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खतरनाक कचरे के प्रबंधन और परिवहन कानून का करें पालन : एनजीटी
Updated Tue, 11 Dec 2018 04:31 AM IST
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खतरनाक कचरे के प्रबंधन और
परिवहन कानून का करें पालन
- एनजीटी ने सीपीसीबी को दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को खतरनाक कचरे के प्रबंधन और उसके सुरक्षित परिवहन को लेकर जल्द से जल्द कानून का अनुपालन सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस संबंध में सीपीसीबी को समिति गठित करने और उसकी निगरानी में खतरनाक कचरे के प्रबंधन कानून को अमल में लाने का आदेश पहले भी दिया जा चुका है। ताजा मामला सुप्रीम कोर्ट के जरिए एनजीटी में सुनवाई के लिए भेजा गया है। इस मामले में गठित समिति आदेश के अनुपालन को लेकर और समय चाहती है। जिस पर ट्रिब्युनल ने गठित समिति को मोहलत दे दी है। हालांकि, यह सीपीसीबी की जिम्मेदारी होगी कि वह इस संबंध में तत्परता दिखाते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश और संबंधित कानून का पालन सुनिश्चित करवाए। पीठ ने कहा कि संबंधित गठित समिति अपनी अंतरिम रिपोर्ट सीपीसीबी को सौंपेगी। इसके बाद सीपीसीबी स्थिति रिपोर्ट एनजीटी में दाखिल करेगी। मामले पर अगली सुनवाई 4 अप्रैल को होगी। गठित समिति में एनजीटी के पूर्व सलाहकार सदस्य डॉक्टर अजय देशपांडे, सीपीसीबी के संबंधित अधिकारी आदि शामिल हैं।
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परिवहन कानून का करें पालन
- एनजीटी ने सीपीसीबी को दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को खतरनाक कचरे के प्रबंधन और उसके सुरक्षित परिवहन को लेकर जल्द से जल्द कानून का अनुपालन सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस संबंध में सीपीसीबी को समिति गठित करने और उसकी निगरानी में खतरनाक कचरे के प्रबंधन कानून को अमल में लाने का आदेश पहले भी दिया जा चुका है। ताजा मामला सुप्रीम कोर्ट के जरिए एनजीटी में सुनवाई के लिए भेजा गया है। इस मामले में गठित समिति आदेश के अनुपालन को लेकर और समय चाहती है। जिस पर ट्रिब्युनल ने गठित समिति को मोहलत दे दी है। हालांकि, यह सीपीसीबी की जिम्मेदारी होगी कि वह इस संबंध में तत्परता दिखाते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश और संबंधित कानून का पालन सुनिश्चित करवाए। पीठ ने कहा कि संबंधित गठित समिति अपनी अंतरिम रिपोर्ट सीपीसीबी को सौंपेगी। इसके बाद सीपीसीबी स्थिति रिपोर्ट एनजीटी में दाखिल करेगी। मामले पर अगली सुनवाई 4 अप्रैल को होगी। गठित समिति में एनजीटी के पूर्व सलाहकार सदस्य डॉक्टर अजय देशपांडे, सीपीसीबी के संबंधित अधिकारी आदि शामिल हैं।
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