{"_id":"59b821024f1c1be17f8b6532","slug":"151505239298-noida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपचार के दौरान 30 वर्षीय दिव्यांग व्यक्ति की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपचार के दौरान 30 वर्षीय दिव्यांग व्यक्ति की मौत
Updated Tue, 12 Sep 2017 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उपचार के दौरान 30 वर्षीय दिव्यांग व्यक्ति की मौत
होडल। यहां स्थित ओम अस्पताल में 30 वर्षीय दिव्यांग व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत देकर अस्पताल प्रबंधन व उपचार करने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गांव बहरोला निवासी रवि दत्त ने बताया कि गत 11 सितंबर को वह अपनी पत्नी को लेकर अपनी सुसराल गांव जुरहेड़ा (राजस्थान) गया हुआ था। जब वह अपनी पत्नी को लेकर वापस आ रहा था तो रास्ते में उसके पास सुसराल से फोन आया कि उसके साले कुंदन की अचानक तबीयत खराब हो गई है। उसे उल्टी और दस्त की शिकायत है। इस पर रविदत्त वापस सुसराल पहुंच गया और अपने बड़े साले टाइगर व कुंदन की पत्नी के साथ मरीज को लेकर उपचार के लिए होडल स्थित ओम अस्पताल में ले आया। जहां पर चिकित्सकों ने कुंदन को भर्ती कर लिया। रवि ने बताया कि कुंदन को सुबह 11 बजे अस्पताल में भर्ती कराया था और चिकित्सकों के उपचार के बाद उसकी तबीयत में थोड़ा सुधार हो गया लेकिन थोड़ी देर बाद फिर से उसकी तबीयत खराब हो गई। इस पर चिकित्सकों ने रविदत्त से कहा कि एक इंजेक्शन आएगा जो पलवल या फरीदाबाद मिल सकता है। रवि ने जैसे-तैसे वह इंजेक्शन पलवल स्थित एपेक्स अस्पताल से मंगवा लिया और चिकित्सकों को दे दिया। चिकित्सकों ने ड्रिप के माध्यम से कुंदन को इंजेक्शन दिया तो अचानक उसके हाथ-पैर अकड़ गए। इस पर चिकित्सकों के हाथ पैर फूल गए। उन्होंने परिजनों को कमरे से बाहर निकाल दिया और मरीज के शरीर को कई चिकित्सक दबाने लगे तथा चंद मिनटों में कुंदन की मौत हो गई। उसके बाद चिकित्सकों ने कहा, आप इसे आगे ले जा सकते हैं। रविदत्त का आरोप है कि चिकित्सकों ने उपचार में लापरवाही बरती है, कुछ चिकित्सकों से पता किया तो उन्होंने बताया कि जो इंजेक्शन कुंदन को दिया था उसके लिए वेंटिलेटर की जरूरत होती है और इस अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं थी। पीड़ित का आरोप है कि चिकित्सकों ने उन्हें गुमराह किया है, जिससे कुंदन की मौत हुई है। कुंदन के छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं। पुलिस ने पीड़ित को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है और कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
--------------
होडल। यहां स्थित ओम अस्पताल में 30 वर्षीय दिव्यांग व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत देकर अस्पताल प्रबंधन व उपचार करने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गांव बहरोला निवासी रवि दत्त ने बताया कि गत 11 सितंबर को वह अपनी पत्नी को लेकर अपनी सुसराल गांव जुरहेड़ा (राजस्थान) गया हुआ था। जब वह अपनी पत्नी को लेकर वापस आ रहा था तो रास्ते में उसके पास सुसराल से फोन आया कि उसके साले कुंदन की अचानक तबीयत खराब हो गई है। उसे उल्टी और दस्त की शिकायत है। इस पर रविदत्त वापस सुसराल पहुंच गया और अपने बड़े साले टाइगर व कुंदन की पत्नी के साथ मरीज को लेकर उपचार के लिए होडल स्थित ओम अस्पताल में ले आया। जहां पर चिकित्सकों ने कुंदन को भर्ती कर लिया। रवि ने बताया कि कुंदन को सुबह 11 बजे अस्पताल में भर्ती कराया था और चिकित्सकों के उपचार के बाद उसकी तबीयत में थोड़ा सुधार हो गया लेकिन थोड़ी देर बाद फिर से उसकी तबीयत खराब हो गई। इस पर चिकित्सकों ने रविदत्त से कहा कि एक इंजेक्शन आएगा जो पलवल या फरीदाबाद मिल सकता है। रवि ने जैसे-तैसे वह इंजेक्शन पलवल स्थित एपेक्स अस्पताल से मंगवा लिया और चिकित्सकों को दे दिया। चिकित्सकों ने ड्रिप के माध्यम से कुंदन को इंजेक्शन दिया तो अचानक उसके हाथ-पैर अकड़ गए। इस पर चिकित्सकों के हाथ पैर फूल गए। उन्होंने परिजनों को कमरे से बाहर निकाल दिया और मरीज के शरीर को कई चिकित्सक दबाने लगे तथा चंद मिनटों में कुंदन की मौत हो गई। उसके बाद चिकित्सकों ने कहा, आप इसे आगे ले जा सकते हैं। रविदत्त का आरोप है कि चिकित्सकों ने उपचार में लापरवाही बरती है, कुछ चिकित्सकों से पता किया तो उन्होंने बताया कि जो इंजेक्शन कुंदन को दिया था उसके लिए वेंटिलेटर की जरूरत होती है और इस अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं थी। पीड़ित का आरोप है कि चिकित्सकों ने उन्हें गुमराह किया है, जिससे कुंदन की मौत हुई है। कुंदन के छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं। पुलिस ने पीड़ित को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है और कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
--------------