{"_id":"5aad59f64f1c1b90778b623a","slug":"152131044612-grnoida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक ही गाड़ी में घायलों और मृतकों को भरने से हुई चार की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक ही गाड़ी में घायलों और मृतकों को भरने से हुई चार की मौत
Updated Sat, 17 Mar 2018 11:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक ही जीप में भरने से हुई घायलों की मौत
दादरी। बादलपुर कोतवाली क्षेत्र में जीटी रोड पर तीन दिन पूर्व हुए सड़क हादसे में यह बात सामने आ रही है कि यदि पुलिस संवेदनशीलता दिखाती तो और जानें बचाई जा सकती थीं। परिजन का आरोप है कि हादसे के बाद सभी घायलों को एक ही गाड़ी में ऊपर-नीचे भरने से उनकी स्थिति और गंभीर हो गई। इससे चार घायलों की मौत हो गई जबकि मौके पर केवल एक की मौत हुई थी। पुलिस की लापरवाही से ग्रामीणों में बेहद गुस्सा है।
जीटी रोड पर गांव कूडी खेड़ा मोड़ के नजदीक बुधवार रात में गांव बढ़पूरा निवासी मनवीर परिवार के साथ गाजियाबाद क्षेत्र के गांव भोआपुर में रिसेप्शन में शामिल होने के बाद अपने गांव बढ़पुरा लौट रहे थे। इस दौरान ढाबे के सामने सड़क पर खडे़ ट्रक में टक्कर से कार की टक्कर हो गई। हादसे में कार में सवार सभी 10 लोग घायल हो गए जिनमें 5 की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि हादसे के दौरान एक की मौत हुई थी जबकि बाकी चार की मौत पुलिस की लापरवाही से हुई। पुलिस ने सभी घायलों को एक ही जीप में ऊपर नीचे भर लिया था। जीप में नीचे दबने से अर्जुन और खुशी की मौत हो गई। निशा की मौत भी नीचे दबकर दम घुटने से हुई। उसके अलावा जीप में भूसा की तरह घायलों को भरने के कारण ही अंजली का पेट फटा जो आज भी वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। परिजन और ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस घायलों को एंबुलेंस और एक जीप की जगह कम से कम दो गाड़ियों में ठीक से ले जाती तो चार जिंदगियां बचाई जा सकती थीं। पुलिस की इस लापरवाही से ग्रामीणों में बेहद गुस्सा है।
-----------
दादरी के अस्पताल में नहीं मिला प्राथमिक इलाज
दादरी। सड़क हादसे में घायल लोगों को दादरी के निजी अस्पताल में प्राथमिक इलाज समय से मिल गया होता तो उनकी हालत अधिक नहीं बिगड़ती और जान बचाई जा सकती थी। सड़क हादसा होने के बाद सूचना पाकर सूचना पाकर पुलिस से पहले परिजन पहुंच गए थे। पुलिस के देर से पहुंचने के कारण भी घायलों की हालत गंभीर हो गई। परिजन सतवीर ने बताया कि जिस समय जीटी रोड पर घटना हुई उसके मात्र कुछ देर पहले ही भाई मनवीर से फोन पर बात हुई थी। उस समय मैं टीवी पर मैच देख रहा था। कुछ देर बाद मनवीर के साले का फोन आया कि मनवीर का एक्सीडेंट हो गया है। घटना पर पहुंचने में चंद मिनट ही लगे होंगे। परिजनों का हाल और गाड़ी की हालत देखने के बाद उस पल को भुला नहीं पाऊंगा। पुलिस ने बेरहमी से गाड़ी से खींच-खींच कर सभी को एक ही जीप में ऊपर नीचे भर लिया था।
विज्ञापन
-------
पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचे सांसद, गुस्सा
दादरी। हादसे के बाद पीड़ित के घर प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय सांसद के नहीं पहुंचने पर लोगों में गुस्सा है। गांव बढ़पुरा के ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मृतक के परिवार को सहायता राशि नहीं दी और घायलों का इलाज प्रदेश सरकार ने नहीं कराया तो चक्का जाम किया जाएगा। ग्रामीण ओमपाल सिंह, सुरेंद्र भाटी समेत अन्य लोगों का कहना है कि एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत होने पर सरकारी सहायता की मांग की जा रही है।
