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श्रीराम को घर वापस लाने पहुंचे भरत, चरणपादुका लेकर लौटे
Updated Mon, 15 Oct 2018 05:32 AM IST
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श्रीराम को घर वापस लाने पहुंचे भरत, चरणपादुका लेकर लौटे
-दिल्ली में विभिन्न जगहों पर रामलीलाओं का मंचन जारी
-19 अक्तूबर को होगा रावण दहन, पांचवे दिन भरत मिलाप हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यूं तो रामायण के एक-एक प्रसंग में भावना, प्रेम, सद्भाव, मर्यादा और अनुशासन की शिक्षा देता है, लेकिन एक प्रसंग ऐसा भी है जो श्रोताओं, दर्शकों और भगवान श्रीराम के भक्तों को भावविभोर कर देता है। उनकी आंखों से आंसुओं की धारा बहने लगती है और भ्रातृत्व प्रेम की इस गाथा को पूरी दुनिया गर्व से पढ़ती है। ये प्रसंग है भरत मिलाप। रविवार को राजधानी में चल रही रामलीलाओं में कई जगह भरत मिलाप तो कहीं श्रीराम बारात, श्रीराम केवट संवाद आदि का मंचन देखने को मिला।
अशोक विहार फेज-2 स्थित आदर्श रामलीला कमेटी और पीतमपुरा पीयू ब्लॉक स्थित रामलीला में कुछ एक जैसा भाव देखने को मिला। यहां भरत मिलाप के प्रसंग में मौजूद भक्तों की आंखों से आंसु रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। मंच पर श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के अलावा अयोध्या के कई लोग विराजमान थे। लक्ष्मण को पता चलता है कि उनका अनुज भारी सैन्य बल के साथ उनकी ओर बढ़ रहा है, तो वे गुस्से से लाल पीला होकर कहते हैं, जैसी मां वैसा बेटा। लेकिन भरत सेना के साथ इसलिए आ रहे थे, क्योंकि उन्हें भय था कि जंगल में उनके भाई और भाभी को कुछ नुकसान तो नहीं हुआ। प्रभु श्रीराम से मुलाकात के बाद भरत को मनाने का मंचन, भाइयों के बीच का संवाद और अंत में भरत का सशर्त अयोध्या वापसी इत्यादि के मंचन भी दिखाए गए।
नवश्री धार्मिक रामलीला कमेटी के प्रेस सचिव राहुल शर्मा ने बताया कि रविवार को उनकी लीला में लालकिले पर राजा दशरथ द्वारा राज्य अभिषेक की घोषणा, नवीन विशेष प्रसंग, नारद जी का राम जी से मिलकर वन गमन की योजना बनाना, निषाद राज गुहा से भेंट, राम केवट संवाद का जीवंत मंचन हुआ। लीला के मंत्री प्रकाश बैराठी ने बताया कि लालकिले पर अबकी बार दर्शकों की भीड़ पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा देखने को मिल रही है। श्री धार्मिक रामलीला चिराग दिल्ली में राम वनवास का मंचन हुआ।
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यहां भी भरत से मिले श्रीराम
राम लखन कमेटी शारदा निकेतन की लीला में राम केवट संवाद, कैकेई भरत संवाद और चित्रकूट में भरत मिलाप मंचन प्रस्तुत किया। मंचन के बाद अध्यक्ष सतीश गर्ग ने बताया कि यह हमारे कलाकारों के दिन रात परिश्रम का फल है जो इतने भव्य मंचन प्रस्तुत किए जा रहे हैं। श्री सनातनधर्म लीला समिति करोल बाग की लीला में कैकेई-भरत संवाद और रामलीला मंचन में भरत के चित्रकूट जाने की हट का दृश्य देखकर सभी दर्शक भावविभोर हुए। समिति के मंत्री प्रवीण कपूर ने बताया कि लीला मंचन में प्रतिदिन कलाकारों द्वारा मनमोहक कलाओं की प्रस्तुति की जा रही है। पीतमपुरा स्थित डीडीए ग्राउंड पर चल रही श्री केशव रामलीला कमेटी पीतमपुरा की लीला में केवट उद्धार, दशरथ मरण और चित्रकूट पर भरत मिलाप का भव्य आयोजन संपन्न हुआ।
भगवान श्रीराम का दलित प्रेम
रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ की लीला का मुख्य प्रसंग वनवासी राम का दलित प्रेम रहा। प्रथम मिलन निषादराज केवट से रहा। इस अवसर पर नाव के खेवनहारों का परिवार सहित गीत व नृत्य अद्भुत रहा। इससे पहले सीता स्वयंवर के बाद पूर्वी दिल्ली नगर निगम की 11 महिला पार्षदों ने इंद्रप्रस्थ विस्तार की पार्षद अपर्णा गोयल, प्रीत विहार की पार्षद बबीता खन्ना, मंडावली की पार्षद शशि चांदना, विनोद नगर की पार्षद गीता रावत ने सीता बिदाई में मुख्य भूमिका निभाई। शिक्षा में वर्तमान टूटते परिवार, बढ़ते पारिवारिक विवाद, घटता रिश्तों में सम्मान आदि विषयों पर भगवती स्वरूपा सीता मां को ससुराल में उनके अधिकार, जिम्मेदारियों व व्यवहार की शिक्षा देकर समाज को संदेश दिया। लीला के दौरान उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और दिल्ली फूल मंडी के चेयरमैन विजय सिसोदिया भी रामलीला का मंचन देखने पहुंचे।
