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ग्रेनो प्राधिकरण ने बिल्डर को भेजा नोटिस
Updated Wed, 15 Aug 2018 12:52 AM IST
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हेडिंग: ग्रेनो प्राधिकरण ने बिल्डर को भेजा नोटिस
फर्जी कंपलीशन सर्टिफिकेट से फ्लैट बेचने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर टेकजोन फोर में फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट से फ्लैट बेचने के मामले में प्राधिकरण की तरफ से बिल्डर को मंगलवार को नोटिस जारी किया गया है।
दरअसल, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड को अपने स्टाफ के लिए 200 से अधिक फ्लैटों की जरूरत थी। इसके लिए उसने टेंडर निकाले। बिल्डर ने यह टेंडर पाने के लिए फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट लगा दिया जबकि उस सर्टिफिकेट में जिस अधिकारी के हस्ताक्षर हैं, उसका स्थानांतरण करीब छह माह पहले हो चुका है। इस गड़बड़ी का पता तब चला, जब नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड की तरफ से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को पत्र आया, जिसमें बिल्डर की तरफ से लगाए गए कंप्लीशन सर्टिफिकेट के बारे में जानकारी मांगी गई थी। प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट के लिए सर्टिफिकेट जारी न होने की बात कही और रिपोर्ट नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड को भेज दिया। उसी क्रम में प्राधिकरण ने बिल्डर को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। हालांकि प्राधिकरण के अधिकारियों को यह जानकारी नहीं है कि फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट के आधार पर कितने खरीदारों ने फ्लैट लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इसकी जांच होने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
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फर्जी कंपलीशन सर्टिफिकेट से फ्लैट बेचने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर टेकजोन फोर में फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट से फ्लैट बेचने के मामले में प्राधिकरण की तरफ से बिल्डर को मंगलवार को नोटिस जारी किया गया है।
दरअसल, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड को अपने स्टाफ के लिए 200 से अधिक फ्लैटों की जरूरत थी। इसके लिए उसने टेंडर निकाले। बिल्डर ने यह टेंडर पाने के लिए फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट लगा दिया जबकि उस सर्टिफिकेट में जिस अधिकारी के हस्ताक्षर हैं, उसका स्थानांतरण करीब छह माह पहले हो चुका है। इस गड़बड़ी का पता तब चला, जब नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड की तरफ से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को पत्र आया, जिसमें बिल्डर की तरफ से लगाए गए कंप्लीशन सर्टिफिकेट के बारे में जानकारी मांगी गई थी। प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट के लिए सर्टिफिकेट जारी न होने की बात कही और रिपोर्ट नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड को भेज दिया। उसी क्रम में प्राधिकरण ने बिल्डर को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। हालांकि प्राधिकरण के अधिकारियों को यह जानकारी नहीं है कि फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट के आधार पर कितने खरीदारों ने फ्लैट लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इसकी जांच होने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
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