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दो माह के लिए धीमी होगी यमुना एक्सप्रेसवे की रफ्तार
Updated Tue, 04 Dec 2018 09:56 AM IST
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सर्दियों में यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार पर लगेगा ब्रेक
- 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक रहेगा लागू, हादसे की आशंका को देख यीडा ने लिया फैसला
गति सीमा (किमी/ प्रति घंटा)
वाहन पहले अब
कार/हल्के वाहन 100 75
भारी वाहन 80 60
---
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। हर साल सर्दियों में कोहरे के चलते यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे बढ़ जाते हैं। हादसे की आशंका को देखते हुए यमुना प्राधिकरण (यीडा) ने 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक एक्सप्रेसवे की वाहनों की अधिकतम रफ्तार कम रखने का आदेश जारी किया है। एक्सप्रेसवे इस दौरान हल्के वाहनों/कारों की गति सीमा 75 किमी प्रति घंटे और भारी वाहनों की 60 किमी प्रति घंटे की होगी।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे रोकने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उनमें पहला वाहनों की गति सीमा को कम करना है। वर्तमान समय में गति सीमा हल्के वाहनों और कारों के लिए 100 और भारी वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटे है, जिसे घटाकर क्रमश: 75 व 60 करने का फैसला लिया गया है। पुलिस व जेपी कंपनी को भी इसकी सूचना शीघ्र ही भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि दोनों ही प्रवेश प्वाइंट (आगरा व परी चौक) पर पंफलेट बांटकर गति सीमा कम रखने की जानकारी दी जाएगी।
वहीं पिछले वर्ष तक पांच अस्पतालों के साथ अनुबंध था जिसे बढ़ाकर 15 कर दिया गया है। इनमें छह आगरा, चार ग्रेटर नोएडा व पांच अस्पताल मथुरा के हैं। इससे हादसे होने पर कम समय में इलाज की व्यवस्था हो सकेगी। इन अस्पतालों में कोई भी मरीज का भर्ती करने से मना नहीं कर सकेगा। साथ ही कुछ बेड रिजर्व रखने होंगे।
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हर 10 किमी पर तैनात रहेगी एंबुलेंस और क्रेन
सीईओ ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर एंबुलेंस व क्रेन की तैनाती भी बढ़ा दी जाएगी। अब हर 10 किलोमीटर पर एक एंबुलेंस व क्रेन तैनात रहेगी जिससे हादसे की सूचना मिलने पर 10 से 15 मिनट में मदद पहुंच सके। हाइवे साथी ऐप को भी और अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे कि वाहन चालकों को आगे के रास्ते की सही जानकारी मिल सके। साथ ही स्पीड गन कुछ और जगह लगाने की योजना है। इसके लिए जेपी कंपनी से बातचीत चल रही है। सीईओ ने बताया कि एक्सप्रेसवे की सेफ्टी ऑडिट का काम 31 दिसंबर तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। हाल ही में लखनऊ में हुई बैठक में मुख्यमंत्री की तरफ से भी यह निर्देश दिए गए हैं।
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सर्दियों में यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार पर लगेगा ब्रेक
- 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक रहेगा लागू, हादसे की आशंका को देख यीडा ने लिया फैसला
गति सीमा (किमी/ प्रति घंटा)
वाहन पहले अब
कार/हल्के वाहन 100 75
भारी वाहन 80 60
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अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। हर साल सर्दियों में कोहरे के चलते यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे बढ़ जाते हैं। हादसे की आशंका को देखते हुए यमुना प्राधिकरण (यीडा) ने 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक एक्सप्रेसवे की वाहनों की अधिकतम रफ्तार कम रखने का आदेश जारी किया है। एक्सप्रेसवे इस दौरान हल्के वाहनों/कारों की गति सीमा 75 किमी प्रति घंटे और भारी वाहनों की 60 किमी प्रति घंटे की होगी।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे रोकने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उनमें पहला वाहनों की गति सीमा को कम करना है। वर्तमान समय में गति सीमा हल्के वाहनों और कारों के लिए 100 और भारी वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटे है, जिसे घटाकर क्रमश: 75 व 60 करने का फैसला लिया गया है। पुलिस व जेपी कंपनी को भी इसकी सूचना शीघ्र ही भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि दोनों ही प्रवेश प्वाइंट (आगरा व परी चौक) पर पंफलेट बांटकर गति सीमा कम रखने की जानकारी दी जाएगी।
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वहीं पिछले वर्ष तक पांच अस्पतालों के साथ अनुबंध था जिसे बढ़ाकर 15 कर दिया गया है। इनमें छह आगरा, चार ग्रेटर नोएडा व पांच अस्पताल मथुरा के हैं। इससे हादसे होने पर कम समय में इलाज की व्यवस्था हो सकेगी। इन अस्पतालों में कोई भी मरीज का भर्ती करने से मना नहीं कर सकेगा। साथ ही कुछ बेड रिजर्व रखने होंगे।
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हर 10 किमी पर तैनात रहेगी एंबुलेंस और क्रेन
सीईओ ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर एंबुलेंस व क्रेन की तैनाती भी बढ़ा दी जाएगी। अब हर 10 किलोमीटर पर एक एंबुलेंस व क्रेन तैनात रहेगी जिससे हादसे की सूचना मिलने पर 10 से 15 मिनट में मदद पहुंच सके। हाइवे साथी ऐप को भी और अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे कि वाहन चालकों को आगे के रास्ते की सही जानकारी मिल सके। साथ ही स्पीड गन कुछ और जगह लगाने की योजना है। इसके लिए जेपी कंपनी से बातचीत चल रही है। सीईओ ने बताया कि एक्सप्रेसवे की सेफ्टी ऑडिट का काम 31 दिसंबर तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। हाल ही में लखनऊ में हुई बैठक में मुख्यमंत्री की तरफ से भी यह निर्देश दिए गए हैं।