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वन विभाग से पेड़ काटने के लिए किसी विभाग ने नहीं मांगी है अनुमति
Updated Fri, 02 Nov 2018 11:28 PM IST
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वन विभाग से पेड़ काटने के लिए किसी विभाग ने नहीं मांगी है अनुमति
गुरुग्राम। एमजी रोड स्थित अरावली बायोडायवर्सिटी पार्क के बीच से दो नेशनल हाईवे बनाने के लिए पेड़ काटने के मामले में नया मोड़ आ गया है। स्थानीय निवासी पार्क से हाइवे निकालने की योजना का कड़ा विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि इन दोनों योजना के कारण बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाएंगे, जबकि वन विभाग से इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए पेड़ काटने के संबंध में किसी भी विभाग ने अनुमति नहीं मांगी है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को खुलासा किया कि एमजी रोड स्थित अरावली बायोडायवर्सिटी पार्क में पेड़ काटने एवं वहां लगे पेड़ दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए किसी भी विभाग ने उनके पास आवेदन नहीं किया है। इस कारण विभाग को अभी तक यह मालूम नहीं है कि पार्क में पेड़ काटे जाने है या फिर पेड़ शिफ्ट किए जाएंगे। उधर इस पार्क का रखरखाव कर रही आईएम गुरुग्राम नामक एनजीओ की प्रमुख लतिका ठुकराल भी स्वीकार कर रही हैं कि अभी तक उनको और स्थानीय निवासियों को भी पार्क से पेड़ काटने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि हाईवे बनाने के कारण यह पार्क पूरी तरह नष्ट हो जाएगा। करीब आठ साल पहले इस पार्क को बड़ी मेहनत करके विकसित किया गया था। इस कारण स्थानीय निवासी पार्क के अंदर से हाईवे निकालने का विरोध कर रहे है।
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गुरुग्राम। एमजी रोड स्थित अरावली बायोडायवर्सिटी पार्क के बीच से दो नेशनल हाईवे बनाने के लिए पेड़ काटने के मामले में नया मोड़ आ गया है। स्थानीय निवासी पार्क से हाइवे निकालने की योजना का कड़ा विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि इन दोनों योजना के कारण बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाएंगे, जबकि वन विभाग से इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए पेड़ काटने के संबंध में किसी भी विभाग ने अनुमति नहीं मांगी है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को खुलासा किया कि एमजी रोड स्थित अरावली बायोडायवर्सिटी पार्क में पेड़ काटने एवं वहां लगे पेड़ दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए किसी भी विभाग ने उनके पास आवेदन नहीं किया है। इस कारण विभाग को अभी तक यह मालूम नहीं है कि पार्क में पेड़ काटे जाने है या फिर पेड़ शिफ्ट किए जाएंगे। उधर इस पार्क का रखरखाव कर रही आईएम गुरुग्राम नामक एनजीओ की प्रमुख लतिका ठुकराल भी स्वीकार कर रही हैं कि अभी तक उनको और स्थानीय निवासियों को भी पार्क से पेड़ काटने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि हाईवे बनाने के कारण यह पार्क पूरी तरह नष्ट हो जाएगा। करीब आठ साल पहले इस पार्क को बड़ी मेहनत करके विकसित किया गया था। इस कारण स्थानीय निवासी पार्क के अंदर से हाईवे निकालने का विरोध कर रहे है।
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