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अस्पताल के बाथरूम में बच्चा जन्म, दोनों स्वस्थ
Updated Tue, 11 Sep 2018 11:16 PM IST
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अस्पताल के बाथरूम में बच्चा जना, दोनों स्वस्थ
गुरुग्राम। सिविल लाइन स्थित नागरिक अस्पताल में मंगलवार को फिर एक गर्भवती ने अस्पताल के शौचालय में ही बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि काफी देर से प्रसव पीड़ा होने के बाद भी उसको समय पर लेबर रूम में बेड नहीं मिल पाया था। जिसके चलते उसने लेबर रूम के शौचालय में ही बेटे को जन्म दे दिया। वहीं गर्भवतियों की अधिक भीड़ के चलते मंगलवार को लेबर रूम फुल रहा, जिस कारण डॉक्टरों को एक अन्य महिला का प्रसव गायनी वार्ड के बेड पर ही करवाना पड़ा। डॉक्टरों की मानें तो जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
बाथरूम में बच्चे को जन्म देने वाली महिला के पति सुनील ने बताया कि वह मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी को एंबुलेंस से दोपहर करीब 12:30 बजे नागरिक अस्पताल लाए थे। यहां गायनी वार्ड में भर्ती किया गया था। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अचानक प्रसव पीड़ा तेज होने लगी। जानकारी डॉक्टर को दी गई, लेकिन लेबर रूम में जगह न होने के कारण काफी देर इंतजार करना पड़ा। सुनील ने बताया कि इस मामले के विषय में वह उच्च अधिकारियों के पास भी गए। जिसके बाद महिला को किसी तरह लेबर रूम में ले जाया गया, जहां उसने शौचालय में ही लड़के को जन्म दे दिया।
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मंगलवार दोपहर 2 बजे के बाद अस्पताल में लगातार 13 डिलीवरी करवाई गई। लेबर रूम में चार बेड हैं। ऐसे में दबाव अधिक होने के कारण ही डॉक्टरों ने वार्ड में महिला का प्रसव करवाया था। वहीं जिस महिला ने शौचालय में बच्चे को जन्म दिया है, वह भी लेबर रूम में ही भर्ती थी। वहां से शौचालय गई थी। इस दौरान बच्चे को जन्म दिया। अब दोनों स्वस्थ हैं।
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-डॉ. पंकज अग्रवाल, कार्यवाहक प्रधान चिकित्सा अधिकारी
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गुरुग्राम। सिविल लाइन स्थित नागरिक अस्पताल में मंगलवार को फिर एक गर्भवती ने अस्पताल के शौचालय में ही बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि काफी देर से प्रसव पीड़ा होने के बाद भी उसको समय पर लेबर रूम में बेड नहीं मिल पाया था। जिसके चलते उसने लेबर रूम के शौचालय में ही बेटे को जन्म दे दिया। वहीं गर्भवतियों की अधिक भीड़ के चलते मंगलवार को लेबर रूम फुल रहा, जिस कारण डॉक्टरों को एक अन्य महिला का प्रसव गायनी वार्ड के बेड पर ही करवाना पड़ा। डॉक्टरों की मानें तो जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
बाथरूम में बच्चे को जन्म देने वाली महिला के पति सुनील ने बताया कि वह मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी को एंबुलेंस से दोपहर करीब 12:30 बजे नागरिक अस्पताल लाए थे। यहां गायनी वार्ड में भर्ती किया गया था। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अचानक प्रसव पीड़ा तेज होने लगी। जानकारी डॉक्टर को दी गई, लेकिन लेबर रूम में जगह न होने के कारण काफी देर इंतजार करना पड़ा। सुनील ने बताया कि इस मामले के विषय में वह उच्च अधिकारियों के पास भी गए। जिसके बाद महिला को किसी तरह लेबर रूम में ले जाया गया, जहां उसने शौचालय में ही लड़के को जन्म दे दिया।
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मंगलवार दोपहर 2 बजे के बाद अस्पताल में लगातार 13 डिलीवरी करवाई गई। लेबर रूम में चार बेड हैं। ऐसे में दबाव अधिक होने के कारण ही डॉक्टरों ने वार्ड में महिला का प्रसव करवाया था। वहीं जिस महिला ने शौचालय में बच्चे को जन्म दिया है, वह भी लेबर रूम में ही भर्ती थी। वहां से शौचालय गई थी। इस दौरान बच्चे को जन्म दिया। अब दोनों स्वस्थ हैं।
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-डॉ. पंकज अग्रवाल, कार्यवाहक प्रधान चिकित्सा अधिकारी