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-दिल्ली में विभिन्न जगहों पर रामलीलाओं का मंचन जारी
-19 अक्तूबर को होगा रावण दहन, पांचवे दिन भरत मिलाप हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यूं तो रामायण के एक-एक प्रसंग में भावना, प्रेम, सद्भाव, मर्यादा और अनुशासन की शिक्षा देता है, लेकिन एक प्रसंग ऐसा भी है जो श्रोताओं, दर्शकों और भगवान श्रीराम के भक्तों को भावविभोर कर देता है। उनकी आंखों से आंसुओं की धारा बहने लगती है और भ्रातृत्व प्रेम की इस गाथा को पूरी दुनिया गर्व से पढ़ती है। ये प्रसंग है भरत मिलाप। रविवार को राजधानी में चल रही रामलीलाओं में कई जगह भरत मिलाप तो कहीं श्रीराम बारात, श्रीराम केवट संवाद आदि का मंचन देखने को मिला।
अशोक विहार फेज-2 स्थित आदर्श रामलीला कमेटी और पीतमपुरा पीयू ब्लॉक स्थित रामलीला में कुछ एक जैसा भाव देखने को मिला। यहां भरत मिलाप के प्रसंग में मौजूद भक्तों की आंखों से आंसु रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। मंच पर श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के अलावा अयोध्या के कई लोग विराजमान थे। लक्ष्मण को पता चलता है कि उनका अनुज भारी सैन्य बल के साथ उनकी ओर बढ़ रहा है, तो वे गुस्से से लाल पीला होकर कहते हैं, जैसी मां वैसा बेटा। लेकिन भरत सेना के साथ इसलिए आ रहे थे, क्योंकि उन्हें भय था कि जंगल में उनके भाई और भाभी को कुछ नुकसान तो नहीं हुआ। प्रभु श्रीराम से मुलाकात के बाद भरत को मनाने का मंचन, भाइयों के बीच का संवाद और अंत में भरत का सशर्त अयोध्या वापसी इत्यादि के मंचन भी दिखाए गए।
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नवश्री धार्मिक रामलीला कमेटी के प्रेस सचिव राहुल शर्मा ने बताया कि रविवार को उनकी लीला में लालकिले पर राजा दशरथ द्वारा राज्य अभिषेक की घोषणा, नवीन विशेष प्रसंग, नारद जी का राम जी से मिलकर वन गमन की योजना बनाना, निषाद राज गुहा से भेंट, राम केवट संवाद का जीवंत मंचन हुआ। लीला के मंत्री प्रकाश बैराठी ने बताया कि लालकिले पर अबकी बार दर्शकों की भीड़ पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा देखने को मिल रही है। श्री धार्मिक रामलीला चिराग दिल्ली में राम वनवास का मंचन हुआ।
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यहां भी भरत से मिले श्रीराम
राम लखन कमेटी शारदा निकेतन की लीला में राम केवट संवाद, कैकेई भरत संवाद और चित्रकूट में भरत मिलाप मंचन प्रस्तुत किया। मंचन के बाद अध्यक्ष सतीश गर्ग ने बताया कि यह हमारे कलाकारों के दिन रात परिश्रम का फल है जो इतने भव्य मंचन प्रस्तुत किए जा रहे हैं। श्री सनातनधर्म लीला समिति करोल बाग की लीला में कैकेई-भरत संवाद और रामलीला मंचन में भरत के चित्रकूट जाने की हट का दृश्य देखकर सभी दर्शक भावविभोर हुए। समिति के मंत्री प्रवीण कपूर ने बताया कि लीला मंचन में प्रतिदिन कलाकारों द्वारा मनमोहक कलाओं की प्रस्तुति की जा रही है। पीतमपुरा स्थित डीडीए ग्राउंड पर चल रही श्री केशव रामलीला कमेटी पीतमपुरा की लीला में केवट उद्धार, दशरथ मरण और चित्रकूट पर भरत मिलाप का भव्य आयोजन संपन्न हुआ।
भगवान श्रीराम का दलित प्रेम
रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ की लीला का मुख्य प्रसंग वनवासी राम का दलित प्रेम रहा। प्रथम मिलन निषादराज केवट से रहा। इस अवसर पर नाव के खेवनहारों का परिवार सहित गीत व नृत्य अद्भुत रहा। इससे पहले सीता स्वयंवर के बाद पूर्वी दिल्ली नगर निगम की 11 महिला पार्षदों ने इंद्रप्रस्थ विस्तार की पार्षद अपर्णा गोयल, प्रीत विहार की पार्षद बबीता खन्ना, मंडावली की पार्षद शशि चांदना, विनोद नगर की पार्षद गीता रावत ने सीता बिदाई में मुख्य भूमिका निभाई। शिक्षा में वर्तमान टूटते परिवार, बढ़ते पारिवारिक विवाद, घटता रिश्तों में सम्मान आदि विषयों पर भगवती स्वरूपा सीता मां को ससुराल में उनके अधिकार, जिम्मेदारियों व व्यवहार की शिक्षा देकर समाज को संदेश दिया। लीला के दौरान उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और दिल्ली फूल मंडी के चेयरमैन विजय सिसोदिया भी रामलीला का मंचन देखने पहुंचे।