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Noida News: बैंकों में लावारिस पड़े 15 करोड़, वारिसों की तलाश शुरू

Sat, 22 Nov 2025 12:31 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 22 Nov 2025 12:31 AM IST
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15 crore rupees lying unclaimed in banks, search for heirs begins
म्युचुअल फंड, जनरल इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, पेंशन फंड, बीमा कंपनी में रकम डंप
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संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। जिले की बैंकों में बरसों से उपभोक्ताओं के करीब 42 हजार बैंक खाता निष्क्रिय हैं और इन 15 करोड़ रुपये लावारिश पड़ी हैं। पर इनके वारिस बैंकों को खोजे नहीं मिल रहे हैं, हालांकि कैंप लगाकर कुछ की पहचान की और उन्हें भुगतान भी किया।
लावारिस रकम के पीछे जिम्मेदारों का मानना है कि या तो बैंक खाताधारक की मृत्यु हो गई, या फिर वो रोजगार, नौकरी के चलते किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट हो गए। इसके अलावा उनके द्वारा उनके द्वारा जमा रकम का भूल जाना कारण मानते हैं।
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अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) अनुराग शर्मा ने बताया कि इसके असली वारिसों की तलाश के लिए केंद्र सरकार वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) ने आपकी पूंजी-आपका अधिकार अभियान की शुरूआत की थी। जनपद में भी अक्टूबर माह में एलडीएम के पर्यवेक्षण में विकास भवन में कैंप आयोजित किए थे। इसमें लगभग 42 हजार निष्क्रिय खातों में मिले।
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नियमानुसार 10 वर्ष तक अगर किसी खाते में लेनदेन नहीं होता है तो वह धनराशि आरबीआई के फंड में अंतरित हो जाती है। जिले की विभिन्न बैंकों में कुल 42000 निष्क्रिय खातों में करीब 15 करोड़ रुपये लावारिस हैं। इतनी ही धनराशि म्युचुअल फंड, जनरल इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, पेंशन फंड, बीमा कंपनी आदि में पड़ी हैं। सभी वारिसों की तलाश जारी है।
अभियान में बैंकों की ओर से अनक्लेम्ड राशि जिन खातों में जमा है, उनकी सूची के आधार पर वारिसों से संपर्क का प्रयास हो रहा है। कर्मचारियों को ग्राहकों के पते पर भी भेजा जा रहा है। कुछ लोग संबंधित पतों पर नहीं मिल रहे। इससे लावारिस धनराशि असली उत्तराधिकारी तक पहुंचाने में दिक्कत आ रही है।

31 दिसंबर तक चलेगा दावों के निपटान का अभियान
एलडीएम ने बताया कि इस राशि के दावों के निपटान के लिए भारत सरकार व आरबीआई के निर्देश पर 31 दिसंबर तक यह अभियान चलेगा। बैंक/अन्य वित्तीय संस्थान अपने स्तर से भी प्राप्त सूची के आधार पर अनक्लेम्ड राशि के वारिसों की तलाश कर रहे हैं। परिवार की बुनियादी जानकारी दर्ज कर विभिन्न बैंकों में लावारिस धनराशि तलाश सकते हैं। कोई मिलान होता है, तो जरूरी दस्तावेज संग संबंधित बैंक की शखा में दावा कर सकते हैं।
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