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डीयू एलएलबी प्रवेश परीक्षा मामला
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:00 PM IST
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प्रवेश परीक्षा में असफल छात्रों की याचिका में जनहित नहीं
हाईकोर्ट ने 11 छात्रों की याचिका पर सुनवाई में की टिप्पणी
अमर उजाला ब्यूरो,
नई दिल्ली । हाईकोर्ट ने डीयू के एलएलबी कोर्स की प्रवेश परीक्षा में असफल रहे 11 छात्रों की याचिका पर जनहित याचिका की तरह सुनवाई करने से बृहस्पतिवार को इंकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा इस याचिका में जनहित के बजाय निजी हित ज्यादा निहित है। इन छात्रों ने प्रवेश परीक्षा में व्यापक स्तर पर नकल का आरोप लगाते हुए परीक्षा दोबारा आयोजित करने की मांग की थी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने कहा याची छात्रों ने प्रवेश परीक्षा दी थी। इसलिए इस याचिका में उनका निजी हित कहीं अधिक है। इसलिए याचिका पर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई नहीं हो सकती। इस याचिका पर उपयुक्त पीठ 23 जुलाई को सुनवाई करेगी।
याची छात्रों के लिए अधिवक्ता अभिषेक कुमार चौधरी ने यह याचिका दायर की थी। इन छात्रों ने 11 जुलाई को घोषित हुए एलएलबी प्रवेश परीक्षा के नतीजों को रद्द कर नये सिरे से परीक्षा आयोजित कराने की मांग की थी। इनका दावा था कि परीक्षा का सही प्रबंधन न होने के कारण कई केंद्रों पर व्यापक स्तर पर नकल हुई थी। अगर प्रवेश परीक्षा दोबारा आयोजित नहीं होती है तो केवल इन केंद्रों पर ही दोबारा परीक्षा करवाई जाए। इसके अलावा इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश दिया जाए।
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हाईकोर्ट ने 11 छात्रों की याचिका पर सुनवाई में की टिप्पणी
अमर उजाला ब्यूरो,
नई दिल्ली । हाईकोर्ट ने डीयू के एलएलबी कोर्स की प्रवेश परीक्षा में असफल रहे 11 छात्रों की याचिका पर जनहित याचिका की तरह सुनवाई करने से बृहस्पतिवार को इंकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा इस याचिका में जनहित के बजाय निजी हित ज्यादा निहित है। इन छात्रों ने प्रवेश परीक्षा में व्यापक स्तर पर नकल का आरोप लगाते हुए परीक्षा दोबारा आयोजित करने की मांग की थी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने कहा याची छात्रों ने प्रवेश परीक्षा दी थी। इसलिए इस याचिका में उनका निजी हित कहीं अधिक है। इसलिए याचिका पर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई नहीं हो सकती। इस याचिका पर उपयुक्त पीठ 23 जुलाई को सुनवाई करेगी।
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याची छात्रों के लिए अधिवक्ता अभिषेक कुमार चौधरी ने यह याचिका दायर की थी। इन छात्रों ने 11 जुलाई को घोषित हुए एलएलबी प्रवेश परीक्षा के नतीजों को रद्द कर नये सिरे से परीक्षा आयोजित कराने की मांग की थी। इनका दावा था कि परीक्षा का सही प्रबंधन न होने के कारण कई केंद्रों पर व्यापक स्तर पर नकल हुई थी। अगर प्रवेश परीक्षा दोबारा आयोजित नहीं होती है तो केवल इन केंद्रों पर ही दोबारा परीक्षा करवाई जाए। इसके अलावा इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश दिया जाए।
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