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इनोवेशन के लिए स्पार्कल-2019 से खुलेगी विद्यार्थियों की राह
Updated Wed, 25 Jul 2018 10:28 PM IST
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छात्रों के लिए ‘स्पार्कल’ से खुलेगी इनोवेशन की राह
विजेताओं का होगा सम्मान, केपीआईटी और एनआईईटी बने भागीदार
ग्रेटर नोएडा। बीटेक छात्रों के लिए अपने इनोवेशन को उभारने और मूर्त रूप देने के लिए स्पार्कल-2019 प्रतियोगिता में प्लेटफार्म मिलेगा। देशभर से चुने गए 30 प्रोजेक्ट बनाने वाली टीमों को पुणे में आईटी कंपनी इंजीनियर्स के सानिध्य में निखारने का मौका मिलेगा। विजेता प्रोजेक्ट पुरस्कृत किए जाएंगे। केपीआईटी के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट राहुल उप्लप ने बुधवार को नॉलेज पार्क-2 स्थित नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के ( एनआईईटी) कार्यकारी उपाध्यक्ष रमन बत्रा के साथ एक करार कर पहला अकादमिक भागीदार बनाया है। राहुल ने बताया कि चौथे वर्ष यह प्रतियोगिता आयोजित हो रही है। इसका विषय ‘भविष्य की गतिशीलता एवं ऊर्जा’ रखा गया है। अब तक 12 हजार विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। पूरे भारत से विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रबंधन एवं डिजाइन के स्नातक से पीएचडी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। प्रोजेक्ट बनाने के लिए दस माह तक का समय दिया जाएगा। कार्यक्रम में विशाल पिल्लई, संत रंजन, तुषार जुवेकर, केदार सप्रे, डॉ. नीमा अग्रवाल, डॉ. अजय कुमार समेत कई विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
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विजेताओं का होगा सम्मान, केपीआईटी और एनआईईटी बने भागीदार
ग्रेटर नोएडा। बीटेक छात्रों के लिए अपने इनोवेशन को उभारने और मूर्त रूप देने के लिए स्पार्कल-2019 प्रतियोगिता में प्लेटफार्म मिलेगा। देशभर से चुने गए 30 प्रोजेक्ट बनाने वाली टीमों को पुणे में आईटी कंपनी इंजीनियर्स के सानिध्य में निखारने का मौका मिलेगा। विजेता प्रोजेक्ट पुरस्कृत किए जाएंगे। केपीआईटी के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट राहुल उप्लप ने बुधवार को नॉलेज पार्क-2 स्थित नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के ( एनआईईटी) कार्यकारी उपाध्यक्ष रमन बत्रा के साथ एक करार कर पहला अकादमिक भागीदार बनाया है। राहुल ने बताया कि चौथे वर्ष यह प्रतियोगिता आयोजित हो रही है। इसका विषय ‘भविष्य की गतिशीलता एवं ऊर्जा’ रखा गया है। अब तक 12 हजार विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। पूरे भारत से विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रबंधन एवं डिजाइन के स्नातक से पीएचडी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। प्रोजेक्ट बनाने के लिए दस माह तक का समय दिया जाएगा। कार्यक्रम में विशाल पिल्लई, संत रंजन, तुषार जुवेकर, केदार सप्रे, डॉ. नीमा अग्रवाल, डॉ. अजय कुमार समेत कई विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।