंटवारा होगा। फिलहाल पार्टी की रणनीति खुद को पूरी तरह तैयार रखने की है।
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राहुल मेहरा ने पहली बार माना कि कांग्रेस करे गठबंधन की अगुवाई
विपक्षी दलों की महागठबंधन के लिए बुलाई गई सोमवार की बैठक में शामिल होने के बाद पार्टी अभी आधिकारिक तौर पर दिल्ली में कांग्रेस के साथ समझौते की बात स्वीकार नहीं कर रही है, लेकिन विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद आप के वरिष्ठ नेता व दिल्ली सरकार के अधिवक्ता राहुल मेहरा ने पहली बार माना कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की अगुवाई करे। राहुल मेहरा ने ट्वीट किया कि अब राहुल गांधी को अब सुनिश्चित करना चाहिए कि कांग्रेस स्थानीय स्तर पर पूरे देश में राजनीतिक दलों से गठबंधन करे। इसमें अरविंद केजरीवाल व आम आदमी पार्टी भी शामिल हों। दिल्ली की सातों सीटों का जीतने का फार्मूला हमारे पास है। सीट का बंटवारा आसानी से किया जा सकता है।
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