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टॉय पार्क में 134 कंपनियों को मिली जमीन, 410 करोड़ का होगा निवेश

Sat, 07 Aug 2021 01:10 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 07 Aug 2021 01:10 AM IST
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134 companies got land in toy park, investment of 410 crores will be done
ग्रेटर नोएडा। चीन के खिलौनों को मात देने के लिए यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-33 में 100 एकड़ में टॉय पार्क बसना शुरू हो गया है। इसमें 134 कंपनियों को 53.51 एकड़ में भूमि आवंटित कर दी गईं हैं। ये कंपनियां टॉय सिटी में लगभग 410.13 करोड़ रुपये निवेश करेंगी। वहीं, 6157 लोगों को निवेश के अवसर मिलेंगे। टॉय पार्क में कंपनियों के संचालन के बाद भारतीय और वैश्विक बाजार में खिलौना कारोबार में चीन की निर्भरता काफी कम हो जाएगी।
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यमुना प्राधिकरण के निवेश प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पिछले साल वैश्विक खिलौना कारोबार में देश की हिस्सेदारी बढ़ाने का आह्वान किया था। प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश पर टॉय पार्क बसाया जा रहा है। पार्क में जमीन लेने वाली राष्ट्रीय कंपनियों में फन जू टॉयज इंडिया, फन राइड टॉयज एलएलपी, सुपर शूज, आयुष टॉय मार्केटिंग, सनलॉर्ड अपैरल, भारत प्लास्टिक, जय श्री कृष्णा, गणपति क्रिएशंस और आरआरएस ट्रेडर्स शामिल हैं। फन जू टॉयज इंडिया और फन राइड टॉयज जैसी खिलौना उद्योग की प्रमुख कंपनियों का यहां निवेश अधिक महत्व रखता है, क्योंकि ये कंपनियां चीन के खिलौना निर्माताओं के एकाधिकार को चुनौती दे सकती हैं।
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हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती यह है कि खिलौना निर्माण व्यवसाय में 4,000 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों में से 90 प्रतिशत असंगठित क्षेत्र में हैं। सरकार टॉय पार्क की गुणवत्ता का भरोसा देते हुए भारतीय खिलौनों में आने वाले निर्माण की लागत को कम करना चाहती है। सरकार चीन के खिलौनों के मुकाबले उच्च गुणवत्ता, अधिक टिकाऊ और सस्ता उत्पादन करने के लिए निर्माताओं से अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग की उम्मीद कर रही है।
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चीन से आयात पर कस्टम ड्यूटी बढ़ी
भारत ने चीन से आयात होने वाले खिलौनों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 20 से 60 फीसदी कर दी है। इससे चीन से आने वाले खिलौने महंगे हो गए हैं। इस परिस्थिति से निपटने और चीन के खिलौनों को मात देने के लिए टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों ने भी यीडा के अधिकारियों से मुलाकात की थी। एसोसिएशन के प्रतिनिधि प्राधिकरण के चेयरमैन आलोक टंडन से भी मुलाकात कर चुके हैं। टॉय सिटी में मिट्टी, रबड़, कपड़े सहित सभी तरह के छोटे-बड़े खिलौने बनाए जाएंगे।

कॉमन फैसिलिटी सेंटर करेगा उद्यमियों की राह आसान
टॉय एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी थी कि वह एक कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी बनाएंगे। इसमें सभी के लिए लैब बनेगी। इससे उद्यमी पर बोझ नहीं बढ़ेगा, उन्हें हर यूूनिट में अलग लैब नहीं बनानी होगी। इससे उन पर खर्च का बोझ भी कम पड़ेगा।
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