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अधिकारी ब्यान दर्ज कर लेते है नहीं देते सूचनाएं
Updated Wed, 05 Dec 2018 11:35 PM IST
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अपील की सुनवाई में भी आरटीआई का जवाब नहीं दे रहे अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नगीना। नांगल शाहपुर के नाजिम, मूलथान के इशाक और सहाबू, साठावाड़ी गांव के नसीम ऐसे ग्रामीण हैं जिन्होंने सूचना के अधिकार का इस्तेमाल किया। इन्होंने प्रथम, द्वितीय और तृतीय अपील तक कर डाली लेकिन अधिकारी जवाब देने को तैयार नहीं हैं। आयोग की चिट्टी मिलने के बाद अपील पर सुनवाई तो हुई लेकिन मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। बुधवार को आरटीआई कार्यकर्ता नाजिम हुसैन ने बीडीपीओ कार्यालय नगीना में जनसूचना अधिकारी मनोज कुमार के सामने अपने बयान दर्ज कराए।
उनका आरोप है कि 24 अगस्त 2018 को खूसपुरी ग्राम पंचायत के विकास कार्यों पर खर्च हुए धन के बारे में जानकारी मांगी थी। एक महीना बीतने के बाद भी जानकारी नहीं मिली तो राज्य सूचना आयोग चंडीगढ़ में अपील डाली गई, जिस पर सुनवाई के लिए बुधवार को बुलाया गया। लेकिन किसी भी जानकारी के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। केवल बयान दर्ज कराके वापस जाने को कहा गया। मूलथान गांव के किसान इशाक बताते हैं कि अप्रैल में मूलथान ग्राम पंचायत की जमीन के बारे में कुछ जानकारियां मांगी थी, जो अभी तक नहीं दी गई। दो बार सुनवाई हो चुकी। आयोग को चिट्ठी भेजी जा चुकी है फिर भी कोई असर अधिकारियों व कर्मचारियों पर दिखाई नहीं दे रहा।
साठावाड़ी गांव के पूर्व पंच नसीम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग मांड़ीखेड़ा से सूचनाएं मांगी थी जो कई महीने बीतने के बाद भी नहीं दी गई है। मजबूरन, आयोग में अपील भेजकर जनसूचना अधिकारी के खिलाफ 25 हजार का जुर्माना लगाने की मांग की गई है। सहाबू ने बताया कि उनके गांव का सरपंच कहता है कि मैं चाहूंगा तो जवाब दूंगा तुम कितने ही दफ्तर में चक्कर काट लो। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राकेश मोर कहते हैं कि आरटीआई का जवाब निश्चित समय में देने के आदेश कानून में दिए हुए हैं। अगर कोई ऐसा नहीं कर पा रहा है तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उधर जिला अस्पताल मांड़ीखेड़ा की डिप्टी सिविल सर्जन रेनू शर्मा ने बताया कि यदि कोई लंबित आरटीआई है तो उसका जवाब एक-दो दिन में दे दिया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नगीना। नांगल शाहपुर के नाजिम, मूलथान के इशाक और सहाबू, साठावाड़ी गांव के नसीम ऐसे ग्रामीण हैं जिन्होंने सूचना के अधिकार का इस्तेमाल किया। इन्होंने प्रथम, द्वितीय और तृतीय अपील तक कर डाली लेकिन अधिकारी जवाब देने को तैयार नहीं हैं। आयोग की चिट्टी मिलने के बाद अपील पर सुनवाई तो हुई लेकिन मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। बुधवार को आरटीआई कार्यकर्ता नाजिम हुसैन ने बीडीपीओ कार्यालय नगीना में जनसूचना अधिकारी मनोज कुमार के सामने अपने बयान दर्ज कराए।
उनका आरोप है कि 24 अगस्त 2018 को खूसपुरी ग्राम पंचायत के विकास कार्यों पर खर्च हुए धन के बारे में जानकारी मांगी थी। एक महीना बीतने के बाद भी जानकारी नहीं मिली तो राज्य सूचना आयोग चंडीगढ़ में अपील डाली गई, जिस पर सुनवाई के लिए बुधवार को बुलाया गया। लेकिन किसी भी जानकारी के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। केवल बयान दर्ज कराके वापस जाने को कहा गया। मूलथान गांव के किसान इशाक बताते हैं कि अप्रैल में मूलथान ग्राम पंचायत की जमीन के बारे में कुछ जानकारियां मांगी थी, जो अभी तक नहीं दी गई। दो बार सुनवाई हो चुकी। आयोग को चिट्ठी भेजी जा चुकी है फिर भी कोई असर अधिकारियों व कर्मचारियों पर दिखाई नहीं दे रहा।
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साठावाड़ी गांव के पूर्व पंच नसीम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग मांड़ीखेड़ा से सूचनाएं मांगी थी जो कई महीने बीतने के बाद भी नहीं दी गई है। मजबूरन, आयोग में अपील भेजकर जनसूचना अधिकारी के खिलाफ 25 हजार का जुर्माना लगाने की मांग की गई है। सहाबू ने बताया कि उनके गांव का सरपंच कहता है कि मैं चाहूंगा तो जवाब दूंगा तुम कितने ही दफ्तर में चक्कर काट लो। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राकेश मोर कहते हैं कि आरटीआई का जवाब निश्चित समय में देने के आदेश कानून में दिए हुए हैं। अगर कोई ऐसा नहीं कर पा रहा है तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उधर जिला अस्पताल मांड़ीखेड़ा की डिप्टी सिविल सर्जन रेनू शर्मा ने बताया कि यदि कोई लंबित आरटीआई है तो उसका जवाब एक-दो दिन में दे दिया जाएगा।
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