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एसडीएस व ग्रीनवे बिल्डर के खिलाफ आरसी जारी

Wed, 19 Sep 2018 01:21 AM IST
Updated Wed, 19 Sep 2018 01:21 AM IST
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एसडीएस व ग्रीनवे बिल्डर के खिलाफ आरसी जारी
हेडिंग: एसडीएस व ग्रीनवे बिल्डर से वसूली की तैयारी
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दोनों बिल्डरों के खिलाफ वसूली प्रमाणपत्र जारी, 680 करोड़ रुपये हैं बकाया
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने बकाया राशि जमा न करने पर एसडीएस इंफ्राकॉन और ग्रीनवे बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों बिल्डरों के खिलाफ वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) जारी किया गया है। एसडीएस पर करीब 300 करोड़ व ग्रीनवे बिल्डर पर करीब 380 करोड़ रुपये बकाया हैं। दोनों बिल्डर पैसा जमा नहीं कर रहे थे। डीएम के अधीन राजस्व विभाग इसकी वसूली करेगा। इसके एवज में राजस्व विभाग कुल बकाये का 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लेगा
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह ने बताया कि ग्रीनवे इंफ्रास्ट्रक्चर को 22डी में 100 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। कंपनी ने प्लॉट व फ्लैट की योजना लांच की। खरीदारों से पैसे ले लिए। बिल्डर ने प्रोजेक्ट पूरा करने के बजाय करीब 182 करोड़ रुपये अन्य जगह खर्च कर दिए। प्रोजेक्ट को पूरा नहीं किया, जिससे खरीदारों को कब्जा नहीं मिल सका। प्राधिकरण की किस्तें भी जमा नहीं की। इस पर प्राधिकरण ने बिल्डर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी थी। अब बिल्डर से 40 एकड़ जमीन वापस ली जा रही है। इस पर प्राधिकरण का 380 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं, एसडीएस इंफ्राकॉन को सेक्टर 26ए में 100 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। बिल्डर ने प्लॉट व फ्लैट की स्कीम लांच कर खरीदारों से काफी पैसे ले लिए, लेकिन न तो प्राधिकरण का पैसा दिया और न ही प्रोजेक्ट को पूरा किया। इस पर प्राधिकरण का 300 करोड़ रुपये बकाया है। यीडा के मुताबिक एसडीएस ने 1389 प्लॉट बेचे हैं और ग्रीनबे ने 635 प्लॉट बेचकर खरीदारों का पैसा फंसा दिया है।
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यीडा का आवंटियों पर 2833 करोड़ बकाया
यमुना प्राधिकरण कई और बकायेदारों के खिलाफ वसूली प्रमाणपत्र जारी कर रहा है। यहां बिल्डरों के 37 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। बिल्डरों व बड़े आवंटियों पर प्राधिकरण का 2833 करोड़ रुपये बकाया हैं। प्राधिकरण इन बिल्डरों की जांच करा रहा है। यह काम 30 सितंबर तक पूरा हो जाएगा। सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद बकायेदारों के खिलाफ वसूली प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इनमें अधिकतर वे लोग हैं, जो प्राधिकरण को बकाया नहीं दे रहे हैं और प्रोजेक्ट को पूरा नहीं कर रहे हैं। खरीदारों का पैसा फंसा रखा है।
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जेपी के खरीदार जाएंगे रेरा
यमुना प्राधिकरण में जेपी के प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने वाले लोग मंगलवार को सीईओ से मिले। उन्होंने बताया कि उन्हें फ्लैट नहीं मिल पा रहा है। खरीदारों ने कहा कि वह रेरा जाएंगे, ताकि उनकी सुनवाई हो सके। खरीदारों ने सीईओ से कहा कि वह उन्हें उनके प्रोजेक्ट की जरूरी जानकारी दे दें। प्रोजेक्ट का वास्तविक स्थिति क्या है। इस पर सीईओ ने खरीदारों को बताया कि जेपी का मामला एनसीएलटी में चल रहा है।
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