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%महज एक वादे पे उम्र बिताने वाले...’ से युवाओं के दिल को छुआ
Updated Tue, 21 Aug 2018 10:12 PM IST
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‘महज एक वादे पे उम्र बिताने वाले...’ से युवाओं के दिल को छुआ
- एनआईईटी कॉलेज के मुशायरे में छात्र-छात्राओं और शायरों ने बांधा समां
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। ‘महज एक वादे पे उम्र बिताने वाले कितने मासूम हैं यह दिल लगाने वाले...’ एनआईईटी कॉलेज में आयोजित मुशायरे में शायर अनूप काहिल की यह गजल महफिल में आए युवा दिलों की धड़कन बन गई। संस्थान के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम मंचनीति का आयोजन किया गया। जिसमें ओपन माइक पोएट्री, सिंगिंग, ट्रेजर हंट, फोटोग्राफी, शॉर्ट फिल्म मेकिंग आदि प्रतियोगिताओं में 400 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का समापन कवि सम्मेलन एवं मुशायरे की महफिल शाम-ए-सुखन के साथ हुआ। महफिल में मुंबई, भरतपुर, कोटा, दिल्ली, और नोएडा से आए कवियों और शायरों ने शिरकत की। बुरी नजरों से बेटी पर टूटते आसमान को बयां करती शेफाली शर्मा की कविता पंखा ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। उमेश भरतपुरिया से शहीदों की याद में ‘जब बिखरा काजल, टूटी चूड़ी और सूनी थी मांग...’ गीत गया तो उपस्थित जनसमूह राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया। इसके अलावा दिव्य, सौम्य यादव, कमल तोमर, तनोज दधीच के शेरों और दिव्य कमलध्वज ने अपनी गजलों से महफिल को बुलंदियों तक पहुंचा दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नसीरुद्दीन शाह के भतीजे मेजर मोहम्मद अली शाह रहे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को जीवन की असफलताओं का सामना करते हुए सफलता प्राप्त करने का मंत्र दिया। इस दौरान निदेशक प्रोफेसर अजय कुमार, महानिदेशक प्रोफेसर पांडे बीबी लाल, निदेशक डॉ प्रवीण पचौरी, अधिष्ठाता प्रो विनीत वर्मा, अध्यापक तथा छात्र उपस्थित रहे।
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‘महज एक वादे पे उम्र बिताने वाले...’ से युवाओं के दिल को छुआ
- एनआईईटी कॉलेज के मुशायरे में छात्र-छात्राओं और शायरों ने बांधा समां
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। ‘महज एक वादे पे उम्र बिताने वाले कितने मासूम हैं यह दिल लगाने वाले...’ एनआईईटी कॉलेज में आयोजित मुशायरे में शायर अनूप काहिल की यह गजल महफिल में आए युवा दिलों की धड़कन बन गई। संस्थान के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम मंचनीति का आयोजन किया गया। जिसमें ओपन माइक पोएट्री, सिंगिंग, ट्रेजर हंट, फोटोग्राफी, शॉर्ट फिल्म मेकिंग आदि प्रतियोगिताओं में 400 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का समापन कवि सम्मेलन एवं मुशायरे की महफिल शाम-ए-सुखन के साथ हुआ। महफिल में मुंबई, भरतपुर, कोटा, दिल्ली, और नोएडा से आए कवियों और शायरों ने शिरकत की। बुरी नजरों से बेटी पर टूटते आसमान को बयां करती शेफाली शर्मा की कविता पंखा ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। उमेश भरतपुरिया से शहीदों की याद में ‘जब बिखरा काजल, टूटी चूड़ी और सूनी थी मांग...’ गीत गया तो उपस्थित जनसमूह राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया। इसके अलावा दिव्य, सौम्य यादव, कमल तोमर, तनोज दधीच के शेरों और दिव्य कमलध्वज ने अपनी गजलों से महफिल को बुलंदियों तक पहुंचा दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नसीरुद्दीन शाह के भतीजे मेजर मोहम्मद अली शाह रहे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को जीवन की असफलताओं का सामना करते हुए सफलता प्राप्त करने का मंत्र दिया। इस दौरान निदेशक प्रोफेसर अजय कुमार, महानिदेशक प्रोफेसर पांडे बीबी लाल, निदेशक डॉ प्रवीण पचौरी, अधिष्ठाता प्रो विनीत वर्मा, अध्यापक तथा छात्र उपस्थित रहे।
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