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शहादरा नाले में कूड़ा जलाने पर सीपीसीबी ने दिया कारण बताओ नोटिस
Updated Thu, 06 Dec 2018 11:47 PM IST
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शहादरा नाले में कूड़ा जलाने पर सीपीसीबी का नोटिस
- नहर और बाढ़ नियंत्रण विभाग से पूछा, क्यों न लगाया जाए एक करोड़ का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के शहादरा नाले में खुले में कूड़ा-कचरा जलाए जाने पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने दिल्ली सरकार के नहर और बाढ़ नियंत्रण विभाग को कारण बताओ नोटिस दिया है। प्राधिकरण ने नोटिस में पूछा है कि आदेश का उल्लंघन करने के लिए आखिर क्यों न एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाए और विभाग के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मामला चलाया जाए।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन एसपी परिहार ने कहा कि 1 से 15 नवंबर के बीच शहादरा ड्रेन की जांच में यह पाया गया कि औद्योगिक ठोस कचरा खुले में ही कई जगह जलाया जा रहा है। 4 और 5 नवबर को तीन मामले देखे गए। वहीं, स्थानीय लोगों की ओर से भी कूड़ा-कचरा जलाए जाने के कई मामले दर्ज कराए गए हैं। पर्यावरण मंत्रालय ने 1 से 10 नवंबर तक स्वच्छ वायु के लिए दिल्ली में सघन जांच अभियान चलाया गया था। हाल ही में सीपीसीबी की टास्क फोर्स ने दिल्ली-एनसीआर के प्राधिकरणों को आदेश दिया था कि वह बहुत खराब वायु गुणवत्ता को ठीक करने के लिए अपने प्रयासों में तेजी लाएं। जबकि हाल ही में पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
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- नहर और बाढ़ नियंत्रण विभाग से पूछा, क्यों न लगाया जाए एक करोड़ का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के शहादरा नाले में खुले में कूड़ा-कचरा जलाए जाने पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने दिल्ली सरकार के नहर और बाढ़ नियंत्रण विभाग को कारण बताओ नोटिस दिया है। प्राधिकरण ने नोटिस में पूछा है कि आदेश का उल्लंघन करने के लिए आखिर क्यों न एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाए और विभाग के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मामला चलाया जाए।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन एसपी परिहार ने कहा कि 1 से 15 नवंबर के बीच शहादरा ड्रेन की जांच में यह पाया गया कि औद्योगिक ठोस कचरा खुले में ही कई जगह जलाया जा रहा है। 4 और 5 नवबर को तीन मामले देखे गए। वहीं, स्थानीय लोगों की ओर से भी कूड़ा-कचरा जलाए जाने के कई मामले दर्ज कराए गए हैं। पर्यावरण मंत्रालय ने 1 से 10 नवंबर तक स्वच्छ वायु के लिए दिल्ली में सघन जांच अभियान चलाया गया था। हाल ही में सीपीसीबी की टास्क फोर्स ने दिल्ली-एनसीआर के प्राधिकरणों को आदेश दिया था कि वह बहुत खराब वायु गुणवत्ता को ठीक करने के लिए अपने प्रयासों में तेजी लाएं। जबकि हाल ही में पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
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