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सीएम केजरीवाल की लताड़ पर डीडीए का पलटवार
Updated Fri, 27 Jul 2018 11:36 PM IST
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ट्रांजिट कैंप की खामियों पर डीडीए ने दी सफाई
- कहा, गंदगी इसलिए मिली, क्योंकि उत्तरी निगम ने नहीं उठवाया कचरा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को ट्रांजिट कैंप के दौरे में खामियां मिलने पर अफ सरों को लताड़ लगाई थी। वहीं, शुक्रवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि बारिश के चलते एमएस शीट की छत पर नट बोल्ट सहित लगे रबड़ वाशर टूटने से कुछ हिस्सों से पानी टपक रहा था। इसकी पहले से ही मरम्मत कराई जा रही है। स्वच्छता पर कहा कि परिसरों की सफाई नियमित रूप से की जा रही है, लेकिन बृहस्पतिवार को भारी बारिश के कारण सफाई अच्छे से नहीं हो सकी।
कैंप परिसरों में रखे कूड़ेदानों से कचरा उठाने की जिम्मेदारी उत्तरी दिल्ली नगर निगम की है, लेकिन निगम की ओर से कचरा नहीं उठाया गया। इतना ही नहीं डीडीए का कहना है कि कैंप निवासियों के लिए प्रत्येक परिवार को प्रतिदिन 700 लीटर पानी निशुल्क आपूर्ति करना दिल्ली जल बोर्ड के क्षेत्राधिकार में आता है। इसमें प्राधिकरण का कोई लेना-देना नहीं है। प्राधिकरण अपनी लागत पर टैंकरों और बोरवेल के जरिये जल आपूर्ति कर रहा है। बावजूद इन व्यवस्थाओं के शुक्रवार को डीडीए के शीर्ष अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों एवं पर्यवेक्षक कर्मचारियों को फिर से निर्देश देते हुए ट्रांजिट कैंप की व्यवस्थाओं को और मजबूत रखने के लिए कहा है।
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- कहा, गंदगी इसलिए मिली, क्योंकि उत्तरी निगम ने नहीं उठवाया कचरा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को ट्रांजिट कैंप के दौरे में खामियां मिलने पर अफ सरों को लताड़ लगाई थी। वहीं, शुक्रवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि बारिश के चलते एमएस शीट की छत पर नट बोल्ट सहित लगे रबड़ वाशर टूटने से कुछ हिस्सों से पानी टपक रहा था। इसकी पहले से ही मरम्मत कराई जा रही है। स्वच्छता पर कहा कि परिसरों की सफाई नियमित रूप से की जा रही है, लेकिन बृहस्पतिवार को भारी बारिश के कारण सफाई अच्छे से नहीं हो सकी।
कैंप परिसरों में रखे कूड़ेदानों से कचरा उठाने की जिम्मेदारी उत्तरी दिल्ली नगर निगम की है, लेकिन निगम की ओर से कचरा नहीं उठाया गया। इतना ही नहीं डीडीए का कहना है कि कैंप निवासियों के लिए प्रत्येक परिवार को प्रतिदिन 700 लीटर पानी निशुल्क आपूर्ति करना दिल्ली जल बोर्ड के क्षेत्राधिकार में आता है। इसमें प्राधिकरण का कोई लेना-देना नहीं है। प्राधिकरण अपनी लागत पर टैंकरों और बोरवेल के जरिये जल आपूर्ति कर रहा है। बावजूद इन व्यवस्थाओं के शुक्रवार को डीडीए के शीर्ष अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों एवं पर्यवेक्षक कर्मचारियों को फिर से निर्देश देते हुए ट्रांजिट कैंप की व्यवस्थाओं को और मजबूत रखने के लिए कहा है।
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