विज्ञापन
दादरी। बादलपुर कोतवाली क्षेत्र में जीटी रोड पर तीन दिन पूर्व हुए सड़क हादसे में यह बात सामने आ रही है कि यदि पुलिस संवेदनशीलता दिखाती तो और जानें बचाई जा सकती थीं। परिजन का आरोप है कि हादसे के बाद सभी घायलों को एक ही गाड़ी में ऊपर-नीचे भरने से उनकी स्थिति और गंभीर हो गई। इससे चार घायलों की मौत हो गई जबकि मौके पर केवल एक की मौत हुई थी। पुलिस की लापरवाही से ग्रामीणों में बेहद गुस्सा है।
जीटी रोड पर गांव कूडी खेड़ा मोड़ के नजदीक बुधवार रात में गांव बढ़पूरा निवासी मनवीर परिवार के साथ गाजियाबाद क्षेत्र के गांव भोआपुर में रिसेप्शन में शामिल होने के बाद अपने गांव बढ़पुरा लौट रहे थे। इस दौरान ढाबे के सामने सड़क पर खडे़ ट्रक में टक्कर से कार की टक्कर हो गई। हादसे में कार में सवार सभी 10 लोग घायल हो गए जिनमें 5 की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि हादसे के दौरान एक की मौत हुई थी जबकि बाकी चार की मौत पुलिस की लापरवाही से हुई। पुलिस ने सभी घायलों को एक ही जीप में ऊपर नीचे भर लिया था। जीप में नीचे दबने से अर्जुन और खुशी की मौत हो गई। निशा की मौत भी नीचे दबकर दम घुटने से हुई। उसके अलावा जीप में भूसा की तरह घायलों को भरने के कारण ही अंजली का पेट फटा जो आज भी वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। परिजन और ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस घायलों को एंबुलेंस और एक जीप की जगह कम से कम दो गाड़ियों में ठीक से ले जाती तो चार जिंदगियां बचाई जा सकती थीं। पुलिस की इस लापरवाही से ग्रामीणों में बेहद गुस्सा है।
विज्ञापन
-----------
दादरी के अस्पताल में नहीं मिला प्राथमिक इलाज
दादरी। सड़क हादसे में घायल लोगों को दादरी के निजी अस्पताल में प्राथमिक इलाज समय से मिल गया होता तो उनकी हालत अधिक नहीं बिगड़ती और जान बचाई जा सकती थी। सड़क हादसा होने के बाद सूचना पाकर सूचना पाकर पुलिस से पहले परिजन पहुंच गए थे। पुलिस के देर से पहुंचने के कारण भी घायलों की हालत गंभीर हो गई। परिजन सतवीर ने बताया कि जिस समय जीटी रोड पर घटना हुई उसके मात्र कुछ देर पहले ही भाई मनवीर से फोन पर बात हुई थी। उस समय मैं टीवी पर मैच देख रहा था। कुछ देर बाद मनवीर के साले का फोन आया कि मनवीर का एक्सीडेंट हो गया है। घटना पर पहुंचने में चंद मिनट ही लगे होंगे। परिजनों का हाल और गाड़ी की हालत देखने के बाद उस पल को भुला नहीं पाऊंगा। पुलिस ने बेरहमी से गाड़ी से खींच-खींच कर सभी को एक ही जीप में ऊपर नीचे भर लिया था।
विज्ञापन
-------
पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचे सांसद, गुस्सा
दादरी। हादसे के बाद पीड़ित के घर प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय सांसद के नहीं पहुंचने पर लोगों में गुस्सा है। गांव बढ़पुरा के ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मृतक के परिवार को सहायता राशि नहीं दी और घायलों का इलाज प्रदेश सरकार ने नहीं कराया तो चक्का जाम किया जाएगा। ग्रामीण ओमपाल सिंह, सुरेंद्र भाटी समेत अन्य लोगों का कहना है कि एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत होने पर सरकारी सहायता की मांग की जा रही है।