{"_id":"5c080ef0bdec22419b5de69b","slug":"15440320264-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेएनयू को नए हॉस्टल निर्माण की मंजूरी, पांच फीसदी फंड करना होगा जमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेएनयू को नए हॉस्टल निर्माण की मंजूरी, पांच फीसदी फंड करना होगा जमा
Updated Wed, 05 Dec 2018 11:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जेएनयू को नए हॉस्टल
निर्माण की सशर्त मंजूरी
- पांच फीसदी फंड यानी 107 करोड़ रुपये करने होंगे जमा
- 113 पेड़ काटने के बदले लगाने होंगे 10 गुना अधिक पौधे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में नए हॉस्टल के निर्माण के लिए 113 पेड़ काटने पर रोक लगाने की याचिका को नामंजूर कर दिया है। पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 10 नवंबर को दिए गए आदेश के तहत जेएनयू कुछ शर्तों का पालन करते हुए नया निर्माण कार्य कर सकता है। जस्टिस आरएस राठौर की अध्यक्षता वाली पीठ ने गैर सरकारी संस्था चेतना के मामले पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।
पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश के तहत जेएनयू को काटे जाने वाले पेड़ों की तुलना में 10 गुना पौधे लगाने होंगे। साथ ही इस परियोजना का पांच फीसदी यानी 107 करोड़ रुपये रिज प्रबंधन बोर्ड फंड में जमा कराना होगा। बोर्ड के जरिये इस परियोजना की सख्त निगरानी होगी। वहीं, फंड का इस्तेमाल दिल्ली वन विभाग करेगा। ट्रिब्युनल ने कहा कि पांच वर्ष तक नए पौधों की देखभाल के लिए जेएनयू प्रशासन को दिल्ली वन विभाग को एक शपथ पत्र भी देना होगा। साथ ही निर्माण कार्य के दौरान कैंपस की वनस्पतियों और वन्यजीवों का भी ख्याल रखना होगा।
विज्ञापन
निर्माण की सशर्त मंजूरी
- पांच फीसदी फंड यानी 107 करोड़ रुपये करने होंगे जमा
- 113 पेड़ काटने के बदले लगाने होंगे 10 गुना अधिक पौधे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में नए हॉस्टल के निर्माण के लिए 113 पेड़ काटने पर रोक लगाने की याचिका को नामंजूर कर दिया है। पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 10 नवंबर को दिए गए आदेश के तहत जेएनयू कुछ शर्तों का पालन करते हुए नया निर्माण कार्य कर सकता है। जस्टिस आरएस राठौर की अध्यक्षता वाली पीठ ने गैर सरकारी संस्था चेतना के मामले पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।
पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश के तहत जेएनयू को काटे जाने वाले पेड़ों की तुलना में 10 गुना पौधे लगाने होंगे। साथ ही इस परियोजना का पांच फीसदी यानी 107 करोड़ रुपये रिज प्रबंधन बोर्ड फंड में जमा कराना होगा। बोर्ड के जरिये इस परियोजना की सख्त निगरानी होगी। वहीं, फंड का इस्तेमाल दिल्ली वन विभाग करेगा। ट्रिब्युनल ने कहा कि पांच वर्ष तक नए पौधों की देखभाल के लिए जेएनयू प्रशासन को दिल्ली वन विभाग को एक शपथ पत्र भी देना होगा। साथ ही निर्माण कार्य के दौरान कैंपस की वनस्पतियों और वन्यजीवों का भी ख्याल रखना होगा।
विज्ञापन