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गाजियाबाद-बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र का मामला
Updated Tue, 11 Dec 2018 04:35 AM IST
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गाजियाबाद व बुलंदशहर के लिए उपयोगी.....
एनजीटी का औद्योगिक क्षेत्र में
प्रदूषण की जांच का आदेश
- गाजियाबाद-बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को आदेश दिया है कि वह गाजियाबाद-बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से टायर और अन्य कचरा जलाए जाने के मामले की जांच कर जल्द से जल्द कार्रवाई करे।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची नरेंद्र कुमार के मामले में यह आदेश दिया है। याची ने ट्रिब्युनल को यह शिकायत एक ई-मेल के जरिए भेजी थी। प्रधान पीठ ने कहा कि संबंधित ई-मेल में औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से टायर और अन्य प्रदूषण फैलाने वाला कचरा अवैध रूप से जलाए जाने की शिकायत की गई है। इस ई-मेल को ट्रिब्युनल एक याचिका मान रहा है। यूपीपीसीबी इस मामले की जांच करे और संबंधित कंपनियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करे। पीठ ने कहा कि यूपीपीसीबी की ओर से जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट जल्द से जल्द ट्रिब्युनल में दाखिल की जानी चाहिए। पीठ ने टिप्पणी में कहा कि ट्रिब्युनल के आदेश का पालन सख्ती के साथ किया जाना चाहिए अन्यथा संबंधित प्राधिकरण के खिलाफ कार्रवाई का कड़ा आदेश दिया जाएगा।
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एनजीटी का औद्योगिक क्षेत्र में
प्रदूषण की जांच का आदेश
- गाजियाबाद-बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को आदेश दिया है कि वह गाजियाबाद-बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से टायर और अन्य कचरा जलाए जाने के मामले की जांच कर जल्द से जल्द कार्रवाई करे।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची नरेंद्र कुमार के मामले में यह आदेश दिया है। याची ने ट्रिब्युनल को यह शिकायत एक ई-मेल के जरिए भेजी थी। प्रधान पीठ ने कहा कि संबंधित ई-मेल में औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से टायर और अन्य प्रदूषण फैलाने वाला कचरा अवैध रूप से जलाए जाने की शिकायत की गई है। इस ई-मेल को ट्रिब्युनल एक याचिका मान रहा है। यूपीपीसीबी इस मामले की जांच करे और संबंधित कंपनियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करे। पीठ ने कहा कि यूपीपीसीबी की ओर से जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट जल्द से जल्द ट्रिब्युनल में दाखिल की जानी चाहिए। पीठ ने टिप्पणी में कहा कि ट्रिब्युनल के आदेश का पालन सख्ती के साथ किया जाना चाहिए अन्यथा संबंधित प्राधिकरण के खिलाफ कार्रवाई का कड़ा आदेश दिया जाएगा।
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