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डीटीसी अस्थायी कर्मचारियों ने 47 वें दिन मुख्यमंत्री आवास में दिया धरना
Updated Fri, 07 Dec 2018 11:59 PM IST
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डीटीसी के अस्थायी कर्मचारियों
का सीएम आवास पर धरना
- पांच घंटे प्रदर्शन के बाद भी नहीं मिले मुख्यमंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डीटीसी के अस्थायी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पहुंचे। उनसे मिलने की मांग लेकर वे वहीं धरने पर बैठ गए। कर्मचारी करीब पांच घंटे तक वहां धरना देते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री उनसे नहीं मिले। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी ने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री सोमवार को उनसे मिलेंगे। इसके बाद कर्मचारी चले गए।
डीटीसी कॉन्ट्रैक्च्युअल इंपलाइज यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज शर्मा ने बताया कि उनके आंदोलन को 47 दिन हो चुके हैं, लेकिन सरकार ने कोई सुध नहीं ली है। कर्मचारी शुक्रवार को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए उनके घर पहुंचे। जब मुख्यमंत्री नहीं मिले तो वे वहीं धरने पर बैठ गए। कर्मचारी दोपहर करीब 3 बजे तक धरने पर रहे। इसके बाद, उनके पास मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी पहुंचे और आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री सोमवार को कर्मचारियों से मिलेंगे और उनकी मांगें सुनेंगे। इसके बाद कर्मचारी आवास से बाहर निकले। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार समान काम के लिए समान वेतन दे और निकाले गए कर्मचारियों को काम पर वापस रखने के निर्देश जारी करे।
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का सीएम आवास पर धरना
- पांच घंटे प्रदर्शन के बाद भी नहीं मिले मुख्यमंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डीटीसी के अस्थायी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पहुंचे। उनसे मिलने की मांग लेकर वे वहीं धरने पर बैठ गए। कर्मचारी करीब पांच घंटे तक वहां धरना देते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री उनसे नहीं मिले। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी ने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री सोमवार को उनसे मिलेंगे। इसके बाद कर्मचारी चले गए।
डीटीसी कॉन्ट्रैक्च्युअल इंपलाइज यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज शर्मा ने बताया कि उनके आंदोलन को 47 दिन हो चुके हैं, लेकिन सरकार ने कोई सुध नहीं ली है। कर्मचारी शुक्रवार को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए उनके घर पहुंचे। जब मुख्यमंत्री नहीं मिले तो वे वहीं धरने पर बैठ गए। कर्मचारी दोपहर करीब 3 बजे तक धरने पर रहे। इसके बाद, उनके पास मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी पहुंचे और आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री सोमवार को कर्मचारियों से मिलेंगे और उनकी मांगें सुनेंगे। इसके बाद कर्मचारी आवास से बाहर निकले। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार समान काम के लिए समान वेतन दे और निकाले गए कर्मचारियों को काम पर वापस रखने के निर्देश जारी करे।
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