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उद्योगों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए बने रणनीति
Updated Thu, 06 Dec 2018 01:08 AM IST
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कूड़े की फोटो देख मुख्य सचिव ने जताई नाराजगी
अफसरों को बजट जारी कर विकास कराने के निर्देश, उद्यमियों ने पत्र लिखकर बताईं थीं कई समस्याएं
औद्योगिक सेक्टरों में कूड़े के निस्तारण की ठोस रणनीति बनाने की भी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ग्रेटर नोएडा ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर औद्योगिक सेक्टरों की समस्याओं से अवगत कराया। पत्र में बताया गया है कि उद्योगों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। कूड़ा फेंकने पर जुर्माना लगाया जा रहा है। एसोसिएशन ने ठोस रणनीति बनाने की मांग की है। ग्रेनो चैप्टर के चेयरमैन एसपी शर्मा ने बताया कि मुख्य सचिव को फोटो भेजी गई हैं। सबसे बुरा हाल यूपीएसआईडीसी के औद्योगिक सेक्टरों का है।
वहीं, फोटो देखने के बाद मुख्य सचिव ने नाराजगी जाहिर की। साथ ही अफसरों को तत्काल बजट जारी कर सेक्टरों में विकास कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। एसपी शर्मा ने बताया कि यूपीएसआईडीसी के सेक्टरों में सीवर लाइन और पानी की आपूर्ति नहीं है। श्रमिकों के रहने के लिए हॉस्टल बनने चाहिए। प्राधिकरण के पास लैंड बैंक कम है। ऐसे में फ्लैटिड इंडस्ट्री को बढ़ावा मिले। कंपनियों से निकलने वाले कूडे़ के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हैं। ग्रेटर नोएडा में ईएसआई अस्पताल होना चाहिए। खाली औद्योगिक भूखंडों को फिर से आवंटित किया जाए। साइट बी में लोहिया नाला है। इस पर पुल बनाने की जरूरत है। नाले की सफाई भी होनी है। प्रमुख सचिव अनूप चंद्र पांडेय और मुख्य कार्यपालक अधिकारी नरेंद्र भूषण ने उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर पीके तिवारी, कुल मणि गुप्ता, एडी पांडे, राजीव बंसल, प्रदीप, कुलदीप गोयल, सर्वेश गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, मनोज अग्रवाल, नरेश अग्रवाल, संजीव शर्मा आदि उद्यमी मौजूद रहे।
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अफसरों को बजट जारी कर विकास कराने के निर्देश, उद्यमियों ने पत्र लिखकर बताईं थीं कई समस्याएं
औद्योगिक सेक्टरों में कूड़े के निस्तारण की ठोस रणनीति बनाने की भी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ग्रेटर नोएडा ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर औद्योगिक सेक्टरों की समस्याओं से अवगत कराया। पत्र में बताया गया है कि उद्योगों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। कूड़ा फेंकने पर जुर्माना लगाया जा रहा है। एसोसिएशन ने ठोस रणनीति बनाने की मांग की है। ग्रेनो चैप्टर के चेयरमैन एसपी शर्मा ने बताया कि मुख्य सचिव को फोटो भेजी गई हैं। सबसे बुरा हाल यूपीएसआईडीसी के औद्योगिक सेक्टरों का है।
वहीं, फोटो देखने के बाद मुख्य सचिव ने नाराजगी जाहिर की। साथ ही अफसरों को तत्काल बजट जारी कर सेक्टरों में विकास कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। एसपी शर्मा ने बताया कि यूपीएसआईडीसी के सेक्टरों में सीवर लाइन और पानी की आपूर्ति नहीं है। श्रमिकों के रहने के लिए हॉस्टल बनने चाहिए। प्राधिकरण के पास लैंड बैंक कम है। ऐसे में फ्लैटिड इंडस्ट्री को बढ़ावा मिले। कंपनियों से निकलने वाले कूडे़ के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हैं। ग्रेटर नोएडा में ईएसआई अस्पताल होना चाहिए। खाली औद्योगिक भूखंडों को फिर से आवंटित किया जाए। साइट बी में लोहिया नाला है। इस पर पुल बनाने की जरूरत है। नाले की सफाई भी होनी है। प्रमुख सचिव अनूप चंद्र पांडेय और मुख्य कार्यपालक अधिकारी नरेंद्र भूषण ने उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर पीके तिवारी, कुल मणि गुप्ता, एडी पांडे, राजीव बंसल, प्रदीप, कुलदीप गोयल, सर्वेश गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, मनोज अग्रवाल, नरेश अग्रवाल, संजीव शर्मा आदि उद्यमी मौजूद रहे।
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